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Sirsa News: अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में नौकरी के नाम पर ठगे 42 लाख रुपये, डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट समेत पांच पर प्राथमिकी
Tue, 20 Oct 2026 10:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 20 Oct 2026 10:20 PM IST
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सिरसा। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लोगों से 42 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. शमशेर मलिक समेत पांच लोगों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है। मामले की आगामी जांच हिसार पुलिस करेगी।
जांच अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि गांव जोगीवाला निवासी नवीन कुमार ने पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन को दी शिकायत में बताया कि अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में टेक्नीशियन देवी लाल से उसकी पहचान थी। देवी लाल ने हिसार के सेक्टर-14 निवासी श्याम सुंदर के माध्यम से कॉलेज में नौकरी लगवाने की बात कही। एक मई 2026 को उसने श्याम सुंदर से मुलाकात करवाई। नवीन ने खुद, चचेरे भाई सुमित और दोस्त वीरेंद्र को नर्सिंग विभाग में नौकरी दिलाने की इच्छा जताई। आरोप है कि तीनों को नौकरी दिलाने के बदले 42 लाख रुपये मांगे गए। इसके बाद श्याम सुंदर ने फोन पर नवीन की बात डॉ. शमशेर मलिक से करवाई। उसने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल से मिलवाया। इसके बाद में तीनों को नियुक्ति पत्र दे दिए और प्रतिमाह 78 हजार रुपये वेतन देने का वादा किया।
ठेकेदार के खाते से आए वेतन के रुपये
नवीन ने बताया कि 10 जुलाई 2026 को उसके खाते में 43 हजार रुपये वेतन के रूप में आए। कर्मचारियों से पूछताछ करने पर पता चला कि यह राशि मेडिकल कॉलेज के ऑक्सीजन प्लांट के ठेकेदार ने भेजी थी। ठेका राजविंदर कौर के पास होने की जानकारी मिलने पर उसे ठगी का संदेह हुआ। जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर आरोपियों पर जीरो एफआईआर दर्ज कर हिसार पुलिस को भेज दी है।
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जांच अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि गांव जोगीवाला निवासी नवीन कुमार ने पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन को दी शिकायत में बताया कि अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में टेक्नीशियन देवी लाल से उसकी पहचान थी। देवी लाल ने हिसार के सेक्टर-14 निवासी श्याम सुंदर के माध्यम से कॉलेज में नौकरी लगवाने की बात कही। एक मई 2026 को उसने श्याम सुंदर से मुलाकात करवाई। नवीन ने खुद, चचेरे भाई सुमित और दोस्त वीरेंद्र को नर्सिंग विभाग में नौकरी दिलाने की इच्छा जताई। आरोप है कि तीनों को नौकरी दिलाने के बदले 42 लाख रुपये मांगे गए। इसके बाद श्याम सुंदर ने फोन पर नवीन की बात डॉ. शमशेर मलिक से करवाई। उसने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल से मिलवाया। इसके बाद में तीनों को नियुक्ति पत्र दे दिए और प्रतिमाह 78 हजार रुपये वेतन देने का वादा किया।
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ठेकेदार के खाते से आए वेतन के रुपये
नवीन ने बताया कि 10 जुलाई 2026 को उसके खाते में 43 हजार रुपये वेतन के रूप में आए। कर्मचारियों से पूछताछ करने पर पता चला कि यह राशि मेडिकल कॉलेज के ऑक्सीजन प्लांट के ठेकेदार ने भेजी थी। ठेका राजविंदर कौर के पास होने की जानकारी मिलने पर उसे ठगी का संदेह हुआ। जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर आरोपियों पर जीरो एफआईआर दर्ज कर हिसार पुलिस को भेज दी है।
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