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होमवर्क न करने पर टीचर ने बच्चे को पीटा, मामला बढ़ा तो मांगी माफी
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ओढां। ओढां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक टीचर ने मासूम बच्चे की डंडो से बेरहमी से पिटाई कर दी। चोटिल छात्र को ओढां के सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में भर्ती करवाया गया है। मामला बढने के बाद आरोपी की ओर से कई शिक्षकों ने परिजनों को मनाने की कोशिश की। वहीं सूचना पाकर पुलिस ने विद्यालय में पहुंचकर मामले की जानकारी ली। इस मामले को लेकर बीईओ व आरोपी पक्ष की ओर से कई शिक्षक तथा मौजिज व्यक्ति थाने में पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। लेकिन परिजन आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने पर अड़े रहे। वहीं इस मामले में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने छात्र व परिजनों को सिरसा बुलाया। काउंसलिग की चेयरपर्सन अनीता वर्मा, सदस्य सुदेश रानी, गीता कथूरिया, पूर्णचंद एडवोकेट ने करीब 25 मिनट तक बच्चे की काउंसिलिंग की। सीडब्लयूसी की रिपोर्ट पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
ओढां निवासी महिला जसविंद्र कौर के मुताबिक उसका 13 वर्षीय बेटा सातवीं कक्षा में पढ़ता है। सोमवार को वह स्कूल से गुमसुम अवस्था में घर लौटा और आते ही सो गया। जसविन्द्र कौर ने बताया कि मंगलवार सुबह जब उसने उसे जब स्कूल जाने के लिए कहा तो उसने रोते हुए स्कूल जाने से इंकार कर दिया। इस घटना का पता जसविंद्र कौर को उस समय लगा जब उसने अपने बेटे को स्कूल भेजने के लिए नहलाने हेतू उसके कपड़े खोले। तो पाया कि बच्चे की पीठ, पैर, हाथ व गर्दन पर निशान पड़े हुए थे। जिसके बाद जसविंद्र कौर अपने बच्चे को लेकर स्कूल में पहुंची। लेकिन कोई संतुष्टिजनक उत्तर न मिलने पर जसविंद्र कौर ने अपने बेटे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवा दिया। मामला बढ़ता देखकर स्कूल से कई शिक्षक आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने छात्र की मां जसविंद्र कौर से कहा कि वे आरोपी शिक्षक से माफी मंगवा देते हैं। इसलिए इस मामले को यहीं निपटा देना ठीक है। वहीं इस मामले को लेकर अध्यापक व कुछ अन्य लोग जसविंद्र कौर को मनाने में लगे रहे। लेकिन महिला ने कहा कि वह किसी तरह का राजीनामा न कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई चाहती है। इस मामले में पुलिस ने जब आरोपी टीचर को थाने में बुलाया तो बीईओ हरमेल सिंह, आरोपी शिक्षक, स्टाफ सदस्य व कुछ अन्य लोग थाने में पहुंचे। जहां घंटे बातचीत का दौर चलता रहा लेकिन महिला ने स्पष्ट इंकार करते हुए कहा कि हो सकता है कि बच्चे ने कोई गलती कर दी हो। लेकिन उसकी ये सजा देना कहां तक उचित है।
महिला अपने बच्चे को लेकर मेरे पास आई थी। बच्चे के शरीर पर डंडे के निशान हैं। बच्चे को ऐसी सजा देना सरासर गलत है। शिक्षक ने गलत किया है। इस विषय में हम शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करेंगे।
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- हरमेल सिंह, बीईओ, ओढां।
मनजोत को जो होमवर्क दिया गया था। वो उसे पूरा नहीं कर पाया। इसलिए मैंने उसे डांटते हुए हल्के से 2-3 थप्पड़ ही मारे थे। जब वह बैठने लगा तो अन्य बच्चों ने उसे कुछ कह दिया था। जिस पर मनजोत ने बच्चों को गाली निकाली तो मुझे गुस्सा आ गया। हां, स्वीकार करता हूं कि मैंने मनजोत को डंडे मारे हैं। इसके लिए मुझे काफी खेद भी है। मैं मानता हूं कि मेरे से काफी बड़ी गलती हुई है। लेकिन मेरी छात्र के साथ कोई रंजिश नहीं थी। ये सब आवेश की वजह से हो गया।
- हरपाल सिंह, आरोपी शिक्षक ।
बच्चे की काउंसलिग की गई। उसकी पीठ पर काफी निशान थे। आरोपी शिक्षक के खिलाफ जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाने के लिए पुलिस को हिदायत दे दी गई है।
- अनीता वर्मा, चेयरपर्सन, सीडब्लूसी, सिरसा।
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ओढां निवासी महिला जसविंद्र कौर के मुताबिक उसका 13 वर्षीय बेटा सातवीं कक्षा में पढ़ता है। सोमवार को वह स्कूल से गुमसुम अवस्था में घर लौटा और आते ही सो गया। जसविन्द्र कौर ने बताया कि मंगलवार सुबह जब उसने उसे जब स्कूल जाने के लिए कहा तो उसने रोते हुए स्कूल जाने से इंकार कर दिया। इस घटना का पता जसविंद्र कौर को उस समय लगा जब उसने अपने बेटे को स्कूल भेजने के लिए नहलाने हेतू उसके कपड़े खोले। तो पाया कि बच्चे की पीठ, पैर, हाथ व गर्दन पर निशान पड़े हुए थे। जिसके बाद जसविंद्र कौर अपने बच्चे को लेकर स्कूल में पहुंची। लेकिन कोई संतुष्टिजनक उत्तर न मिलने पर जसविंद्र कौर ने अपने बेटे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवा दिया। मामला बढ़ता देखकर स्कूल से कई शिक्षक आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने छात्र की मां जसविंद्र कौर से कहा कि वे आरोपी शिक्षक से माफी मंगवा देते हैं। इसलिए इस मामले को यहीं निपटा देना ठीक है। वहीं इस मामले को लेकर अध्यापक व कुछ अन्य लोग जसविंद्र कौर को मनाने में लगे रहे। लेकिन महिला ने कहा कि वह किसी तरह का राजीनामा न कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई चाहती है। इस मामले में पुलिस ने जब आरोपी टीचर को थाने में बुलाया तो बीईओ हरमेल सिंह, आरोपी शिक्षक, स्टाफ सदस्य व कुछ अन्य लोग थाने में पहुंचे। जहां घंटे बातचीत का दौर चलता रहा लेकिन महिला ने स्पष्ट इंकार करते हुए कहा कि हो सकता है कि बच्चे ने कोई गलती कर दी हो। लेकिन उसकी ये सजा देना कहां तक उचित है।
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महिला अपने बच्चे को लेकर मेरे पास आई थी। बच्चे के शरीर पर डंडे के निशान हैं। बच्चे को ऐसी सजा देना सरासर गलत है। शिक्षक ने गलत किया है। इस विषय में हम शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करेंगे।
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- हरमेल सिंह, बीईओ, ओढां।
मनजोत को जो होमवर्क दिया गया था। वो उसे पूरा नहीं कर पाया। इसलिए मैंने उसे डांटते हुए हल्के से 2-3 थप्पड़ ही मारे थे। जब वह बैठने लगा तो अन्य बच्चों ने उसे कुछ कह दिया था। जिस पर मनजोत ने बच्चों को गाली निकाली तो मुझे गुस्सा आ गया। हां, स्वीकार करता हूं कि मैंने मनजोत को डंडे मारे हैं। इसके लिए मुझे काफी खेद भी है। मैं मानता हूं कि मेरे से काफी बड़ी गलती हुई है। लेकिन मेरी छात्र के साथ कोई रंजिश नहीं थी। ये सब आवेश की वजह से हो गया।
- हरपाल सिंह, आरोपी शिक्षक ।
बच्चे की काउंसलिग की गई। उसकी पीठ पर काफी निशान थे। आरोपी शिक्षक के खिलाफ जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाने के लिए पुलिस को हिदायत दे दी गई है।
- अनीता वर्मा, चेयरपर्सन, सीडब्लूसी, सिरसा।