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ट्रकों में भरे गेहूं में कमियां निकालते हुए किया रिजेक्ट
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रानियां। स्थानीय अनाज मंडी में हरियाणा वेयर हाऊस की ओर से 20 अप्रैल को गेहूं की खरीद की गई थी। जिसको तुलाई के पश्चात आढ़तियों की ओर से ट्रकों में लोड कर हरियाणा वेयर हाउस के गोदाम में भेजा गया, लेकिन वेयर हाउस में ट्रकों में भरी गेहूं में कमियां निकालते हुए रिजेक्ट कर दिया। ट्रकों को रिजक्ट करने की सूचना के पश्चात आढ़ती व किसान हरियाणा वेयर हाउस के गोदाम पहुंचे। आढ़तियों ने रोष जताते हुए कहा कि पहले तो वेयर हाउस इंचार्ज ने नमी की बात कही। जब नमी माप यंत्र से नमी चैक की तो वह दस प्रतिशत आई। फिर वेयर हाउस इंचार्ज अशोक कुमार ने कहा कि इसका रंग बदला हुआ है और गेहूं में टोटा है। ऐसे में प्रतीत होता है कि वेयर हाउस जानबूझकर खरीद में आनाकानी कर रहा है।
आढ़तियों ने कहा कि पहले तो वेयर हाउस ने गाड़ियां भेजकर माल लदवाया। अब गाड़ियां रिजेक्ट होने पर आढ़तियों को ही माल उतारने का खर्च भी वहन करना पड़ेगा। प्रति क्विंटल आढ़ती को 15 रुपये अतिरिक्त खर्च पड़ेगा। वहां वेयर हाउस के इंचार्ज अशोक कुमार ने बताया कि ट्रकों में लोडिड माल में नमी है और बारिश की वजह से रंग भी बदला हुआ है। जोकि लस्टर लोस की श्रेणी में आता है। विभाग की ओर से मापदंडों के अनुसार लस्टर लोस माल को उतारा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो माल मंडी से खरीदा गया था वो भेजा नहीं गया है। यह माल भी विभागीय मापदंडों पर खरा नहीं उतर रहा है। इंचार्ज की बात से किसान व आढ़ती संतुष्ट नहीं हुए। किसानों व आढ़तियों की ओर से इसको लेकर एसडीएम व उपायुक्त से मिलकर स्थिति से अवगत करवाने का निर्णय लिया। किसानों ने कहा कि मंडी में ज्यादातर गेहूं में बारिश की वजह से नमी है अगर ऐसा होता है तो गेहूं मंडियों में ही पड़ा रह जाएगा। सरकार के किसानों का दाना दाना खरीदने के दावे खोखले साबित होंगे। इस बारे में हरियाणा वेयर हाउस रानियां के इंचार्ज अशोक कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। उसी के अनुसार गेहूं खरीद रहे हैं। 12 प्रतिशत नमी से ज्यादा का गेहूं नहीं खरीदा जा सकता। लस्टर लोस को लेकर विभाग की ओर से निर्देश हैं। सही गेहूं ही उतारी जाएगी।
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आढ़तियों ने कहा कि पहले तो वेयर हाउस ने गाड़ियां भेजकर माल लदवाया। अब गाड़ियां रिजेक्ट होने पर आढ़तियों को ही माल उतारने का खर्च भी वहन करना पड़ेगा। प्रति क्विंटल आढ़ती को 15 रुपये अतिरिक्त खर्च पड़ेगा। वहां वेयर हाउस के इंचार्ज अशोक कुमार ने बताया कि ट्रकों में लोडिड माल में नमी है और बारिश की वजह से रंग भी बदला हुआ है। जोकि लस्टर लोस की श्रेणी में आता है। विभाग की ओर से मापदंडों के अनुसार लस्टर लोस माल को उतारा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो माल मंडी से खरीदा गया था वो भेजा नहीं गया है। यह माल भी विभागीय मापदंडों पर खरा नहीं उतर रहा है। इंचार्ज की बात से किसान व आढ़ती संतुष्ट नहीं हुए। किसानों व आढ़तियों की ओर से इसको लेकर एसडीएम व उपायुक्त से मिलकर स्थिति से अवगत करवाने का निर्णय लिया। किसानों ने कहा कि मंडी में ज्यादातर गेहूं में बारिश की वजह से नमी है अगर ऐसा होता है तो गेहूं मंडियों में ही पड़ा रह जाएगा। सरकार के किसानों का दाना दाना खरीदने के दावे खोखले साबित होंगे। इस बारे में हरियाणा वेयर हाउस रानियां के इंचार्ज अशोक कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। उसी के अनुसार गेहूं खरीद रहे हैं। 12 प्रतिशत नमी से ज्यादा का गेहूं नहीं खरीदा जा सकता। लस्टर लोस को लेकर विभाग की ओर से निर्देश हैं। सही गेहूं ही उतारी जाएगी।
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