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चार्ज के नाम पर आधा-अधूरा रिकॉर्ड सौंपने का आरोप, बीडीपीओ से मिली पंचायत
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ओढां। गांव राजपुरा में बीती 15 अप्रैल को नियुक्त किए गए कार्यवाहक सरपंच रामेश्वर लीलड़ को सस्पेंड सरपंच की ओर से चार्ज के नाम पर आधा-अधूरा रिकॉर्ड दिया गया है। इस मामले को लेकर पंचायत बीडीपीओ से मिली। बीडीपीओ ने ग्राम सचिव को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि पूर्व सरपंच से पंचायती चल-अचल संपत्ति व चार्ज दिलवाना ग्राम सचिव का कार्य है जिसमें कोताही क्यों बरती जा रही है।
ग्राम सचिव ने बीडीपीओ को आश्वस्त किया कि सोमवार को पूरे रिकॉर्ड की सूची बनाकर कार्यवाहक सरपंच को सौंप दी जाएगी। गौरतलब हो कि वर्ष 2018-19 की पंचायती भूमि की बोली से प्राप्त हुई करीब 20 लाख रुपये की राशि को सरपंच इंद्राज लीलड़ द्वारा नियमानुसार बैंक मेें जमा न करवाकर कैश इन हैंड रखने की शिकायत पर उपायुक्त ने जांच उपरांत सरपंच को सस्पेेंड कर दिया था।
कार्यवाहक सरपंच चुनने व पंचायत की पूूरी चल-अचल संपत्ति को कार्यवाहक सरपंच को सौंपने के आदेश दिए गए थे। 15 अप्रैल को पंच रामेश्वर लीलड़ को वोटिंग प्रक्रिया के जरिए कार्यवाहक सरपंच चुना गया था। बीडीपीओ ने ग्राम सचिव को चार्ज दिलवाने के आदेश दिए थे। विशेष बात ये है कि 2019-20 की पंचायती भूमि की बोली से प्राप्त हुई 21 लाख 33 हजार 200 रुपये की राशि भी पूर्व सरपंच इंद्राज लीलड़ द्वारा अभी तक बैंक में जमा नहीं करवाई गई है। तीन दिन पूर्व कार्यवाहक सरपंच को चार्ज के नाम पर कुर्सियां, मेज, बैंक पासबुक व चेकबुक, कुछ चालू रिकॉर्ड सौंपा गया है। लेकिन पुराना रिकॉर्ड अभी तक नहीं सौंपा गया है। इस मामले को लेकर पंचायत बीडीपीओ बलराज सिंह से मिली। बीडीपीओ ने ग्राम सचिव को फटकार लगाते हुए कहा कि जब उन्हें चार्ज व चल-अचल संपत्ति सौंपने के निर्देश दिए गए थे तो इसमेें ढील क्यों बरती गई।
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कुछ रिकॉर्ड हासिल किया जा चुका है। जो बाकी रिकॉर्ड है वो सोमवार को ले लिया जाएगा। पंचायती भूमि की बोली से जो 21 लाख 33 हजार 200 रुपये की राशि प्राप्त हुई थी वो रिकॉर्ड के मुताबिक नकद राशि पूर्व सरपंच इंद्राज लीलड़ के पास है। मैंने ये लिखकर दे दिया है।
- जंगीर सिंह, ग्राम सचिव
चार्ज के नाम पर अभी तक मेज, कुर्सी व आधा-अधूरा रिकॉर्ड ही दिया गया है। हम पूरे रिकॉर्ड व चल-अचल संपत्ति को लेकर बीडीपीओ से मिले थे। जो 21 लाख 33 हजार 200 रुपये बोली की राशि है वो अभी तक पंचायत के खाते में जमा नहीं हुई है।
- रामेश्वर लीलड़, कार्यवाहक सरपंच
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ग्राम सचिव ने बीडीपीओ को आश्वस्त किया कि सोमवार को पूरे रिकॉर्ड की सूची बनाकर कार्यवाहक सरपंच को सौंप दी जाएगी। गौरतलब हो कि वर्ष 2018-19 की पंचायती भूमि की बोली से प्राप्त हुई करीब 20 लाख रुपये की राशि को सरपंच इंद्राज लीलड़ द्वारा नियमानुसार बैंक मेें जमा न करवाकर कैश इन हैंड रखने की शिकायत पर उपायुक्त ने जांच उपरांत सरपंच को सस्पेेंड कर दिया था।
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कार्यवाहक सरपंच चुनने व पंचायत की पूूरी चल-अचल संपत्ति को कार्यवाहक सरपंच को सौंपने के आदेश दिए गए थे। 15 अप्रैल को पंच रामेश्वर लीलड़ को वोटिंग प्रक्रिया के जरिए कार्यवाहक सरपंच चुना गया था। बीडीपीओ ने ग्राम सचिव को चार्ज दिलवाने के आदेश दिए थे। विशेष बात ये है कि 2019-20 की पंचायती भूमि की बोली से प्राप्त हुई 21 लाख 33 हजार 200 रुपये की राशि भी पूर्व सरपंच इंद्राज लीलड़ द्वारा अभी तक बैंक में जमा नहीं करवाई गई है। तीन दिन पूर्व कार्यवाहक सरपंच को चार्ज के नाम पर कुर्सियां, मेज, बैंक पासबुक व चेकबुक, कुछ चालू रिकॉर्ड सौंपा गया है। लेकिन पुराना रिकॉर्ड अभी तक नहीं सौंपा गया है। इस मामले को लेकर पंचायत बीडीपीओ बलराज सिंह से मिली। बीडीपीओ ने ग्राम सचिव को फटकार लगाते हुए कहा कि जब उन्हें चार्ज व चल-अचल संपत्ति सौंपने के निर्देश दिए गए थे तो इसमेें ढील क्यों बरती गई।
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कुछ रिकॉर्ड हासिल किया जा चुका है। जो बाकी रिकॉर्ड है वो सोमवार को ले लिया जाएगा। पंचायती भूमि की बोली से जो 21 लाख 33 हजार 200 रुपये की राशि प्राप्त हुई थी वो रिकॉर्ड के मुताबिक नकद राशि पूर्व सरपंच इंद्राज लीलड़ के पास है। मैंने ये लिखकर दे दिया है।
- जंगीर सिंह, ग्राम सचिव
चार्ज के नाम पर अभी तक मेज, कुर्सी व आधा-अधूरा रिकॉर्ड ही दिया गया है। हम पूरे रिकॉर्ड व चल-अचल संपत्ति को लेकर बीडीपीओ से मिले थे। जो 21 लाख 33 हजार 200 रुपये बोली की राशि है वो अभी तक पंचायत के खाते में जमा नहीं हुई है।
- रामेश्वर लीलड़, कार्यवाहक सरपंच