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Sirsa News: नहर की सफाई में लापरवाही से टूटी पटरी, किसानों ने संभाला मोर्चा
Wed, 04 Nov 2026 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 04 Nov 2026 01:10 AM IST
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डिंग मंडी। डिंग-कुसुंभी नहर की टूटी पटरी को जेसीबी की मदद से दुरुस्त करते किसान। किसान
ओवरफ्लो होकर खेतों की ओर बढ़ा पानी, किसानों ने जेसीबी की मदद से समय रहते रोका बहाव
फोटो-- - 19
संवाद न्यूज एजेंसी
डिंग। डिंग-कुसुंभी नहर की सफाई में कथित लापरवाही के कारण मंगलवार शाम करीब छह बजे उसकी पटरी टूट गई। पानी ओवरफ्लो होकर खेतों की ओर बढ़ने लगा। इससे फसलों को बड़े नुकसान का खतरा था। हालांकि, किसानों ने समय रहते मोर्चा संभाला और अपनी सूझबूझ से बड़ी हानि टाल दी।
पटरी टूटने की सूचना मिलते ही आसपास के किसान तुरंत मौके पर पहुंच गए। हनुमान बुगालिया, किशन लाल पिलानिया, सुरेंद्र पिलानिया, रमन पिलानिया, रमेश खीचड़, विनोद नेहरा, कृष्ण नेहरा, शीशपाल ढाका और प्रह्लाद खीचड़ शामिल थे। इन किसानों ने एकजुट होकर पानी के बहाव को रोकने का काम शुरू किया।
कुछ देर बाद एक जेसीबी मशीन भी मौके पर बुलाई गई। किसानों और जेसीबी की मदद से टूटी हुई पटरी की तत्काल मरम्मत की गई। इससे पानी को खेतों में फैलने से रोका जा सका और फसलें सुरक्षित बच गईं।
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किसान हनुमान बुगालिया ने बताया कि नहर का अधिकांश हिस्सा पक्का है लेकिन कुछ दूरी तक कच्चा हिस्सा होने के कारण वहां घास और झाड़ियां उग आई थीं। लंबे समय से सफाई न होने के कारण पानी का बहाव प्रभावित हुआ था। इसी वजह से पानी ओवरफ्लो होकर पटरी टूट गई।
किसानों ने टूटी पटरी को तेजी से पाटा
किसानों ने बिना देर किए खुद ही स्थिति को नियंत्रित करने का निर्णय लिया। उन्होंने एकजुटता दिखाते हुए पानी के तेज बहाव को रोकने का प्रयास किया। जेसीबी मशीन की सहायता से टूटी पटरी को तेजी से पाटा गया। इस त्वरित कार्रवाई से पानी खेतों में नहीं फैल पाया। किसानों की सक्रियता ने फसलों को भारी नुकसान से बचा लिया।
विभाग से मांग और चिंता
किसानों ने संबंधित विभाग से नहर की नियमित सफाई की मांग की है। उन्होंने कच्चे हिस्से को भी जल्द से जल्द दुरुस्त करने को कहा है। किसानों का कहना है कि लापरवाही जारी रही तो भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर हो सकती हैं। उन्होंने विभाग से समय रहते आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। यह कदम सिंचाई व्यवस्था को सुचारु रखने और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
डिंग। डिंग-कुसुंभी नहर की सफाई में कथित लापरवाही के कारण मंगलवार शाम करीब छह बजे उसकी पटरी टूट गई। पानी ओवरफ्लो होकर खेतों की ओर बढ़ने लगा। इससे फसलों को बड़े नुकसान का खतरा था। हालांकि, किसानों ने समय रहते मोर्चा संभाला और अपनी सूझबूझ से बड़ी हानि टाल दी।
पटरी टूटने की सूचना मिलते ही आसपास के किसान तुरंत मौके पर पहुंच गए। हनुमान बुगालिया, किशन लाल पिलानिया, सुरेंद्र पिलानिया, रमन पिलानिया, रमेश खीचड़, विनोद नेहरा, कृष्ण नेहरा, शीशपाल ढाका और प्रह्लाद खीचड़ शामिल थे। इन किसानों ने एकजुट होकर पानी के बहाव को रोकने का काम शुरू किया।
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कुछ देर बाद एक जेसीबी मशीन भी मौके पर बुलाई गई। किसानों और जेसीबी की मदद से टूटी हुई पटरी की तत्काल मरम्मत की गई। इससे पानी को खेतों में फैलने से रोका जा सका और फसलें सुरक्षित बच गईं।
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किसान हनुमान बुगालिया ने बताया कि नहर का अधिकांश हिस्सा पक्का है लेकिन कुछ दूरी तक कच्चा हिस्सा होने के कारण वहां घास और झाड़ियां उग आई थीं। लंबे समय से सफाई न होने के कारण पानी का बहाव प्रभावित हुआ था। इसी वजह से पानी ओवरफ्लो होकर पटरी टूट गई।
किसानों ने टूटी पटरी को तेजी से पाटा
किसानों ने बिना देर किए खुद ही स्थिति को नियंत्रित करने का निर्णय लिया। उन्होंने एकजुटता दिखाते हुए पानी के तेज बहाव को रोकने का प्रयास किया। जेसीबी मशीन की सहायता से टूटी पटरी को तेजी से पाटा गया। इस त्वरित कार्रवाई से पानी खेतों में नहीं फैल पाया। किसानों की सक्रियता ने फसलों को भारी नुकसान से बचा लिया।
विभाग से मांग और चिंता
किसानों ने संबंधित विभाग से नहर की नियमित सफाई की मांग की है। उन्होंने कच्चे हिस्से को भी जल्द से जल्द दुरुस्त करने को कहा है। किसानों का कहना है कि लापरवाही जारी रही तो भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर हो सकती हैं। उन्होंने विभाग से समय रहते आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। यह कदम सिंचाई व्यवस्था को सुचारु रखने और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।