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सर्वसम्मिति से शुक्रवार को मिल्क प्लांट में हुए चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव, नौ निदेशकों में से चुने गए
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भूपेंद्र गिल चेयरमैन और मंगल सिंह बने सिरसा मिल्क प्लांट के वाइस चेयरमैन
सिरसा। सिरसा मिल्क प्लांट के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव में सर्वसम्मति से कुल नौ निदेशकों में से जोन नंबर चार से भूपेंद्र सिंह गिल को चेयरमैन चुना गया। जबकि जोन नंबर तीन से मंगल सिंह को वाइस चेयरमैन चुना गया। हालांकि इससे पहले चुनावों को लेकर पिछले कई दिनों से कशमकश चल रही थी। एक पक्ष के पास करीब पांच और दूसरे पक्ष के पास चार निदेशकों का समर्थन था। सिरसा मिल्क प्लांट के सीईओ का एक मत और एमडी कार्यालय का एक मत निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
शुक्रवार को सिरसा मिल्क प्लांट का चुनाव था। प्लांट के सीईओ बिछंबर सिंह की अध्यक्षता में इसके लिए करीब 11 बजे का समय रखा गया। लेकिन चुनावों से कुछ समय पहले ही दोनों पक्षों में सहमति बन गई। मीटिंग शुरू होने पर निदेशक महेंद्र पूनियां ने जोन नंबर चार से भूपिंद्र सिंह गिल का नाम रखा। जिस पर सभी ने सहमति जताई। इसके बाद वाइस चेयरमैन के लिए जोन नंबर तीन से महेंद्र सिंह का नाम रखा गया। जिस पर भी सभी ने सहमति जताई। ऐसे में सिरसा मिल्क प्लांट के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव सर्वसम्मति से हो गया। सिरसा मिल्क प्लांट के करीब नौ निदेशक है। निदेशक का कार्यकाल तीन साल का होता है। जबकि चेयरमैन का कार्यकाल एक साल के लिए होता है।
जनवरी में बने थे दो निदेशक
गांव करीवाला के रहने वाले भूपिंदर सिंह गिल मौजूदा सरंपच बूटा सिंह के छोटे भाई है। जो कि कांग्रेस समर्थक है। भूपिंदर सिंह ने जनवरी महीने में निदेशक के चुनाव में अपने ही गांव के निशान सिंह को हराया था। भूपिंदर सिंह गिल पहली बार निदेशक का चुनाव जीते और पहली बार ही सिरसा मिल्क प्लांट के चेयरमैन बन गए। उनसे पहले अजय चाडीवाला मिल्क प्लांट के चेयरमैन रहे हैं।
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सिरसा। सिरसा मिल्क प्लांट के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव में सर्वसम्मति से कुल नौ निदेशकों में से जोन नंबर चार से भूपेंद्र सिंह गिल को चेयरमैन चुना गया। जबकि जोन नंबर तीन से मंगल सिंह को वाइस चेयरमैन चुना गया। हालांकि इससे पहले चुनावों को लेकर पिछले कई दिनों से कशमकश चल रही थी। एक पक्ष के पास करीब पांच और दूसरे पक्ष के पास चार निदेशकों का समर्थन था। सिरसा मिल्क प्लांट के सीईओ का एक मत और एमडी कार्यालय का एक मत निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
शुक्रवार को सिरसा मिल्क प्लांट का चुनाव था। प्लांट के सीईओ बिछंबर सिंह की अध्यक्षता में इसके लिए करीब 11 बजे का समय रखा गया। लेकिन चुनावों से कुछ समय पहले ही दोनों पक्षों में सहमति बन गई। मीटिंग शुरू होने पर निदेशक महेंद्र पूनियां ने जोन नंबर चार से भूपिंद्र सिंह गिल का नाम रखा। जिस पर सभी ने सहमति जताई। इसके बाद वाइस चेयरमैन के लिए जोन नंबर तीन से महेंद्र सिंह का नाम रखा गया। जिस पर भी सभी ने सहमति जताई। ऐसे में सिरसा मिल्क प्लांट के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव सर्वसम्मति से हो गया। सिरसा मिल्क प्लांट के करीब नौ निदेशक है। निदेशक का कार्यकाल तीन साल का होता है। जबकि चेयरमैन का कार्यकाल एक साल के लिए होता है।
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जनवरी में बने थे दो निदेशक
गांव करीवाला के रहने वाले भूपिंदर सिंह गिल मौजूदा सरंपच बूटा सिंह के छोटे भाई है। जो कि कांग्रेस समर्थक है। भूपिंदर सिंह ने जनवरी महीने में निदेशक के चुनाव में अपने ही गांव के निशान सिंह को हराया था। भूपिंदर सिंह गिल पहली बार निदेशक का चुनाव जीते और पहली बार ही सिरसा मिल्क प्लांट के चेयरमैन बन गए। उनसे पहले अजय चाडीवाला मिल्क प्लांट के चेयरमैन रहे हैं।
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