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बिना मान्यता के चल रहे तीन स्कूलों पर जड़ा ताला
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सिरसा। जिला मौलिक शिक्षा विभाग ने शनिवार को औचक निरीक्षण करने के बाद जिले के तीन स्कूलों पर ताला जड़ दिया। सुबह डीईईओ धनपतराम ने जब निरीक्षण किया तो पता चला कि किसी भी स्कूल के दस्तावेज पूरे नहीं हैं। एक स्कूल घर में चल रहा है। जिले में करीब 70 स्कूलों के पास मान्यता नहीं है।
शनिवार सुबह जब जिला मौलिक शिक्षा विभाग अधिकारी धनपतराम तथा रामकुमार ने औचक निरीक्षण किया। सबसे पहले सिरसा काठ मंडी के भगवती देवी नंदलाल स्कूल में जांच की गई। स्कूल संचालक न तो मान्यता का कोई रिकॉर्ड दिखा पाया और ना ही कोई स्कूल का रिकार्ड मिला। स्कूल संचालक ने कहा कि हमने मान्यता के लिए फाइल लगा रखी है। टीम ने स्कूल पर ताला जड़ दिया।
इसके बाद टीम ने थेहड़ मोहल्ले में चले रहे स्कूल का निरीक्षण किया। शहीद ऊधम सिंह पब्लिक स्कूल थेहड़ मोहल्ला में जांच के दौरान पता चला कि इस स्कूल के पास भी मान्यता नहीं है। पांचवीं कक्षा तक के कोई भी कागजात पूरे नहीं होने के कारण स्कूल को बंद कर दिया गया है। वहीं थेहड़ मोहल्ले में ही चल रहे रविंद्र नाथ टैगोर पब्लिक स्कूल के पास तो खुद की इमारत भी नहीं पाई गई। स्कूल एक घर में ही चलाया जा रहा था। इस स्कूल के पास भी कोई दस्तावेज नहीं मिले। टीम ने इस स्कूल को भी स्थायी रूप से ताला लगा दिया गया। सभी स्कूलों में 350 के करीब बच्चों के दाखिले थे। इन स्कूलों ने दूसरे स्कूलों में एडमिशन करवाया हुआ था और अपने स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे थे।
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कक्षा एक से पांचवीं तक चल रहे थे स्कूल
सभी बच्चे पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थी हैं। शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि निजी स्कूलों ने अपने फायदे के लिए बच्चों का भविष्य खराब कर रहे हैं। इससे निजी स्कूल अभिभावकों से ज्यादा फीस लेकर दाखिला करते हैं तथा उनके स्कूलों की मान्यता भी नहीं होती। इसी के साथ जो स्कूल अपने जहां बच्चों के दाखिले करते हैं इन स्कूलों में भेज देेेता है, वह स्कूल यहां से भी पैसे लेते हैं। इन स्कूलों में जो स्टाफ रखा जाता है, उन्हें भी शिक्षा तथा नियम के बारे में कोई जानकारी नहीं होती।
स्कूलों के कागजात नहीं पूरे होने के कारण हमने तीनों स्कूलों के ताला जड़ दिया है। जिसमें किसी भी स्कूल की मान्यता नहीं है। वहीं स्कूल भगवती देवी नंदलाल में 250 के करीब बच्चे मिले। कागजात पूरे होने के बाद स्कूल को खोल दिया जाएगा। ऊधम सिंह पब्लिक स्कूल में तथा रविंद्र नाथ टैगोर स्कूल में 100 के करीब बच्चे हैं। इन स्कूलों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। जो बच्चे पढ़ रहे हैं, उनके दाखिले जिन स्कूलों में चल रहे हैं, उनमें भेज दिया जाएगा, या फिर सरकारी स्कूल में भेजा जाएगा। यदि दोबारा स्कूल संचालकों ने स्कूल खोले तो सील लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
- धनपतराम, डीईईओ अधिकारी, सिरसा।
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शनिवार सुबह जब जिला मौलिक शिक्षा विभाग अधिकारी धनपतराम तथा रामकुमार ने औचक निरीक्षण किया। सबसे पहले सिरसा काठ मंडी के भगवती देवी नंदलाल स्कूल में जांच की गई। स्कूल संचालक न तो मान्यता का कोई रिकॉर्ड दिखा पाया और ना ही कोई स्कूल का रिकार्ड मिला। स्कूल संचालक ने कहा कि हमने मान्यता के लिए फाइल लगा रखी है। टीम ने स्कूल पर ताला जड़ दिया।
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इसके बाद टीम ने थेहड़ मोहल्ले में चले रहे स्कूल का निरीक्षण किया। शहीद ऊधम सिंह पब्लिक स्कूल थेहड़ मोहल्ला में जांच के दौरान पता चला कि इस स्कूल के पास भी मान्यता नहीं है। पांचवीं कक्षा तक के कोई भी कागजात पूरे नहीं होने के कारण स्कूल को बंद कर दिया गया है। वहीं थेहड़ मोहल्ले में ही चल रहे रविंद्र नाथ टैगोर पब्लिक स्कूल के पास तो खुद की इमारत भी नहीं पाई गई। स्कूल एक घर में ही चलाया जा रहा था। इस स्कूल के पास भी कोई दस्तावेज नहीं मिले। टीम ने इस स्कूल को भी स्थायी रूप से ताला लगा दिया गया। सभी स्कूलों में 350 के करीब बच्चों के दाखिले थे। इन स्कूलों ने दूसरे स्कूलों में एडमिशन करवाया हुआ था और अपने स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे थे।
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कक्षा एक से पांचवीं तक चल रहे थे स्कूल
सभी बच्चे पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थी हैं। शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि निजी स्कूलों ने अपने फायदे के लिए बच्चों का भविष्य खराब कर रहे हैं। इससे निजी स्कूल अभिभावकों से ज्यादा फीस लेकर दाखिला करते हैं तथा उनके स्कूलों की मान्यता भी नहीं होती। इसी के साथ जो स्कूल अपने जहां बच्चों के दाखिले करते हैं इन स्कूलों में भेज देेेता है, वह स्कूल यहां से भी पैसे लेते हैं। इन स्कूलों में जो स्टाफ रखा जाता है, उन्हें भी शिक्षा तथा नियम के बारे में कोई जानकारी नहीं होती।
स्कूलों के कागजात नहीं पूरे होने के कारण हमने तीनों स्कूलों के ताला जड़ दिया है। जिसमें किसी भी स्कूल की मान्यता नहीं है। वहीं स्कूल भगवती देवी नंदलाल में 250 के करीब बच्चे मिले। कागजात पूरे होने के बाद स्कूल को खोल दिया जाएगा। ऊधम सिंह पब्लिक स्कूल में तथा रविंद्र नाथ टैगोर स्कूल में 100 के करीब बच्चे हैं। इन स्कूलों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। जो बच्चे पढ़ रहे हैं, उनके दाखिले जिन स्कूलों में चल रहे हैं, उनमें भेज दिया जाएगा, या फिर सरकारी स्कूल में भेजा जाएगा। यदि दोबारा स्कूल संचालकों ने स्कूल खोले तो सील लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
- धनपतराम, डीईईओ अधिकारी, सिरसा।