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शहर में लावारिस पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरू, पहले दिन 45 पशुओं को पकड़ा
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caught 45 abandoned animals
- फोटो : Sirsa
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शहर से आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद सिरसा ने अभियान शुरू कर दिया है। पहले दिन नप ने तीन घंटे अभियान चलाकर करीब 45 पशुओं को पकड़ा। यह अभियान शहर को केटल फ्री करने के लिए किया गया है। शुक्रवार को बेगू रोड पर जगदंबे पेपर मिल क्षेत्र से पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरू किया जाएगा।
नगर परिषद के सचिव गुरशरण सिंह के नेतृत्व में नप के करीब 120 सफाई कर्मचारियों ने सुबह चार बजे पशु पकड़ने का अभियान शुरू किया। सफाई कर्मचारियों ने बस स्टैंड से यह अभियान शुरू किया। कर्मचारियों ने अबकी बार ट्रैक्टर ट्राली पर पशु लादने की बजाए पैदल ही पशुओं को पकड़ना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने बस स्टैंड, सुरखाब चौक और परशुराम चौक पशुओं को हांकते हुए बाजारों से पैदल ही हांकते हुए करीब पांच किलोमीटर दूर केलनियां गांव के पास बनी नंदीशाला में ले गए। पहले दिन करीब 45 पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में रखा गया। करीब सात बजे तक यह अभियान चलाया गया।
बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए उन्हें हरे चारे का लालच दिया गया। पशुओं के झुंड के आगे हरे चारे से लदी ट्राली चलाई गई। हरे चारे को देखकर पशु उनके पीछे पीछे दौड़े। इसके बाद सभी पशुओं को धीरे-धीरे हांक कर पैदल ही सफाई कर्मचारी केलनियां की नंदीशाला में ले गए।। यदि किसी जगह पर पशुओं के गलियों में घुसने का अंदेशा था तो वहां पर कर्मचारियों ने हाथों में डंडे लेकर उसे रास्ते को ब्लॉक कर दिया। ऐसे में यह तरीका पूरी तरह से कारागार रहा।
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पशुओं को दिया जा रहा है गोद
प्रशासन ने शहर को आवारा पशुओं से मुक्त करने के लिए गोद लेने का अभियान भी शुरू किया है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति एक पशु को गोद लेकर करीब 6 हजार रुपये केलनिया नंदीशाला में रसीद कटवाकर ले सकता है। उपायुक्त, एसडीएम और नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता सहित सचिव भी पशुओं को गोद ले चुके हैं। बता दें कि केलनियां गांव की पंचायत ने हर दिन एक क्विंटल दलिया भी नंदियों को खिलाने का फैसला लिया है। इसके अतिरिक्त कई ग्रामीणों ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है।
पहले दिन 45 पशुओं को पकड़ा गया है। शुक्रवार को भी पशु पकड़ने का अभियान जारी रहेगा। यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक शहर को केटल फ्री नहीं होता।
-गुरशरण सिंह, सचिव, नगर परिषद सिरसा।
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नगर परिषद के सचिव गुरशरण सिंह के नेतृत्व में नप के करीब 120 सफाई कर्मचारियों ने सुबह चार बजे पशु पकड़ने का अभियान शुरू किया। सफाई कर्मचारियों ने बस स्टैंड से यह अभियान शुरू किया। कर्मचारियों ने अबकी बार ट्रैक्टर ट्राली पर पशु लादने की बजाए पैदल ही पशुओं को पकड़ना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने बस स्टैंड, सुरखाब चौक और परशुराम चौक पशुओं को हांकते हुए बाजारों से पैदल ही हांकते हुए करीब पांच किलोमीटर दूर केलनियां गांव के पास बनी नंदीशाला में ले गए। पहले दिन करीब 45 पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में रखा गया। करीब सात बजे तक यह अभियान चलाया गया।
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बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए उन्हें हरे चारे का लालच दिया गया। पशुओं के झुंड के आगे हरे चारे से लदी ट्राली चलाई गई। हरे चारे को देखकर पशु उनके पीछे पीछे दौड़े। इसके बाद सभी पशुओं को धीरे-धीरे हांक कर पैदल ही सफाई कर्मचारी केलनियां की नंदीशाला में ले गए।। यदि किसी जगह पर पशुओं के गलियों में घुसने का अंदेशा था तो वहां पर कर्मचारियों ने हाथों में डंडे लेकर उसे रास्ते को ब्लॉक कर दिया। ऐसे में यह तरीका पूरी तरह से कारागार रहा।
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पशुओं को दिया जा रहा है गोद
प्रशासन ने शहर को आवारा पशुओं से मुक्त करने के लिए गोद लेने का अभियान भी शुरू किया है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति एक पशु को गोद लेकर करीब 6 हजार रुपये केलनिया नंदीशाला में रसीद कटवाकर ले सकता है। उपायुक्त, एसडीएम और नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता सहित सचिव भी पशुओं को गोद ले चुके हैं। बता दें कि केलनियां गांव की पंचायत ने हर दिन एक क्विंटल दलिया भी नंदियों को खिलाने का फैसला लिया है। इसके अतिरिक्त कई ग्रामीणों ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है।
पहले दिन 45 पशुओं को पकड़ा गया है। शुक्रवार को भी पशु पकड़ने का अभियान जारी रहेगा। यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक शहर को केटल फ्री नहीं होता।
-गुरशरण सिंह, सचिव, नगर परिषद सिरसा।