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खाद्य एवं औषद्यि विभाग में 30 दुकानदारों ने लिया प्रशिक्षण

Thu, 27 Feb 2020 12:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2020 12:36 AM IST
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30 shopkeepers took training in food department office
30 shopkeepers took training in food department office - फोटो : Sirsa
जिले में खाद्य पदार्थ बनाने वाले तथा दुकान चलाने वाले दुकानदारों को सिविल अस्पताल सिरसा में बुधवार को प्रशिक्षण दिया गया। जिला स्तरीय हुई बैठक में केवल 30 दुकानदारों ने भाग लिया। जबकि जिले में करीब 1900 लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है तथा 850 दुकानों को लाइसेंस दिए गए हैं। बावजूद इसके ज्यादातर दुकानदारों ने प्रशिक्षण शिविर में आना उचित नहीं समझा। जबकि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार तीन साल में एक बार प्रशिक्षण लेना जरूरी होता है।
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बुधवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में जिले के दुकानदारों को प्रशिक्षण दिया गया। दुकानदारों को बताया कि जब वह खाने का कोई सामान बनाते हैं तो उसमें साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। वहीं प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि सभी दुकानदारों अपने साथियों तथा आसपास चल रही दुकानों के मालिकों को जागरूक करें कि वह अपना पंजीकरण करवाकर लाइसेंस बना लें। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के आदेशानुसार रजिस्ट्रेशन के बिना कोई भी कॉलेज-स्कूल की कैंटीन, धार्मिक संस्थानों में भंडारे, किराने की दुकानें नहीं चलाई जा सकती। अगर ऐसे कोई संचालक पाया जाता है तो उस पर खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके साथ ही सभी दुकानदारों को रजिस्ट्रेशन के साथ प्रशिक्षण भी लेना होगा। जिले में अभी तक 1900 लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवा लिया है, वहीं 850 दुकानदारों को लाइसेंस दे दिए गए हैं।
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लाइसेंस के लिए यह रहेगी फीस
जिस दुकानदार की आय 12 लाख रुपये या इससे कम है। उसके लाइसेंस के लिए उसे एक साल के 100 रुपये देने होंगे। अगर किसी दुकानदार का व्यवसाय 12 लाख से 20 करोड़ रुपये तक हैं तो उसे 2000 रुपये सालाना देने होंगे। अगर कोई व्यापारी या दुकानदार किसी खाद्य सामग्री का उत्पादन करता है तो उसे 100 किलोग्राम उत्पादन तक 100 रुपये सालाना तथा 10 क्विंटल तक तीन हजार रुपये सालाना भुगतान करने पड़ेंगे। वहीं अगर कोई डेयरी अथवा दूध का व्यवसाय करता है तो उसे 500 लीटर तक 100 रुपये तथा 10 हजार लीटर तक तीन हजार रुपये सालाना भुगतान करने पड़ेंगे।
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तीन साल में एक बार बैठक में आना अनिवार्य
डॉ. महावीर ने बताया कि सभी दुकानदारों को इस बैठक में आना अनिवार्य होता है। जिसके बाद रेस्टोरेंट संचालक अपने अन्य साथियों तथा कारीगरों को सफाई के बारे में बताएं तथा उन्हें किसी भी मिठाई बनाने में प्रयोग लाए जाने वाला समान भी उचित मात्रा में डलवाएं। डॉ. महावीर ने बताया कि सभी दुकानों पर रह रहे कर्मचारियों का हर तीसरे महीने में मेडिकल करवाया जाना चाहिए।
कैसे करें आवेदन
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ऑनलाइन वेबसाइट एफएसएसएआई पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकता है। जिसके बाद उसकी फीस भी ऑनलाइन ही भरी जाएगी। किसी भी दुकानदार को किसी कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं है। अपना आवेदन दुकानदार ऑनलाइन स्वयं ही कर सकता है।

सभी दुकानदारों के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है। अगर किसी दुकानदार का रजिस्ट्रेशन नहीं होता है तो उस पर जुर्माने के साथ सजा का भी प्रावधान है। इसके साथ ही सभी दुकानदार तीन साल में एक बार प्रशिक्षण जरूर लें जो कानूनी रूप से बहुत ही जरूरी है।
--डॉ. महावीर, इंस्पेक्टर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग।
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