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घरेलु हिंसा:

Thu, 24 May 2018 12:41 AM IST
Updated Thu, 24 May 2018 12:41 AM IST
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घरेलु हिंसा:
डेढ़ वर्ष में पति के हाथों मार खा चुकी हैं 608 पत्नियां
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सिरसा। पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के साथ मारपीट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसका खुलासा महिला हेल्प लाइन 1091 से हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2018 में घरेलू हिंसा की घटनाओं में काफी इजाफा हो रहा है। एक जनवरी से 30 अप्रैल 2018 तक 275 पत्नियों को उनके पति पिटाई कर चुके हैं जबकि वर्ष 2017 में यह संख्या 313 रही। पति के हाथों मार खाने वाली पत्नियों ने हेल्प लाइन पर शिकायत तो की, लेकिन माफी मांगने पर उन्होंने अपने पति को माफ भी कर दिया। पत्नियों के साथ मारपीट की सबसे ज्यादा घटनाएं अप्रैल 2018 में हुईं हैं। इस महीने 107 महिलाओं ने हेल्प लाइन पर कॉल करके अपनी शिकायत दी। खास बात यह है कि घरेलू हिंसा के ज्यादातर मामलों का निपटारा दोनों पक्षों को समझाकर किया जाता है ताकि परिवार न टूटे। एक जनवरी 2018 से लेकर 30 अप्रैल 2018 तक ऐसे 24 मामलों में पुलिस ने अभियोग दर्ज किए। एक जनवरी 2017 से 30 अप्रैल 2018 तक 608 महिलाओं ने महिला हेल्प लाइन 1091 पर कॉल करके बताया कि मेरा पति मुझसे मारपीट कर रहा है’। महिलाओं से छेड़छाड़ की जहां तक बात है तो महिला हेल्प लाइन पर पिछले डेढ़ वर्ष में छेड़छाड़ से जुड़ी 122 कॉल आईं। इसके बाद संबंधित थाना पुलिस ने महिला की लिखित शिकायत पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।
22 बाल विवाह रुकवाए
1091 पर के जरिए 22 नाबालिगों को बालिका वधू बनने से बचाया जा सका है। पिछले डेढ़ वर्ष में बाल विवाह से जुड़ी 22 शिकायतें महिला हेल्प लाइन पर आई। महिला पुलिस ने संबंधित थाने में फोन करके मौके पर पुलिस भेजकर बाल विवाह को रुकवाने का काम किया। बाल विवाह से जड़ी शिकायतों में से सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों से आई।
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डेढ़ वर्ष में 673 मिस कॉलें
महिला हेल्प लाइन नंबर (1091) पर काफी मिस कॉलें आती हैं। बहुत से लोग हेल्प लाइन नंबर पर मिस कॉल करके फोन काट देते हैं। महिला पुलिस मिस कॉल वाले नंबर पर कॉल करती है तो जवाब मिलता है बच्चों ने गलती से नंबर डायल कर दिया। एक जनवरी 2017 से लेकर 30 अप्रैल 2018 तक हेल्प लाइन नंबर पर 673 मिस कॉलें आ चुकी हैं।
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साहस जगाने का काम किया
महिला हेल्प लाइन ने महिलाओं में हिम्मत भरने का काम किया है। महिलाओं व शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं को किसी प्रकार की परेशानी होती है तो वे हेल्प लाइन पर कॉल करके हेल्प या सुरक्षा मांगती हैं। सिरसा में डोमेस्टिक वायलेंस की शिकायतों पर सबसे ज्यादा कॉल आ रही हैं। अन्य कॉलों में फोन कॉल कर परेशान करना, छेड़छाड़, आपत्तिजनक एसएमएस भेजने, अश्लील फब्तियां कसने या पीछा करके तंग करने की होती है। महिला थाने में 24 घंटे सादी वर्दी में महिला पुलिस कर्मी कॉल सुनने के लिए तैनात रहती है। महिला थाना इंचार्ज सुनीता का कहना है कि महिला हेल्प लाइन से महिलाओं को काफी लाभ हो रहा है। देर रात को महिला फोन करके हेल्प मांगती है तो महिला पुलिस की पीसीआर मौके पर जाकर महिला की सहायता करती है। महिलाओं में जागरूकता काफी बढ़ती जा रही है। हेल्प लाइन ने उनमें साहस जगाने का काम किया है।
लगातार होता है फॉलोअप
हेल्प लाइन डेस्क को मिली शिकायतों का लगातार फॉलोअप होता है। समस्या का समाधान न होने तक महिला पुलिस कर्मी पीड़ित महिला के संपर्क में रहती हैं। उनसे पूछा जाता है कि उन्हें दोबारा कोई परेशान तो नहीं हो रही। महिला हेल्प लाइन डेस्क पर तेज तर्रार महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती है। इन महिला पुलिस कर्मियों को जिले की भौगोलिक स्थिति की भली भांति पूरी जानकारी है जिससे आपात स्थिति में पीड़ित महिला को मदद भेजने में कोई परेशानी नहीं आती।

वर्ष 2018 में घरेलू हिंसा की स्थिति
माह कॉल
जनवरी 25
फरवरी 67
मार्च 96
अप्रैल 107
महिला हेल्प लाइन पर जो भी सूचना आती है, उसे गंभीरता से लिया जाता है। संबंधित क्षेत्र की पुलिस को तत्काल वहां भेजा जाता है। यह तो वहीं जाकर ही पता चलता है कि सूचना फर्जी थी या सही। तुरंत प्रभाव से महिला के पास सहायता पहुंचाना इस हेल्प लाइन का मुख्य उद्देश्य है। कोई पीछा कर रहा हो, बुरा बरताव करता हो, मारपीट या किसी प्रकार से महिला को परेशान किया जाता हैै तो 24 घंटे महिला पुलिस हेल्प के लिए हाजिर मिलेगी।
सुनीता, इंचार्ज महिला पुलिस थाना सिरसा।
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