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Sirsa News: नगर परिषद में भ्रष्टाचार, रुपये लेकर अवैध प्रॉपर्टी को वैध दिखा करवाईं रजिस्ट्रियां, ईओ बोले- टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों से मांगी डिटेल

Wed, 16 Oct 2024 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 16 Oct 2024 01:26 AM IST
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Corruption in Municipal Council, registries got illegal properties shown as legitimate by taking money, EO said - sought details from tax branch employees
सिरसा। नगर परिषद की टैक्स ब्रांच में कर्मचारियों से जानकारी लेते श्रवण सिंह। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। नगर परिषद में नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी) को लेकर हुए भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं। शहर में बड़े स्तर पर अवैध संपत्तियों को वैध करके रजिस्ट्रियां करवाई गई हैं। इसकी शिकायत अब अधिकारियों के पास पहुंचने लगी हैं। लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों से व्योरा तलब किया है। ईओ का कहना है कि जो भी कर्मचारी इसमें संप्लित मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नगर परिषद में भ्रष्टाचार का मुद्दा विधानसभा चुनाव में भी सामने आया था। कांग्रेस नेता गोकुल सेतिया ने नो ड्यूज सटिर्फिकेट यानि अदेयता प्रमाण पत्र को लेकर भ्रष्टाचार की बात कही थी। अब शहर के लोग दस्तावेजों के साथ नगर परिषद कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं। इन लोगों ने अधिकारियों के समक्ष कहा कि प्रॉपर्टी आईडी को वैध करवाने की एवज में पैसे मांगे जा रहे हैं। शहर में बड़े स्तर पर अवैध प्रॉपर्टी को वैध किया गया है। इसी जांच होनी चाहिए और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। नगर परिषद के अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्षता से जांच करवाई जाएगी। यदि लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई है तो वह लिखित में शिकायत दें।
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45 हजार रुपये देकर प्रॉपटी वैध करवाकर लेकर गया है पड़ोसी

संदीप कुमार ने बताया कि उनकी प्रॉपर्टी गोशाला मोहल्ले की है। वह एक साल से नगर परिषद के चक्कर काट रहा है। उसकी प्रॉपर्टी को अवैध कर दिया गया है, जबकि उसके पड़ोस की प्रॉपर्टी को वैध कर दिया है। संदीप ने कार्यकारी अधिकारी को जानकारी दी कि पड़ोसी ने 45 हजार रुपये देकर अपनी प्रॉपर्टी को वैध करवाने की बात कही है। वह भी पैसे देगा तो उसका भी काम हो जाएगा। कार्यकारी अधिकारी ने संदीप से पूछा कि आप उसका नाम बताओ, जिसने यह काम किया है। संदीप ने कहा कि वह नाम नहीं बताएगा। यदि उसकी प्रॉपर्टी वैध है तो वैध करें। अन्यथा जिनकी भी गलत तरीके से प्रापर्टी वैध की गई है, उनको अवैध कराएं।
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मेरा प्लाट अवैध, जहां कोई नहीं रहता वह क्षेत्र वैध



श्रवण सिंह ने बताया कि वह प्रेम नगर कॉलोनी में रहता है। उसका प्लाट अवैध दिखाया हुआ है, जबकि उस क्षेत्र में 50 से ज्यादा रजिस्ट्री आचार संहिता से पहले ही हुई है। इतना ही नहीं, जहां पर लोग रहते नहीं है, उस क्षेत्र को वैध किया हुआ है। इसको लेकर अधिकारियों को अवगत करवा चुका हूं। कार्यकारी अधिकारी को भी सारे घटनाक्रम से अवगत करवाया है। उन्होंने दस्तावेज मांगे है, एक दो दिन में दस्तावेज उनको देंगे और मामले की जांच करवाएंगे।

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अवैध खसरा नंबरों की लगती सीमा को वैध में दर्शाकर जारी किया एनडीसी

नगर परिषद की ओर से कॉलोनियों को वैध करने को लेकर मुख्यालय में खसरा नंबर भेजे गए थे। इन खसरा नंबर को वैध कर दिया गया। इसके बाद इन खसरा नंबरों के साथ लगते अवैध खसरा नंबरों की लगती बाउंड्री को वैध में दर्शाया गया। इनको वैध कर अदेयता प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। बड़े स्तर पर लोगों से पैसा लिया गया। जबकि इन क्षेत्र में खाली मैदान और खेत हैं। शहर के बीच में अवैध प्रॉपर्टी को इसी प्रकार वैध किया गया है। नगर परिषद के कर्मचारियों ने नाम न छापने पर बताया कि कुछ कर्मचारियों ने ऐसा किया है। कई चले गए हैं, तो कोई आज भी काम कर रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच हो तो बड़े खुलासे हो सकते हैं।



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डीटीपी ने तहसील में जारी किए थे खसरा नंबर

अवैध क्षेत्र की रजिस्ट्री होने का मामला जनवरी में डीटीपी विभाग की जानकारी में भी आया था। उस दौरान डीटीपी विभाग की ओर से तहसील कार्यालय को विशेष रूप से खसरा नंबरों की सूची भेजी गई थी। साथ ही हिदायत दी गई थी कि इन खसरा नंबरों के अंदर कोई रजिस्ट्री न करें। यदि कोई रजिस्ट्री की गई है, तो उसे रद्द करें।




कुछ एरिया में अवैध प्रॉपर्टी को वैध करने के मामले सामने आ रहे हैं। इन प्रॉपर्टी के संबंध में टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों से डिटेल मांगी गई है। यदि लोगों की बात सही है, तो मामले में संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।
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