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Sirsa News: नशे की खिलाफ मुहिम को लेकर मुख्यमंत्री ने अपनाया सख्त रवैया, बोले- एसपी साहब नशे के खिलाफ ढिलाई नहीं चाहिए
Sun, 29 Oct 2023 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 29 Oct 2023 11:53 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसीेेे
सिरसा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को सिरसा दौरे पर जहां शहर के लिए कई घोषणाएं कीं, तो वहीं नशे के खिलाफ मुहिम को लेकर भी सख्त रवैया अपनाया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक विक्रात भूषण से कहा कि एसपी साहब नशे के खिलाफ मुहिम में ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। एक युवक ने मुख्यमंत्री को गांव ओढां के तीन युवकों के नाम बताए जो नशा सप्लाई करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने एसपी विक्रांत भूषण से पूछा कि क्या उन लोगों पर कार्रवाई हुई है, एसपी ने कहा नहीं सर। मुख्यमंत्री ने आदेश दिए कि नशा मुक्ति केंद्र में नशा छोड़ने के लिए आने वाले सभी युवाओं से बातचीत करें और जिन लोगों की वह जानकारी देते हैं, उनपर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई होनी चाहिए। नशे के मामले में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त नशा छोड़ने वाले युवाओं को सम्मानित किया जाए। एक अन्य युवक ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे भादरा बाजार के मेडिकल स्टोर से नशे की दवाइयां लाते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे को लेकर हमारी सरकार बेहद सजग है। सिरसा जिले में नशे को लेकर विशेष कदम उठाए गए हैं। खासकर डबवाली को पुलिस जिला भी इसी को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। डबवाली में जल्द ही नशा मुक्ति केंद्र और पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस मौके पर विधायक गोपाल कांडा, मुख्यमंत्री के पूर्व राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेंद्र आर्य, प्रदीप रातुसरिया, गोबिंद कांडा, अमन चोपड़ा, भूपेश मेहता, प्रदीप रातुसरिया, ऑटो मार्केट प्रधान विजय बठला मौजूद रहे।
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मैं नशा पीड़ितों से संवाद करने आया हूं
मुख्यमंत्री जब नशा पीड़ितों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान एक महिला कर्मचारी मुख्यमंत्री के सवालों का जवाब देने लगीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे स्टाफ व प्रशासन से जानकारी नहीं चाहिए। मैं इन लोगों से सीधे संवाद करने के लिए आया हूं।
एक माह में ग्रुप डी की भर्ती का कार्य एक माह में होगा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को ग्रुप डी की नौकरी को लेकर कहा कि एक माह में ग्रुप डी की भर्तियों का कार्य अगले माह तक पूूरा हो जाएगा। उसके बाद प्रदेश में युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।
50 बेड का होना चाहिए पुनर्वास केंद्र
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रेडक्रॉस में पुनर्वास केंद्र की जमीन का निरीक्षण किया। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि 20 बेड का पुनर्वास केंद्र बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन किस विभाग की है। अधिकारियों ने जवाब दिया कि जिला प्रशासन की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सिर्फ 20 ऐड के हिसाब से योजना तैयार न करें। भविष्य के अनुरूप इसे तैयार किया जाएगा। इस भवन में 50 बेड की व्यवस्था होनी चाहिए। दसी के अनुरूप नशा तैयार करवाकर भिजवाएं। इसी आधार पर इसका निर्माण किया जाएगा, जगह फाइनल है।
ग्रामीण बोला -जलघर के लिए मैंने दिलवाई जमीन, मेरी ही जमीन शामिल नहीं की
रामस्वरूप खिचंड गांव सुलतानपुरिया ने बताया कि रानियां में 40 एकड़ में जलघर बनाया जाना था। मैंने ग्रामीणों को समझाकर जमीन देने के लिए राजी किया था। मुझे तो तब हैरानी हुई जब मेरी ही जमीन को जलघर में नहीं लिया गया। रामस्वरूप ने आरोप लगाते हुए कहा कि सब कुछ एसई पब्लिक हेल्थ का किया हुआ है। मैंने आज मुख्यमंत्री को अवगत करवाया है। सई जसवंत सिंह ने बताया कि जमीन घटा दी गई थी और अभी प्रोजेक्ट को लेकर जमीन पूरी तरह से फाइनल नहीं हुई है। रामस्वरूप की जमीन को प्रोजेक्ट के अंदर लिया जाएगा।
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सिरसा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को सिरसा दौरे पर जहां शहर के लिए कई घोषणाएं कीं, तो वहीं नशे के खिलाफ मुहिम को लेकर भी सख्त रवैया अपनाया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक विक्रात भूषण से कहा कि एसपी साहब नशे के खिलाफ मुहिम में ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। एक युवक ने मुख्यमंत्री को गांव ओढां के तीन युवकों के नाम बताए जो नशा सप्लाई करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने एसपी विक्रांत भूषण से पूछा कि क्या उन लोगों पर कार्रवाई हुई है, एसपी ने कहा नहीं सर। मुख्यमंत्री ने आदेश दिए कि नशा मुक्ति केंद्र में नशा छोड़ने के लिए आने वाले सभी युवाओं से बातचीत करें और जिन लोगों की वह जानकारी देते हैं, उनपर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई होनी चाहिए। नशे के मामले में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त नशा छोड़ने वाले युवाओं को सम्मानित किया जाए। एक अन्य युवक ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे भादरा बाजार के मेडिकल स्टोर से नशे की दवाइयां लाते थे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे को लेकर हमारी सरकार बेहद सजग है। सिरसा जिले में नशे को लेकर विशेष कदम उठाए गए हैं। खासकर डबवाली को पुलिस जिला भी इसी को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। डबवाली में जल्द ही नशा मुक्ति केंद्र और पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस मौके पर विधायक गोपाल कांडा, मुख्यमंत्री के पूर्व राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेंद्र आर्य, प्रदीप रातुसरिया, गोबिंद कांडा, अमन चोपड़ा, भूपेश मेहता, प्रदीप रातुसरिया, ऑटो मार्केट प्रधान विजय बठला मौजूद रहे।
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मैं नशा पीड़ितों से संवाद करने आया हूं
मुख्यमंत्री जब नशा पीड़ितों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान एक महिला कर्मचारी मुख्यमंत्री के सवालों का जवाब देने लगीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे स्टाफ व प्रशासन से जानकारी नहीं चाहिए। मैं इन लोगों से सीधे संवाद करने के लिए आया हूं।
एक माह में ग्रुप डी की भर्ती का कार्य एक माह में होगा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को ग्रुप डी की नौकरी को लेकर कहा कि एक माह में ग्रुप डी की भर्तियों का कार्य अगले माह तक पूूरा हो जाएगा। उसके बाद प्रदेश में युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।
50 बेड का होना चाहिए पुनर्वास केंद्र
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रेडक्रॉस में पुनर्वास केंद्र की जमीन का निरीक्षण किया। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि 20 बेड का पुनर्वास केंद्र बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन किस विभाग की है। अधिकारियों ने जवाब दिया कि जिला प्रशासन की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सिर्फ 20 ऐड के हिसाब से योजना तैयार न करें। भविष्य के अनुरूप इसे तैयार किया जाएगा। इस भवन में 50 बेड की व्यवस्था होनी चाहिए। दसी के अनुरूप नशा तैयार करवाकर भिजवाएं। इसी आधार पर इसका निर्माण किया जाएगा, जगह फाइनल है।
ग्रामीण बोला -जलघर के लिए मैंने दिलवाई जमीन, मेरी ही जमीन शामिल नहीं की
रामस्वरूप खिचंड गांव सुलतानपुरिया ने बताया कि रानियां में 40 एकड़ में जलघर बनाया जाना था। मैंने ग्रामीणों को समझाकर जमीन देने के लिए राजी किया था। मुझे तो तब हैरानी हुई जब मेरी ही जमीन को जलघर में नहीं लिया गया। रामस्वरूप ने आरोप लगाते हुए कहा कि सब कुछ एसई पब्लिक हेल्थ का किया हुआ है। मैंने आज मुख्यमंत्री को अवगत करवाया है। सई जसवंत सिंह ने बताया कि जमीन घटा दी गई थी और अभी प्रोजेक्ट को लेकर जमीन पूरी तरह से फाइनल नहीं हुई है। रामस्वरूप की जमीन को प्रोजेक्ट के अंदर लिया जाएगा।