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Sirsa News: कांग्रेसी नेताओं ने एसपी कार्यालय का किया घेराव, पुलिस के साथ हुई धक्का मुक्की
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कांग्रेस नेताओं के साथ धक्का मुक्की करते हुए पुलिस।
सिरसा। जिला पुलिस की ओर से एक माह से गली-मोहल्लों में जाकर वाहन चालकों के चालान काटने के खिलाफ मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेताओं ने सुबह साढ़े 11 बजे एसपी कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेसियों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए और धरने पर बैठ गए। एसपी मयंक गुप्ता को ज्ञापन देने जा रहे कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर अंदर जाने से रोक दिया।
इस दौरान कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हो गई। कार्यदिवस होने के बाद कांग्रेसी नेताओं का ज्ञापन लेने के लिए एसपी या डीएसपी नहीं पहुंचे। एक घंटे तक इंतजार करने के बाद कांग्रेसी नेताओं ने ज्ञापन की प्रति जला दी। नेताओं ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर चालान काटने की इस प्रक्रिया पर तुरंत बंद नहीं की तो सिरसा बंद किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहर में पुलिस आपातकालीन वाहनों जैसे ईआरवी का प्रयोग भी चालान काटने में कर रही है। ईवीआर पर तैनात पुलिसकर्मियों को लक्ष्य दिया गया है। पुलिस कर्मचारी शहर में गश्त करते हुए ट्रैफिक व्यवस्था बनाने और लोगों को जागरूक करने के बजाय चालान बुक लेकर चालान काटने में जुटे हुए हैं। अहम बात यह है कि गली मोहल्लों तक के अंदर घुसकर चालान काटे जा रहे हैं।
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इस मौके पर सुमित बेनीवाल, सुभाष जोधपुरिया, आनंद बियानी, हीरालाल शर्मा, मोहित शर्मा, रतन गेदर, दिलबाग सिकंदरपुर, सुभाष मिढ़ा, ज्ञानी करनैल सिंह, पंकज चौहान, सुशील शर्मा, सतीश खीचड़ आदि मौजूद रहे।
विधायक से लेकर सांसद तक कांग्रेस के, फिर भी सुनवाई नहीं
धरने पर बैठे कांग्रेसी नेता राजकुमार शर्मा ने बताया कि जिले में कांग्रेस के तीन विधायक हैं, दो नगर पालिका चेयरमैन हैं और सांसद कांग्रेस पार्टी की हैं। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन कांग्रेस नेताओं की बात सुनने को तैयार नहीं है। कांग्रेसी नेता सिरसा की जनता की आवाज उठा रहे हैं, न की कोई अपने निजी काम से एसपी कार्यालय पर पहुंचे हैं। शर्मा ने कहा कि पुलिस प्रशासन का पूरा ध्यान शहर में सिर्फ चालान काटने पर है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद हैं, पुलिस उसे ठीक नहीं करा रही।
स्वतंत्रता सेनानी के परिवार को भी नहीं छोड़ा
कांग्रेसी नेता राजकुमार शर्मा और नवीन केडिया ने कहा कि पुलिस ने स्वतंत्रता सेनानी परिवार को भी नहीं छोड़ा। परिवार का एक सदस्य हार्ट का मरीज है। वह बाइक पर सवार होकर दवाई लेने अस्पताल जा रहा था। पुलिस ने उसका 10 हजार रुपये का चालान काटकर उसके हाथ में थमा दिया। शर्मा ने कहा कि पुलिस चिट्टा बेचने वालों का चालान काटे, शहरवासी पुलिस के साथ हैं। उन्होंने कहा कि कार्य दिवस पर भी एसपी ऑफिस में कोई अधिकारी नहीं है।
ज्ञापन की कॉपी गेट पर लगाने नहीं दी
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से गेट पर ज्ञापन की कॉपी लगाने की अनुमति मांगी, लेकिन पुलिस अधिकारी ने साफ मना कर दिया। इसके बाद शिकायत पेटी में ज्ञापन डालने की अनुमति मांगी,ले किन पुलिस अधिकारी ने इसके लिए भी साफ इन्कार कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान ने हमें अधिकार दिया है अपनी बात कहने का। जब कोई अधिकारी मौके पर ज्ञापन लेने नहीं आया तो हमारे पास दूसरा कोई चारा नहीं बचा। सिवाय ज्ञापन के संस्कार करने का। कांग्रेस नेता वीरभान मेहता ने कहा कि ऐसा एसपी पहली बार देखा है, जिसका रवैया गैर जिम्मेदाराना है। ऐसा पहली बार हुआ है जब एसपी ऑफिस के आगे धरना देना पड़ा है। न एसपी, न डीएसपी और न ही इंस्पेक्टर ज्ञापन लेने आया।
ये तरीका गलत
डबवाली रोड पर पुलिस पुल के अंदर खड़ी होती है। ऐसे में जैसे ही गाड़ी मोड़ते हैं तो वाहन चालक घबरा जाता है और हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है। चतरगढपट्टी फाटक पर दो कर्मचारी फाटक के साथ खड़े हो जाते हैं तो दो उसे आगे पेड़ की छाया में खड़े होते हैं। बाइक सवार, कार चालक आदि को बिना आगे पीछे देखे रुकवा लेते हैं। ऐसे में हादसे का खतरा बढ़ जाता है। पुलिस की ईआरवी जहां पर मन करता है चालान काटने लग जाती है। हवाई अड्डे से बस स्टैंड तक के 5 किलोमीटर के दायरे में छह जगह पर पुलिस की टीम चालान काटते हुए मिलती हैं।
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इस दौरान कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हो गई। कार्यदिवस होने के बाद कांग्रेसी नेताओं का ज्ञापन लेने के लिए एसपी या डीएसपी नहीं पहुंचे। एक घंटे तक इंतजार करने के बाद कांग्रेसी नेताओं ने ज्ञापन की प्रति जला दी। नेताओं ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर चालान काटने की इस प्रक्रिया पर तुरंत बंद नहीं की तो सिरसा बंद किया जाएगा।
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कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहर में पुलिस आपातकालीन वाहनों जैसे ईआरवी का प्रयोग भी चालान काटने में कर रही है। ईवीआर पर तैनात पुलिसकर्मियों को लक्ष्य दिया गया है। पुलिस कर्मचारी शहर में गश्त करते हुए ट्रैफिक व्यवस्था बनाने और लोगों को जागरूक करने के बजाय चालान बुक लेकर चालान काटने में जुटे हुए हैं। अहम बात यह है कि गली मोहल्लों तक के अंदर घुसकर चालान काटे जा रहे हैं।
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इस मौके पर सुमित बेनीवाल, सुभाष जोधपुरिया, आनंद बियानी, हीरालाल शर्मा, मोहित शर्मा, रतन गेदर, दिलबाग सिकंदरपुर, सुभाष मिढ़ा, ज्ञानी करनैल सिंह, पंकज चौहान, सुशील शर्मा, सतीश खीचड़ आदि मौजूद रहे।
विधायक से लेकर सांसद तक कांग्रेस के, फिर भी सुनवाई नहीं
धरने पर बैठे कांग्रेसी नेता राजकुमार शर्मा ने बताया कि जिले में कांग्रेस के तीन विधायक हैं, दो नगर पालिका चेयरमैन हैं और सांसद कांग्रेस पार्टी की हैं। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन कांग्रेस नेताओं की बात सुनने को तैयार नहीं है। कांग्रेसी नेता सिरसा की जनता की आवाज उठा रहे हैं, न की कोई अपने निजी काम से एसपी कार्यालय पर पहुंचे हैं। शर्मा ने कहा कि पुलिस प्रशासन का पूरा ध्यान शहर में सिर्फ चालान काटने पर है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद हैं, पुलिस उसे ठीक नहीं करा रही।
स्वतंत्रता सेनानी के परिवार को भी नहीं छोड़ा
कांग्रेसी नेता राजकुमार शर्मा और नवीन केडिया ने कहा कि पुलिस ने स्वतंत्रता सेनानी परिवार को भी नहीं छोड़ा। परिवार का एक सदस्य हार्ट का मरीज है। वह बाइक पर सवार होकर दवाई लेने अस्पताल जा रहा था। पुलिस ने उसका 10 हजार रुपये का चालान काटकर उसके हाथ में थमा दिया। शर्मा ने कहा कि पुलिस चिट्टा बेचने वालों का चालान काटे, शहरवासी पुलिस के साथ हैं। उन्होंने कहा कि कार्य दिवस पर भी एसपी ऑफिस में कोई अधिकारी नहीं है।
ज्ञापन की कॉपी गेट पर लगाने नहीं दी
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से गेट पर ज्ञापन की कॉपी लगाने की अनुमति मांगी, लेकिन पुलिस अधिकारी ने साफ मना कर दिया। इसके बाद शिकायत पेटी में ज्ञापन डालने की अनुमति मांगी,ले किन पुलिस अधिकारी ने इसके लिए भी साफ इन्कार कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान ने हमें अधिकार दिया है अपनी बात कहने का। जब कोई अधिकारी मौके पर ज्ञापन लेने नहीं आया तो हमारे पास दूसरा कोई चारा नहीं बचा। सिवाय ज्ञापन के संस्कार करने का। कांग्रेस नेता वीरभान मेहता ने कहा कि ऐसा एसपी पहली बार देखा है, जिसका रवैया गैर जिम्मेदाराना है। ऐसा पहली बार हुआ है जब एसपी ऑफिस के आगे धरना देना पड़ा है। न एसपी, न डीएसपी और न ही इंस्पेक्टर ज्ञापन लेने आया।
ये तरीका गलत
डबवाली रोड पर पुलिस पुल के अंदर खड़ी होती है। ऐसे में जैसे ही गाड़ी मोड़ते हैं तो वाहन चालक घबरा जाता है और हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है। चतरगढपट्टी फाटक पर दो कर्मचारी फाटक के साथ खड़े हो जाते हैं तो दो उसे आगे पेड़ की छाया में खड़े होते हैं। बाइक सवार, कार चालक आदि को बिना आगे पीछे देखे रुकवा लेते हैं। ऐसे में हादसे का खतरा बढ़ जाता है। पुलिस की ईआरवी जहां पर मन करता है चालान काटने लग जाती है। हवाई अड्डे से बस स्टैंड तक के 5 किलोमीटर के दायरे में छह जगह पर पुलिस की टीम चालान काटते हुए मिलती हैं।