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ब्लैक फंगस के मरीजों का स्वास्थ्य विभाग ने मांगा डाटा
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ि जिले में ब्लैक फंगस के मरीज मिलने शुरू हो गए हैं। अभी तक सिरसा में कुल सात मरीज मिले हैं। इसमें से तीन फतेहाबाद के और तीन सिरसा के हैं, जबकि एक मरीज राजस्थान का है। ये सभी शुगर के मरीज हैं। ब्लैक फंगस के मरीज मिलने के बाद सिविल अस्पताल ने सभी निजी अस्पतालों से ऐसे मरीजों का ब्योरा मांग लिया है।
सिरसा के एक निजी अस्पताल में ब्लैक फंगस के 6 मरीज मिले हैं। सातवां मरीज छुट्टी लेकर घर जा चुका है। फतेहाबाद के एक मरीज को ब्लैक फंगस के कारण हालत खराब होने पर तालू काटना पड़ा है। सिरसा के धूकडा गांव के रहने वाले एक मरीज ने गांव में ही इलाज किया। वहीं डबवाली के मरीज ने भी गांव में इलाज करवाया। ईएनटी सर्जन सुदीप मुंजाल का कहना है कि इनमें से एक मरीज की आंख निकालनी पड़ सकती है। एक राजस्थान के निठाना गांव के एक मरीज की स्थिति गंभीर होने पर उसे कहा गया कि उसका तालू और आंख निकालनी पड़ेगी परंतु उसने मना कर दिया और छुट्टी लेकर घर चला गया। लोग आरएमपी चिकित्सक से इलाज करवा रहे हैं। वे शुगर चेक नहीं करवा रहे। आज ऐसा मरीज आया, जिसके हल्के लक्षण दूरबीन में दिख रहे हैं। नाक में दर्द और आंख में सूनापन इसके लक्षण हैं। ब्लैक फंगस की दवाइयां भी मार्केट में उपलब्ध नहीं है।
छह मरीज की रिपोर्ट मिली है। ये डॉ. सुदीप मुंजाल के अस्पताल में हैं। पिछले साल ऐसा केस नहीं आया। कोरोना पीड़ित मरीज छुट्टी होने के बाद घर जा रहे हैं। इसके बाद मामले सामने आ रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग में यह फैसला हुआ है कि इसकी दवाई मुख्यालय ही उपलब्ध करवाएगा। -मनीष बांसल, सीएमओ, सिरसा।
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सिरसा के एक निजी अस्पताल में ब्लैक फंगस के 6 मरीज मिले हैं। सातवां मरीज छुट्टी लेकर घर जा चुका है। फतेहाबाद के एक मरीज को ब्लैक फंगस के कारण हालत खराब होने पर तालू काटना पड़ा है। सिरसा के धूकडा गांव के रहने वाले एक मरीज ने गांव में ही इलाज किया। वहीं डबवाली के मरीज ने भी गांव में इलाज करवाया। ईएनटी सर्जन सुदीप मुंजाल का कहना है कि इनमें से एक मरीज की आंख निकालनी पड़ सकती है। एक राजस्थान के निठाना गांव के एक मरीज की स्थिति गंभीर होने पर उसे कहा गया कि उसका तालू और आंख निकालनी पड़ेगी परंतु उसने मना कर दिया और छुट्टी लेकर घर चला गया। लोग आरएमपी चिकित्सक से इलाज करवा रहे हैं। वे शुगर चेक नहीं करवा रहे। आज ऐसा मरीज आया, जिसके हल्के लक्षण दूरबीन में दिख रहे हैं। नाक में दर्द और आंख में सूनापन इसके लक्षण हैं। ब्लैक फंगस की दवाइयां भी मार्केट में उपलब्ध नहीं है।
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छह मरीज की रिपोर्ट मिली है। ये डॉ. सुदीप मुंजाल के अस्पताल में हैं। पिछले साल ऐसा केस नहीं आया। कोरोना पीड़ित मरीज छुट्टी होने के बाद घर जा रहे हैं। इसके बाद मामले सामने आ रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग में यह फैसला हुआ है कि इसकी दवाई मुख्यालय ही उपलब्ध करवाएगा। -मनीष बांसल, सीएमओ, सिरसा।
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