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एजेंसी की बजाय अपना परीक्षा सिस्टम स्थापित करेगी सीडीएलयू
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सिरसा। चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने विद्यार्थियों को नई सुविधाएं देने के लिए परीक्षा सिस्टम में परिवर्तन कर दिया है। एजेंसी से काम करवाने की बजाय अब यूनिवर्सिटी प्रशासन अपना परीक्षा सिस्टम स्थापित करेगा। इसके लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार करवाना शुरू कर दिया है। इससे जहां एक ओर परीक्षा फार्म भरने में समय बचेगा वहीं दूसरी ओर रोल नंबर जारी करने के साथ-साथ परीक्षा परिणाम भी समय पर जारी हो सकेगा।
सीडीएलयू प्रशासन अभी परीक्षाओं के परिणाम तैयार करने के लिए एजेंसी से काम करवाता है। लेकिन इससे जहां एक ओर परीक्षाएं लंबी चलती हैं वहीं दूसरी ओर परीक्षा परिणाम भी देरी से जारी होते हैं। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान करने के लिए वीसी प्रो. अजमेेर सिंह मलिक और परीक्षा परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजकुमार सलार ने मंथन किया। बैठक के बाद कई अहम फैसले लिए गए। वीसी ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना हमारा पहला कर्त्तव्य है। इसलिए परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजकुमार सलार ने नई योजना तैयार की। इसे वीसी ने मंजूर कर दिया। अब इन पर काम शुरू हो गया है। इसका सीधा लाभ सीडीएलयू कैंपस और इससे संबंधित कॉलेजों के विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा।
नया सॉफ्टवेयर हो रहा तैयार, समय की होगी बचत
सीडीएलयू प्रशासन नया सॉफ्टवेयर तैयार करवा रहा है। परीक्षा फार्म भरने से लेकर रोल नंबर जारी करने और परीक्षा केंद्रों के गठन और परीक्षा परिणाम भी समय पर जारी करने के लिए सॉफ्टवेयर मदद करेगा। इस पर काम शुरू हो गया है। इतना ही नहीं एजेंसी के पास काम भेजने की बजाय यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर ही काम शुरू करेगी। इससे जहां एक ओर सीक्रेसी बढ़ेगी वहीं दूसरी ओर परीक्षा परिणाम समय पर जारी हो सकेगा। क्योंकि अभी पहले परीक्षा होने पर नंबर एजेंसी को भेजे जाते हैं, फिर डाटा फीडिंग होती है। उसके बाद ही परीक्षा परिणाम तैयार होने पर जारी हो पाता है। डीएमसी के लिए भी समय लगता है। लेकिन सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद काम में तेजी आएगी।
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अभी चलती हैं डेढ़ माह परीक्षाएं, 25 से 30 दिन में निपटाने का लक्ष्य
सीडीएलयू की ओर से अभी जो परीक्षाएं होती हैं, वे लंबी चलती हैं। कई बार तो परीक्षाएं डेढ़ से दो माह तक लंबी भी चलती हैं। इससे समय की बर्बादी होती है और काम में नीरसता भी आती है। परीक्षा केंद्रों की संख्या भी ज्यादा है क्योंकि विभाग अनुसार परीक्षा केंद्र गठित करने की परंपरा है। लेकिन अब इस सिस्टम में भी बदलाव कर दिया है। अब फैकल्टी अनुसार परीक्षा केंद्र गठित होंगे। इससे कई विभागों का एक परीक्षा केंद्र होने से उनकी संख्या कम होगी। ज्यादा स्टाफ भी नहीं लगाना पड़ेगा। डेटशीट का पैटर्न भी बदला जाएगा। सभी परीक्षाएं 25 से 30 दिन के भीतर संपन्न की जाएंगी। इतना ही नहीं किसी भी कोर्स की अंतिम परीक्षा होने के 20 दिन के भीतर परिणाम भी जारी करने का प्रयास किया जाएगा। क्योंकि सीडीएलयू ने अपने स्तर पर डाटा फीडिंग, स्कैन करने और रिजल्ट एजेंसी की बजाय स्वयं तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दें। इसलिए प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। समय पर परीक्षा हो और तय समय पर ही परिणाम जारी हों। ताकि विद्यार्थियों को परेशानी ना हो। सीडीएलयू अपने स्तर पर सॉफ्टवेयर तैयार करवा रहा है। परीक्षा केंद्रों की संख्या भी कम की जा रही है ताकि कम अवधि में सभी परीक्षाएं खत्म की जा सकें। वीसी प्रो. अजमेर सिंह मलिक व्यक्तिगत रुचि लेकर ये काम करवा रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही बेहतर परिणाम भी आएंगे।
-प्रो. राजकुमार सलार, परीक्षा नियंत्रक, सीडीएलयू, सिरसा।
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सीडीएलयू प्रशासन अभी परीक्षाओं के परिणाम तैयार करने के लिए एजेंसी से काम करवाता है। लेकिन इससे जहां एक ओर परीक्षाएं लंबी चलती हैं वहीं दूसरी ओर परीक्षा परिणाम भी देरी से जारी होते हैं। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान करने के लिए वीसी प्रो. अजमेेर सिंह मलिक और परीक्षा परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजकुमार सलार ने मंथन किया। बैठक के बाद कई अहम फैसले लिए गए। वीसी ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना हमारा पहला कर्त्तव्य है। इसलिए परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजकुमार सलार ने नई योजना तैयार की। इसे वीसी ने मंजूर कर दिया। अब इन पर काम शुरू हो गया है। इसका सीधा लाभ सीडीएलयू कैंपस और इससे संबंधित कॉलेजों के विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा।
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नया सॉफ्टवेयर हो रहा तैयार, समय की होगी बचत
सीडीएलयू प्रशासन नया सॉफ्टवेयर तैयार करवा रहा है। परीक्षा फार्म भरने से लेकर रोल नंबर जारी करने और परीक्षा केंद्रों के गठन और परीक्षा परिणाम भी समय पर जारी करने के लिए सॉफ्टवेयर मदद करेगा। इस पर काम शुरू हो गया है। इतना ही नहीं एजेंसी के पास काम भेजने की बजाय यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर ही काम शुरू करेगी। इससे जहां एक ओर सीक्रेसी बढ़ेगी वहीं दूसरी ओर परीक्षा परिणाम समय पर जारी हो सकेगा। क्योंकि अभी पहले परीक्षा होने पर नंबर एजेंसी को भेजे जाते हैं, फिर डाटा फीडिंग होती है। उसके बाद ही परीक्षा परिणाम तैयार होने पर जारी हो पाता है। डीएमसी के लिए भी समय लगता है। लेकिन सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद काम में तेजी आएगी।
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अभी चलती हैं डेढ़ माह परीक्षाएं, 25 से 30 दिन में निपटाने का लक्ष्य
सीडीएलयू की ओर से अभी जो परीक्षाएं होती हैं, वे लंबी चलती हैं। कई बार तो परीक्षाएं डेढ़ से दो माह तक लंबी भी चलती हैं। इससे समय की बर्बादी होती है और काम में नीरसता भी आती है। परीक्षा केंद्रों की संख्या भी ज्यादा है क्योंकि विभाग अनुसार परीक्षा केंद्र गठित करने की परंपरा है। लेकिन अब इस सिस्टम में भी बदलाव कर दिया है। अब फैकल्टी अनुसार परीक्षा केंद्र गठित होंगे। इससे कई विभागों का एक परीक्षा केंद्र होने से उनकी संख्या कम होगी। ज्यादा स्टाफ भी नहीं लगाना पड़ेगा। डेटशीट का पैटर्न भी बदला जाएगा। सभी परीक्षाएं 25 से 30 दिन के भीतर संपन्न की जाएंगी। इतना ही नहीं किसी भी कोर्स की अंतिम परीक्षा होने के 20 दिन के भीतर परिणाम भी जारी करने का प्रयास किया जाएगा। क्योंकि सीडीएलयू ने अपने स्तर पर डाटा फीडिंग, स्कैन करने और रिजल्ट एजेंसी की बजाय स्वयं तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दें। इसलिए प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। समय पर परीक्षा हो और तय समय पर ही परिणाम जारी हों। ताकि विद्यार्थियों को परेशानी ना हो। सीडीएलयू अपने स्तर पर सॉफ्टवेयर तैयार करवा रहा है। परीक्षा केंद्रों की संख्या भी कम की जा रही है ताकि कम अवधि में सभी परीक्षाएं खत्म की जा सकें। वीसी प्रो. अजमेर सिंह मलिक व्यक्तिगत रुचि लेकर ये काम करवा रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही बेहतर परिणाम भी आएंगे।
-प्रो. राजकुमार सलार, परीक्षा नियंत्रक, सीडीएलयू, सिरसा।