फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   गोगामेड़ी में लाखों श्रद्धालुओं ने गोगाजी मंदिर में लगाई धोक

गोगामेड़ी में लाखों श्रद्धालुओं ने गोगाजी मंदिर में लगाई धोक

Fri, 01 Sep 2017 12:26 AM IST
Updated Fri, 01 Sep 2017 12:26 AM IST
विज्ञापन
गोगामेड़ी में लाखों श्रद्धालुओं ने गोगाजी मंदिर में लगाई धोक
लाखों श्रद्धालुओं ने गोगा मंदिर में लगाई धोक
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चोपटा।
सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक गोगामेड़ी मेले में शुक्ल पक्ष के मुख्य पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने गोगाजी मंदिर में धोक लगाई व प्रसाद चढ़ाकर मन्नत मांगी। बारिश होने से मौसम खुशगवार हो गया। लेकिन चारों तरफ बदबू फैल गई। सात अगस्त से शुरू हुए मेले में लाखों श्रद्धालुओं ने धोक लगाई व सजदा किया। आगामी छह सितंबर को मेले का विधिवत समापन होगा।
वहीं, सिरसा के डेरा प्रकरण के दौरान करीब सप्ताहभर भीड़ काफी कम रही। लेकिन पिछले दो दिनों से श्रद्धालुओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। मेले में अब तक तीन करोड़ 25 लाख रुपये की आय देव स्थान विभाग राजस्थान को हो चुकी है। जिसमें अस्थाई दुकानों की नीलामी से करीब दो करोड़ 25 लाख और चढ़ावे के रूप में एक करोड़ रुपये शामिल हैं।
विज्ञापन

श्रद्धालुओं ने गोगामेड़ी से दो किलो मीटर दूर गोगाणा में गुरु गोरखनाथ के धुणा स्थल पर गोरख गंगा में स्नान किया और धूणे पर शीश नवाकर भक्तों ने गोगाजी के जयकारों साथ हाथों में निशान व ध्वजा लेकर उत्साह के साथ धोक लगाई। गोगाजी के कई भक्तों ने पेट के बल रेंगकर और कनक दंडवत करके भी धोक लगाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेले में हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश व राजस्थान राज्यों के श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा रही। एक बार तो वाहनों की भीड़ के आगे पार्किग स्थल छोटा पड़ गया। नोहर-भादरा मार्ग, नेठराना- गोगामेड़ी मार्ग, भरवाना- गोगामेड़ी इत्यादी मार्गो पर वाहनाें की चार-पांच किलोमीटर लंबी लाइनें लग गई।
बारिश होने के कारण गर्मी और उमस से तो छुटकारा मिला। लेकिन जगह-जगह गंदगी के ढेर होने के कारण और लोगों द्वारा खुले में शौच के जाने के कारण हवा में बदबू फैल गई। जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गोगाजी और गुरु गोरखनाथ के जयकारों से पूरा मेला क्षेत्र गुंजायमान हो गया है।
राजस्थान का देव स्थान विभाग व हनुमानगढ़ जिला प्रशासन मेला की कमान संभाले हुए है। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए हैं। स्वयंसेवी संस्थाएं पेयजल व खोया पाया की व्यवस्था में जुटी हुई है। गोगाजी मंदिर में हिंदू व मुसलमान सहित सभी बिरादरी के लाखों श्रद्धालुओं ने एक साथ पूजा अर्चना की। हिंदू गोगाजी को वीर के रूप में पूजते हैं तथा मुसलमान पीर के रूप में सजदा करते हैं।
गोगाजी के भक्तों का ऐसा मानना है कि मुख्यपर्व नवमी तिथि रात्रि पर जाहरवीर गोगाजी घोड़े़ पर सवार होकर गोगामेड़ी आते हैं तथा घोड़े की टाप सुनाई देती है। टाप सुनकर ऊंट मेले में ऊंट खड़े हो जाते है। कच्चे रास्ते व पक्की सड़क पर पेट के बल कनक दंडवत कर पहुुंच रहे लोगों की श्रद्धा देखते ही बनती है। ढोल नगाडों पर नाचते गाते डमरू व सारंगी की लय पर आगे बढ़ते श्रद्धालु हाथ में गोगाजी के निशान लेकर गुरु गोरखनाथ की जय, जाहरवीर की जय, गोगापीर की जय के गगनभेदी जयकारों से वातावरण गुंजायमान कर रहे हैं। दर्शन के लिए गोगाजी मंदिर के बाहर श्रद्धालुआें की तीन किलोमीटर लंबी लाइन लग गई। श्रद्धालुओं को धोक लगाने के लिए तीन से चार घंटे इंतजार करना पड़ा। वाहन चालकों को अपने वाहन गोगामेड़ी से 2-3 किलोमीटर दूर खड़े करने पड़े जिससे श्रद्धालुओं को को पैदल ही जाना पड़ा।

गुरु शिष्य परंपरा के अनुसार गोगामेडी़ आने वाले श्रद्धालु पहले गोगाजी के मंदिर से दो किलोमीटर दूर गोगाणा में पवित्र तालाब में स्नान कर गुरु गोरखनाथ के धूणे पर शीश नवाने के बाद में गोगामेड़ी मंदिर में गोगाजी की समाधि पर पूजा अर्चना की तथा प्रसाद के रूप में नारियल, खील, मिठाई, नीली ध्वजा, चादर, इत्र, धूप, पैसे व साने चांदी के छत्र आदि सामग्री चढ़ाई।
गोगाजी की समाधि पर धोक लगाने के बाद श्रद्वालु नाहर सिंह, माता बाछल, रानी सिरीयल, भंजू कोतवाल, रतना हाजी, सबल सिंह बावरी, केसरमल, जीतकौर, श्याम कौर, भाई मदारण का समाधियों पर धोक लगाई। मेला परिसर में मनिहारी बाजार, लाठी बाजार ढोलक बाजार, फोटो बाजार, पुस्तक बाजार, मूर्ति बाजार, खिलौनों आदि की दुकानों पर खूब बिक्री हो रही है।
प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से मेला परिसर में वर्दीधारी पुलिस बल के साथ सादी वर्दी में पुरुष व महिला कर्मियों को तैनात किया। जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक अमिलाल सहारण, उप खंड अधिकारी व मेला मजिस्ट्रेट डॉ. हरितिमा, डीएसपी भूपेंद्र जाखड़ आदि मेले में लगातार नजर रखे हुए हैं।



मेले में अब तक करीब तीन करोड़ 25 लाख रुपये की आय देव स्थान विभाग राजस्थान को हो चुकी है। जिसमें अस्थाई दुकानों की नीलामी से करीब दो करोड़ 25 लाख और चढ़ावे के रूप में एक करोड़ रुपये शामिल हैं। चढ़ावे के पैसों और सोने चांदी के छत्र आदी को क्लोज सर्किट कैमरों की निगरानी में गिनने का क्रम जारी है।
- केके खंडेलवाल, देवस्थान विभाग के कार्यकारी सहायक आयुक्त।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed