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घुसखोर पुलिसकर्मी को पांच साल की सजा
Updated Sat, 13 Jan 2018 01:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
केस को कमजोर करने की एवज में आरोपी से रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिस कर्मी को जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी करार देते हुए पांच साल कैद और 12 हजार रुपये अर्थदंड की सुनाई है। रिश्वत मांग रहे हवलदार राम कुमार को स्टेट विजिलेंस ब्यूरों की टीम ने चार हजार रुपये रिश्वत के साथ रंगे हाथों दबोचा था।
मामले के अनुसार गांव फतेहपुरिया नियामत खां निवासी प्रहलाद के खिलाफ दिसंबर 2015 को बड़ागुढ़ा पुलिस थाने में झगड़े का केस दर्ज हुआ था। इस मामले में जांच अधिकारी हवलदार राम कुमार ने केस को कमजोर करने की एवज में आरोपी प्रहलाद से चार हजार रुपये मांगे। प्रहलाद ने इसकी शिकायत स्टेट विजिलेंस ब्यूरो से की। 16 अप्रैल 2016 को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की टीम सिरसा पहुंची और उपायुक्त से जांच अधिकारी को रंगे हाथों दबोचने की अनुमति मांगी। उपायुक्त ने तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। इसके बाद विजिलेंस की टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ बड़गुढ़ा पहुंची। विजिलेंस ने प्रहलाद को 500-500 के आठ नोट दिए। इसके बाद प्रहलाद ने हवलदार राम कुमार को फोन करके चाय की दुकान पर बुलाया। राम कुमार ने जैसे ही प्रहलाद से चार हजार रुपये अपने हाथों में लिए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज करके उसे अदालत में पेश किया गया। शुक्रवार दोपहर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने राम कुमार को रिश्वत लेने के जुर्म में पांच साल कैद की सजा सुना दी।
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सिरसा।
केस को कमजोर करने की एवज में आरोपी से रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिस कर्मी को जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी करार देते हुए पांच साल कैद और 12 हजार रुपये अर्थदंड की सुनाई है। रिश्वत मांग रहे हवलदार राम कुमार को स्टेट विजिलेंस ब्यूरों की टीम ने चार हजार रुपये रिश्वत के साथ रंगे हाथों दबोचा था।
मामले के अनुसार गांव फतेहपुरिया नियामत खां निवासी प्रहलाद के खिलाफ दिसंबर 2015 को बड़ागुढ़ा पुलिस थाने में झगड़े का केस दर्ज हुआ था। इस मामले में जांच अधिकारी हवलदार राम कुमार ने केस को कमजोर करने की एवज में आरोपी प्रहलाद से चार हजार रुपये मांगे। प्रहलाद ने इसकी शिकायत स्टेट विजिलेंस ब्यूरो से की। 16 अप्रैल 2016 को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की टीम सिरसा पहुंची और उपायुक्त से जांच अधिकारी को रंगे हाथों दबोचने की अनुमति मांगी। उपायुक्त ने तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। इसके बाद विजिलेंस की टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ बड़गुढ़ा पहुंची। विजिलेंस ने प्रहलाद को 500-500 के आठ नोट दिए। इसके बाद प्रहलाद ने हवलदार राम कुमार को फोन करके चाय की दुकान पर बुलाया। राम कुमार ने जैसे ही प्रहलाद से चार हजार रुपये अपने हाथों में लिए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज करके उसे अदालत में पेश किया गया। शुक्रवार दोपहर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने राम कुमार को रिश्वत लेने के जुर्म में पांच साल कैद की सजा सुना दी।
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