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कैदियों को अफीम सप्लाई करने वाले जेल वार्डन को तीन माह कैद
Updated Sat, 13 Jan 2018 01:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
जेल में कैदियों को नशीले पदार्थों की तस्करी और मोबाइल पहुंचाने वाले जेल वार्डन को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने तीन महीने कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने जेल वार्डन राजेश कुमार को 200 रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न भरने पर सात दिन अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वार्डन राजेश कुमार को वर्ष 2013 में कैदी को अफीम सप्लाई करते हुए जेल प्रशासन ने रंगे हाथों दबोचा था।
मामले के अनुसार 10 नवंबर 2013 को जेल वार्डन राजेश कुमार अपने जूतों में अफीम छुपाकर जेल गया। उसके ही साथी जेल वार्डनों को उसकी हरकताें पर संदेह हो गया। जेल के अंदर उसकी तलाशी ली गई तो जूते में छुपाकर रखी गई अफीम बरामद हुई। जेल अधीक्षक ने घटना की सूचना शहर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने जेल पहुंचकर वार्डन राजेश को हिरासत में ले लिया। पूछताछ और जांच के दौरान कैदी गुरदेव सिंह उर्फ टीनू निवासी ऐलनाबाद ने पुलिस को बताया कि उसने वार्डन राजेश से अफीम मंगवाई थी। उसने फोन करके राजेश को अफीम लाकर देने को बोला था। इस घटना से खुलासा हो गया कि सिरसा जेल में कैदियों तक नशे का सामान और मोबाइल फोन जेल वार्डन ही पहुंचाते हैं। इसकी एवज में जेल वार्डनों द्वारा कैदियों से मोटी रकम वसूल की जाती है। जेल अधीक्षक की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने वार्डन राजेश कुमार के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सविता की अदालत में चार साल तक इस मामले की सुनवाई हुई। शुक्रवार को इस मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने जेल वार्डन राजेश कुमार को जेल में मादक पदार्थ की तस्करी करने का दोषी करार देते हुए उसे तीन महीने कैद की सजा सुनाई।
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सिरसा।
जेल में कैदियों को नशीले पदार्थों की तस्करी और मोबाइल पहुंचाने वाले जेल वार्डन को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने तीन महीने कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने जेल वार्डन राजेश कुमार को 200 रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न भरने पर सात दिन अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वार्डन राजेश कुमार को वर्ष 2013 में कैदी को अफीम सप्लाई करते हुए जेल प्रशासन ने रंगे हाथों दबोचा था।
मामले के अनुसार 10 नवंबर 2013 को जेल वार्डन राजेश कुमार अपने जूतों में अफीम छुपाकर जेल गया। उसके ही साथी जेल वार्डनों को उसकी हरकताें पर संदेह हो गया। जेल के अंदर उसकी तलाशी ली गई तो जूते में छुपाकर रखी गई अफीम बरामद हुई। जेल अधीक्षक ने घटना की सूचना शहर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने जेल पहुंचकर वार्डन राजेश को हिरासत में ले लिया। पूछताछ और जांच के दौरान कैदी गुरदेव सिंह उर्फ टीनू निवासी ऐलनाबाद ने पुलिस को बताया कि उसने वार्डन राजेश से अफीम मंगवाई थी। उसने फोन करके राजेश को अफीम लाकर देने को बोला था। इस घटना से खुलासा हो गया कि सिरसा जेल में कैदियों तक नशे का सामान और मोबाइल फोन जेल वार्डन ही पहुंचाते हैं। इसकी एवज में जेल वार्डनों द्वारा कैदियों से मोटी रकम वसूल की जाती है। जेल अधीक्षक की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने वार्डन राजेश कुमार के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सविता की अदालत में चार साल तक इस मामले की सुनवाई हुई। शुक्रवार को इस मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने जेल वार्डन राजेश कुमार को जेल में मादक पदार्थ की तस्करी करने का दोषी करार देते हुए उसे तीन महीने कैद की सजा सुनाई।
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