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Sirsa News: अधिकारियों को सता रहा जांच का डर, रातोरात बना दीं सड़कें
Sun, 27 Sep 2026 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 27 Sep 2026 12:08 AM IST
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सिरसा देशमेश कॉलोनी में इंटरलोकिंग टाइल पर मिट्टी डालते हुए।
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। कंगनपुर रोड स्थित दशमेश कॉलोनी में वर्ष 2025 में पास हुईं सड़कों को रातों-रात बनाने का मामला सामने आया है। यूसीएस-4 के अंतर्गत आने वाली इन सड़कों की राशि शत-प्रतिशत जारी हो चुकी है। इसके लिए एक करोड़ 47 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया था।
उपायुक्त के आदेशों पर अन्य यूसीएस की चल रही जांच में सामने आए भ्रष्टाचार के बाद अब रातों-रात ठेकेदार व अधिकारियों ने इन सड़कों को बनाने का काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार शाम छह बजे से लेकर देर रात तक ठेकेदार सड़कों का निर्माण करते नजर आए।
जांच के डर से शुरू हुए काम में भी बड़े स्तर पर नियमों की अवहेलना की जा रही है। इसको लेकर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री को सारे मामले की जांच करवाने के लिए पत्र लिखा है।
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इस मामले में सामने आया है कि डेढ़ साल से गलियां नहीं बनने पर क्षेत्र के लोगों ने समस्या समाधान शिविर में गुहार लगाई थी। उपायुक्त ने नगर परिषद के अधिकारियों को सड़क जल्द से जल्द बनाने के आदेश दिए थे। छह माह से ज्यादा बीत जाने के बाद भी सड़कों को नहीं बनाया गया।
20 दिन से चल रही यूसीएस की सड़कों की जांच के बाद रातों-रात अधिकारी व ठेकेदार जाग गए और मिट्टी पर सड़क बनाकर खानापूर्ति करनी शुरू कर दी है। वहीं, मामला संज्ञान में आने के बाद चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने भी जांच करवाने का आश्वासन दिया है।
सूत्रों की मानें तो यूसीएस की गलियों की चल रही जांच के दायरे में अब कुछ पार्षदों के करीबी अधिकारी भी आ गए हैं। इसी को लेकर तीन दिन पहले एक अधिकारी के साथ कुछ पार्षदों की बैठक हुई है और उनके साइन की यूसीएस की जांच करने पर सहमति बनी है।
सड़क बनाने के दौरान नियमानुसार रोड़ी नहीं डाली जाती है। सड़कों पर रोल नहीं चलाए जाते हैं और पानी का छिड़काव नहीं होता है। सड़कों का लेवल नियमानुसार नहीं बनाया जाता है। यमुना की रेती की जगह बालू-मिट्टी का प्रयोग बड़े स्तर पर किया जाता है। सड़क पर इंटरलॉकिंग के बाद यमुना शेड के लिए ठेकेदार मशीनरी का प्रयोग करते हैं।
जांच के नियमों के अनुसार मौके पर सड़क का होना जरूरी है। सड़क बनाई गई है तो उसमें सरकारी पैसे के गबन के आरोप से अधिकारी बच जाएंगे और घटिया सड़क निर्माण को लेकर कार्रवाई होगी। सड़क मौके पर नहीं होने और पैसा जारी होने पर सरकारी नौकरी गंवानी पड़ सकती है। एचकेआरएन के जेई स्तर के अधिकारियों को हटाने का प्रावधान है।
जांच निष्पक्ष होनी चाहिए : चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने बीते दिन कार्यकारी अधिकारी, एक्सईएन के साथ बैठक की थी। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जब तक यूसीएस की सड़कों की जांच पूरी नहीं होती है, विकास कार्यों के नए टेंडर न लगाए जाएं। ज्यादा जरूरी होने पर ही टेंडर लगाए जाएं। जांच टीम का पूरा सहयोग किया जाए। जेई के साथ उच्चाधिकारी मौके पर जरूर रहें, भले ही वहां पर कितना भी वक्त लगे।
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सिरसा। कंगनपुर रोड स्थित दशमेश कॉलोनी में वर्ष 2025 में पास हुईं सड़कों को रातों-रात बनाने का मामला सामने आया है। यूसीएस-4 के अंतर्गत आने वाली इन सड़कों की राशि शत-प्रतिशत जारी हो चुकी है। इसके लिए एक करोड़ 47 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया था।
उपायुक्त के आदेशों पर अन्य यूसीएस की चल रही जांच में सामने आए भ्रष्टाचार के बाद अब रातों-रात ठेकेदार व अधिकारियों ने इन सड़कों को बनाने का काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार शाम छह बजे से लेकर देर रात तक ठेकेदार सड़कों का निर्माण करते नजर आए।
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जांच के डर से शुरू हुए काम में भी बड़े स्तर पर नियमों की अवहेलना की जा रही है। इसको लेकर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री को सारे मामले की जांच करवाने के लिए पत्र लिखा है।
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इस मामले में सामने आया है कि डेढ़ साल से गलियां नहीं बनने पर क्षेत्र के लोगों ने समस्या समाधान शिविर में गुहार लगाई थी। उपायुक्त ने नगर परिषद के अधिकारियों को सड़क जल्द से जल्द बनाने के आदेश दिए थे। छह माह से ज्यादा बीत जाने के बाद भी सड़कों को नहीं बनाया गया।
20 दिन से चल रही यूसीएस की सड़कों की जांच के बाद रातों-रात अधिकारी व ठेकेदार जाग गए और मिट्टी पर सड़क बनाकर खानापूर्ति करनी शुरू कर दी है। वहीं, मामला संज्ञान में आने के बाद चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने भी जांच करवाने का आश्वासन दिया है।
सूत्रों की मानें तो यूसीएस की गलियों की चल रही जांच के दायरे में अब कुछ पार्षदों के करीबी अधिकारी भी आ गए हैं। इसी को लेकर तीन दिन पहले एक अधिकारी के साथ कुछ पार्षदों की बैठक हुई है और उनके साइन की यूसीएस की जांच करने पर सहमति बनी है।
सड़क बनाने के दौरान नियमानुसार रोड़ी नहीं डाली जाती है। सड़कों पर रोल नहीं चलाए जाते हैं और पानी का छिड़काव नहीं होता है। सड़कों का लेवल नियमानुसार नहीं बनाया जाता है। यमुना की रेती की जगह बालू-मिट्टी का प्रयोग बड़े स्तर पर किया जाता है। सड़क पर इंटरलॉकिंग के बाद यमुना शेड के लिए ठेकेदार मशीनरी का प्रयोग करते हैं।
जांच के नियमों के अनुसार मौके पर सड़क का होना जरूरी है। सड़क बनाई गई है तो उसमें सरकारी पैसे के गबन के आरोप से अधिकारी बच जाएंगे और घटिया सड़क निर्माण को लेकर कार्रवाई होगी। सड़क मौके पर नहीं होने और पैसा जारी होने पर सरकारी नौकरी गंवानी पड़ सकती है। एचकेआरएन के जेई स्तर के अधिकारियों को हटाने का प्रावधान है।
जांच निष्पक्ष होनी चाहिए : चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने बीते दिन कार्यकारी अधिकारी, एक्सईएन के साथ बैठक की थी। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जब तक यूसीएस की सड़कों की जांच पूरी नहीं होती है, विकास कार्यों के नए टेंडर न लगाए जाएं। ज्यादा जरूरी होने पर ही टेंडर लगाए जाएं। जांच टीम का पूरा सहयोग किया जाए। जेई के साथ उच्चाधिकारी मौके पर जरूर रहें, भले ही वहां पर कितना भी वक्त लगे।