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नगरपरिषद ने गुरुवार को प्रशासनिक और तकनीकि कारणों का हवाला देते हुए टेंडर रद्द करके ठेकेदारों को वापस लौटाए लिफाफे

Fri, 15 Mar 2019 01:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 15 Mar 2019 01:15 AM IST
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नगरपरिषद ने गुरुवार को प्रशासनिक और तकनीकि कारणों का हवाला देते हुए टेंडर रद्द करके ठेकेदारों को वापस लौटाए लिफाफे
327 गलियों के टेंडर रद्द
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सिरसा। नगरपरिषद सिरसा में गुरुवार को शहर में 20 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से बनने वाली 327 गलियों के टेंडर रद् कर दिए है। साथ ही डी प्लान के तहत होने वाले डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से होने वाले 14 विकास कार्य भी एडमिनिस्ट्रेटिव व तकनीकि कारणों के कारण रद्द कर दिए है। इस संबंध में ईओ अमन ढांडा ने वीरवार को एमई शाखा को पत्र जारी कर दिया। टेंडर रद् होने के बाद एमई ब्रांच ने करीब 40 ठेकेदारों को टेंडर के कागज और डीडी वापस लौटा दिए। ऐसे में आचार संहिता के कारण शहर में अब तीन महीने तक कोई विकास कार्य नहीं होगा। वहीं 11 मार्च को डीसी प्रभजोत सिंह ने नगरपरिषद के कार्यकारी प्रधान रणधीर सिंह व पार्षदों को बैठक में यह आश्वासन दिया गया था कि आचार संहिता खत्म होते ही टेंडर खोल दिए जाएंगे। लेकिन गुरुवार को करीब 22 करोड़ रुपये के विकास कार्य के टेंडर रद्द होने से पार्षदों को धक्का लगा है। ऐसे में अब आचार संहिता के बाद इनके नए सिरे से टेंडर मांगे जाएंगे।
ये था मामला
शहर के सभी 31 वार्डों में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 327 गलियों के टेंडर 28 फरवरी को ई टेंडर हरियाणा की वेबसाइट पर अपलोड किए गए। ठेकेदारों को आठ मार्च एक बजे तक दस्तावेज जमा करवाने थे। आठ मार्च को ही दोपहर साढ़े तीन बजे टेंडर खोले जाने थे। भारतीय मानव अधिकार एसोसिएशन की पदाधिकारी पुनीता रानी और बलदेव ने डीसी को शिकायत की कि नगरपरिषद सिरसा ने स्थानीय शहरी निकाय विभाग के पत्र अनुसार डब्लयूडब्लयूडब्लयू हरियाणा प्रोक्यूमेंट डाट गर्वमेंट डाट इन पर लगाने थे। लेकिन नगरपरिषद सिरसा ने ई टेंडर डाट हरियाणा डाट एनआईसी की वेबसाइट पर लगाए है। इसलिए टेंडर प्रकिया में पारदर्शिता बरतने के लिए इन टेंडरों को रद्द करके नए नियमानुसार आमंत्रित किए जाए। दोनों के डीसी कार्यालय में शिकायती पत्र सौंपने के बाद इसके खुलने पर विराम लग गया। लेकिन यह टेंडर ओपन नहीं हो पाए। क्योंकि डीसी को भारतीय मानव अधिकार एसोसिएशन के पदाधिकारी ने शिकायती पत्र देते हुए कहा कि जिस वेबसाइट पर टेंडर के लिए आवेदन मांगे गए थे, वह सरकारी गाइडलाइन अनुसार उचित नहीं है। आठ मार्च को पार्षद पहले तो कार्यालय में ही शाम 6 बजे तक टेंडर खुलने का इंतजार करते रहे। लेकिन टेंडर ओपन न करने पर इसके बाद डीसी से मिलने के लिए उनके कैंप कार्यालय में पहुंच गए। लेकिन डीसी के पीए ने कहा कि उनका स्वास्थ्य खराब है, इसलिए वे अभी मिल नहीं सकते। कार्यकारी प्रधान और पार्षद करीब दो घंटे तक डीसी कैंप पर डीसी से मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन डीसी से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। 11 मार्च को डीसी से कार्यकारी प्रधान और पार्षद मिलें। तब डीसी प्रभजोत सिंह ने कहा कि उनके और ईओ के बीच कम्युनिकेशन गैप के चलते टेंडर आठ मार्च को नहीं खुलें सकें। आचार संहिता खत्म होने के बाद टेंडर खोल दिए जाएंगे।
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कोट्स
प्रशासनिक व तकनीकी कारणों के कारण टेंडर रद्द कर दिए गए है। क्योंकि 90 दिनों तक यदि टेंडर नहीं खुलते तो वेबसाइट पर भी रद्द हो जाते हैं। साथ ही टेंडर नियमों अनुसार इन दिनों के बीच टेंडर खुलना जरूरती है।
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श्रवण बैनीवाल, एसडीओ, नगरपरिषद सिरसा।
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