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पंचायती समझौते के बाद भी नहीं लौटाया दहेज का सामान, केस दर्ज

Sun, 02 Dec 2018 02:00 AM IST
Updated Sun, 02 Dec 2018 02:00 AM IST
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पंचायती समझौते के बाद भी नहीं लौटाया दहेज का सामान, केस दर्ज
संतान नहीं हुई तो ससुराल वालों ने महिला को तलाक के लिए किया मजबूर
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सिरसा। गांव पन्नीवाला रूलदू निवासी एक विवाहिता को शादी के काफी समय तक संतान नहीं होने पर सुसराल पक्ष ने उसको प्रताड़ित किया और तलाक देने के लिए मजबूर करने लगे।। ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाहिता की शादी में दिया गया दहेज का सामान भी खुर्दबुर्द कर दिया। बार-बार दी जा रही प्रताड़ना से तंग आकर शुक्रवार को विवाहिता ने थाने में दहेज के लिए प्रताड़ित करने व उसकी शादी में दिया गया सामान खुर्द बुर्द करने के आरोप में धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। पुलिस ने महिला के पति हरजिंद्र सिंह, सास जसबीर कौर व ससुर पाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

मामले के अनुसार गांव पन्नीवाला रूलदू निवासी एक महिला की शादी गांव तारूआना निवासी युवक के साथ 16 नवंबर 2014 को की थी। शादी पूरे रीति रिवाजों के साथ हुई। शादी के काफी समय बाद तक महिला को कोई संतान नहीं हुई। इस पर ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे मुद्दा बनाकर विवाहिता को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। परिवार के लोगों ने कई बार पंचायतें कर घर को टूटने से बचाने का प्रयास किया, लेकिन ससुराल पक्ष अपनी बात पर अड़े रहे। तलाक की बातें होने पर विवाहिता मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। महिला की स्थिति सही होने के बाद 25 मई 2016 को पहली बार रानियां रोड पर एक पंचायत हुई। पंचायत में फैसला हुआ कि विवाहिता का स्त्रीधन एक सप्ताह के अंदर उसका पति उसे सौंप देगा व पंचायती राजीनामा के अनुसार प्रार्थीया का खर्चा, शादी व भरण पोषण की निर्धारित राशि तय की गई तिथि के अनुसार दी जाएगी। 1 दिसंबर 2016 को तलाक के लिए दोनों पक्षों से बातचीत की गई। पंचायती राजीनामे के अनुसार जब महिला के परिजनों ने सामान व खर्च की राशि मांगी तो मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि एक बार फिर से प्रयास किया जाए। ताकि इनका घर बस जाए। हालांकि परिवार के प्रमुख लोगों ने परिवार को टूटने से बचाने के प्रयास किए लेकिन उसके ससुराल पक्ष के लोग सहमति नहीं हुए। महिला ने इसके बाद कोर्ट में सामान व शादी में हुए खर्च वापस लेने के लिए याचिका लगाई तो कोर्ट ने एक सप्ताह में सामान व राशि देने के आदेश दिए। ससुराल पक्ष के लोगों ने तलाक के कागजातों पर उससे हस्ताक्षर करवा लिए। वहीं जब परिवार के लोगों ने ससुराल पक्ष के लोगों से सामान व खर्च की राशि मांगी तो वे साफ मुकर गए। जिसके बाद उन्होंने दोबारा से कोर्ट में याचिका लगाई। कोर्ट ने एसपी को मामले में जांच कर सामान व राशि दिलवाने के आदेश जारी किए। एसपी की शिकायत पर रात्रि को पुलिस ने महिला के पति, सास व ससुर पर केस दर्ज किया है।
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