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Sirsa News: नहरों में आधा हुआ पानी, धान की फसल पर संकट

Sun, 19 Jul 2026 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 19 Jul 2026 11:25 PM IST
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canal water half problem for paddy crop
फोटो - 21,22
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मानसून की बेरुखी और क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। घग्गर नदी सहित जिले की नहरों में जलस्तर घटने के कारण सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। 16 दिन की बंदी के बाद नहरों में पानी छोड़ा गया था लेकिन अब पानी की मात्रा कम होने से किसानों को खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गांव खैरेका, बप्पां, अहमदपुर व अन्य गांवों के किसानों सुभाष, सुशील कुमार, मुकेश कुमार, मोहित कुमार, का कहना है कि जुलाई माह में धान की रोपाई का कार्य तेजी से चल रहा है।
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ऐसे समय में खेतों में पर्याप्त नमी और सिंचाई की आवश्यकता होती है लेकिन बारिश नहीं होने और नहरों में पानी कम मिलने से फसल प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। विशेषकर धान उत्पादक किसान भविष्य की स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
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मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सिरसा में पिछले कई दिनों से तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। 14 से 19 जुलाई के दौरान अधिकतम तापमान करीब 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। 18 जुलाई को सिरसा में अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

तापमान आंकड़े

14 जुलाई : अधिकतम 40 डिग्री, न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस
15 जुलाई: अधिकतम 41 डिग्री, न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस
16 जुलाई: अधिकतम 40 डिग्री, न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस
17 जुलाई: अधिकतम 40 डिग्री, न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस
18 जुलाई: अधिकतम 40.4 डिग्री, न्यूनतम 30.8 डिग्री सेल्सियस
19 जुलाई: अधिकतम 39.5 डिग्री, न्यूनतम 31.2 डिग्री सेल्सियस

घग्गर नदी में भी जलस्तर में गिरावट
किसानों के अनुसार घग्गर नदी में भी जलस्तर में गिरावट आई है। नदी और नहरों पर निर्भर क्षेत्रों में किसान सिंचाई के लिए पानी का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो धान सहित अन्य खरीफ फसलों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

कोट्स
धान की फसल के शुरुआती चरण में पानी की कमी से पौधों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। ऐसे में किसानों को उपलब्ध पानी का संतुलित उपयोग करने और सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
-डॉ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक कृषि विभाग
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