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Sirsa News: तीन हजार पक्षियों के लिए बनेगा 60 फीट ऊंचा आशियान
Sun, 04 Aug 2024 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 04 Aug 2024 12:56 AM IST
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सेक्टर-20 में पक्षियों के लिए रैन बसेरा की नींव का पत्थर रखतीं ब्रह्माकुमारीज की इन्चार्ज राजय
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। संस्था श्री बालाजी फाउंडेशन की ओर से सिरसा में परिंदों की सेवा के लिए नई पहल शुरू की गई है। शहर के सेक्टर 20 पार्ट-3 में पक्षियों के लिए उच्चतम गुणवत्ता वाले रैन बसेरा टॉवर बनाने का शुभारंभ किया गया। निर्माण कार्य का शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज सिरसा सर्कल की इंचार्ज राजयोगिनी बिंदु ने शनिवार को नींव का पत्थर रख कर किया। शहर में पक्षियों के लिए यह दूसरा टाॅवर बनेगा। इसकी ऊंचाई व क्षमता पहले बने टाॅवर से दोगुना के करीब है। शहर में दादाबाड़ी मंदिर में पक्षी आशियाना बना हुआ है। इसमें बड़ी संख्या में पक्षी रहते हैं।
श्री बाला जी फाउंडेशन के अध्यक्ष मुरलीधर गर्ग ने बताया कि गर्मी में पक्षियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वे पानी, भोजन और छांव के लिए भटकते हैं। इसके लिए पक्षी रैन बसेरा बनाने का निर्णय लिया गया। बताया कि रैन बसेरा की ऊंचाई 60 फीट होगी। इसमें लगभग 3000 पक्षियों के लिए घोंसले बनाए जाएंगे। टाॅवर को हवादार बनाया जाएगा। इससे आंधी, तूफान, गर्मी-सर्दी में पक्षियों की सुरक्षा होगी। रैन बसेरा टाॅवर के निर्माण का कार्य पालनपुर, गुजरात की कंपनी को दिया गया है। कंपनी तीन महीने में निर्माण कार्य पूरा करेगी।
राजयोगिनी बिंदु ने कहा कि पक्षी लुप्त होते हाे रहे हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि परिंदों के संरक्षण में सहयोगी बनें। इस मौके पर अनिल गुप्ता, बृजलाल कन्दोई तथा विनोद मेहता अपने परिजनों सहित विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
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दादाबाड़ी मंदिर में बना है आशियाना
रानियां रोड पर स्थित जैन समुदाय के संत जिनदत्त सूरी महाराज के ऐतिहासिक दादाबाड़ी मंदिर में पक्षी आशियाना बनाया गया है। शहर के कारीगरों ने इसे बंगलूरू में बने पक्षी आशियाने की तर्ज पर बनाया है। इस आशियाने को 21 मंजिला बनाया गया है। इसमें 252 कमरे बने हैं। इसकी ऊंचाई 36 फीट है। प्रत्येक कमरों में रोशनी, हवा व सफाई का विशेष ध्यान दिया गया है। इसी आशियाने के बगल में चौगा घर भी बनाया गया है। इसमें पक्षियों के लिए पीने के पानी और दाने की व्यवस्था की गई है। मंदिर पदाधिकारियों के अनुसार, इसे बनाने में सात से आठ महीने का समय लगा है। जैन समाज की ओर से बनाए गए पक्षियों के आशियाने में कुत्ता, बिल्ली और कोई अन्य जानवर नहीं पहुंच सकते हैं। यह आशियाना जमीन से करीब 10 फीट ऊंचा है।
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सिरसा। संस्था श्री बालाजी फाउंडेशन की ओर से सिरसा में परिंदों की सेवा के लिए नई पहल शुरू की गई है। शहर के सेक्टर 20 पार्ट-3 में पक्षियों के लिए उच्चतम गुणवत्ता वाले रैन बसेरा टॉवर बनाने का शुभारंभ किया गया। निर्माण कार्य का शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज सिरसा सर्कल की इंचार्ज राजयोगिनी बिंदु ने शनिवार को नींव का पत्थर रख कर किया। शहर में पक्षियों के लिए यह दूसरा टाॅवर बनेगा। इसकी ऊंचाई व क्षमता पहले बने टाॅवर से दोगुना के करीब है। शहर में दादाबाड़ी मंदिर में पक्षी आशियाना बना हुआ है। इसमें बड़ी संख्या में पक्षी रहते हैं।
श्री बाला जी फाउंडेशन के अध्यक्ष मुरलीधर गर्ग ने बताया कि गर्मी में पक्षियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वे पानी, भोजन और छांव के लिए भटकते हैं। इसके लिए पक्षी रैन बसेरा बनाने का निर्णय लिया गया। बताया कि रैन बसेरा की ऊंचाई 60 फीट होगी। इसमें लगभग 3000 पक्षियों के लिए घोंसले बनाए जाएंगे। टाॅवर को हवादार बनाया जाएगा। इससे आंधी, तूफान, गर्मी-सर्दी में पक्षियों की सुरक्षा होगी। रैन बसेरा टाॅवर के निर्माण का कार्य पालनपुर, गुजरात की कंपनी को दिया गया है। कंपनी तीन महीने में निर्माण कार्य पूरा करेगी।
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राजयोगिनी बिंदु ने कहा कि पक्षी लुप्त होते हाे रहे हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि परिंदों के संरक्षण में सहयोगी बनें। इस मौके पर अनिल गुप्ता, बृजलाल कन्दोई तथा विनोद मेहता अपने परिजनों सहित विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
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दादाबाड़ी मंदिर में बना है आशियाना
रानियां रोड पर स्थित जैन समुदाय के संत जिनदत्त सूरी महाराज के ऐतिहासिक दादाबाड़ी मंदिर में पक्षी आशियाना बनाया गया है। शहर के कारीगरों ने इसे बंगलूरू में बने पक्षी आशियाने की तर्ज पर बनाया है। इस आशियाने को 21 मंजिला बनाया गया है। इसमें 252 कमरे बने हैं। इसकी ऊंचाई 36 फीट है। प्रत्येक कमरों में रोशनी, हवा व सफाई का विशेष ध्यान दिया गया है। इसी आशियाने के बगल में चौगा घर भी बनाया गया है। इसमें पक्षियों के लिए पीने के पानी और दाने की व्यवस्था की गई है। मंदिर पदाधिकारियों के अनुसार, इसे बनाने में सात से आठ महीने का समय लगा है। जैन समाज की ओर से बनाए गए पक्षियों के आशियाने में कुत्ता, बिल्ली और कोई अन्य जानवर नहीं पहुंच सकते हैं। यह आशियाना जमीन से करीब 10 फीट ऊंचा है।