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वाटर वक्र्स में क्लोरीन गैस लीकेज, जानी नुकसान नहीं
Updated Thu, 28 Jun 2018 01:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। हुडा के मिनी वाटर वर्क्स में बुधवार की दोपहर क्लोरीन गैस लीक हो गई। गैस लीक होते ही कुछ कर्मचारी भाग खड़े हुए। एक कर्मचारी गैस की चपेट में आ गया, जिससे बाद में उपचार के लिए अस्पताल में पहुंचाया गया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंची। गैस लीकेज की सूचना हुडा के एसडीओ पन्नू राम कंबोज और जेई भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। गैस का रिसाव सिलिंडर के वाल्व से लीक होने पर हुआ। कर्मचारी रमेश कुमार ने बताया कि बुधवार की दोपहर हुडा मिनी वाटर वर्क्स में कर्मचारी सप्लाई छोड़ रहे थे। इसी दौरान सप्लाई शुरू करने के दौरान जब पानी में क्लोरीन की सप्लाई छोड़ी तो अचानक गैस लीकेज हो गई। लीकेज से वाटर वर्क्स परिसर में गैस फैल गई। वाटर वर्क्स में तैनात कर्मचारी लीकेज गैस को देखकर मौके से भागने लगे। आसपास के लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर सूचित किया। वहीं सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। दोनों गाड़ियों ने पानी की बौछारों से लीकेज गैस को नियंत्रित किया। इस दौरान वाटर वर्क्स कर्मचारी रमेश कुमार गैस की चपेट में आ गया और बेसुध हो गया। आसपास के लोगों ने अस्पताल में पहुंचाया। जहां उसकी स्थिति सामान्य है। वहीं सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। दोपहर बाद कर्मचारी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
बता दें कि क्लोरीन गैस पानी को साफ करने में इस्तेमाल की जाती है। खासकर गर्मियों के मौसम में इसका ज्यादा प्रयोग किया जाता है। क्योंकि गर्मियों में पानी की खपत अधिक होती है। पूर्व में जहां क्लोरीन पाउडर का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन उसका नुकसान ये था कि एक तो वो कुछ ही दूरी तक जाता था। जिससे पूरे पानी में क्लोरीन का फैलाव नहीं होता था। दूसरा दवा भी कम ज्यादा हो जाती थी। लेकिन क्लोरीन गैस सिस्टम में मीटर लगाया गया है। जब पानी की सप्लाई की जाती है तो उसके साथ गैस की एक छोटी पाइप नोजल के साथ अटैच की जाती है, जिससे क्लोरीन गैस शुरू से लेकर अंत तक पानी में पहुंच जाती है।
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गैस के प्रभाव से मृत्यु तक हो सकती है:
क्लोरीन गैस व्यक्ति के फेफड़ों को प्रभावित करती है। प्रभाव से व्यक्ति बेसुध हो सकता है। अगर ज्यादा इसके संपर्क में आ जाए तो व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।
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- डॉ. बशमिंद्र सिंह, चिकित्सक सिरसा।