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Sirsa News: फर्जी फर्म और नकली डाई बनाकर कोटा यूरिया भेजने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

Mon, 01 Jun 2026 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Mon, 01 Jun 2026 11:02 PM IST
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2 arrested in urea black marketing
सिरसा कांडा कॉलोनी की वह गली जहां दिखाया गया था कार्यालय। संाद 
आरोपियों ने बताया उनका काम केवल बिल काटकर खाद को कोटा भिजवाना था, मामले में 5-7 लोग शामिल
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फर्म के असल मालिकों का पता लगा रही है पुलिस, गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को मिली जमानत

फोटो - 34

संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। कृषि ग्रेड की यूरिया को अवैध रूप से टेक्निकल ग्रेड बनाकर बेचने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी हर्ष खतरी निवासी नोहरिया बाजार सिरसा व हिमांशु उर्फ मासूम सिंगला निवासी बी ब्लॉक सिरसा के रहने वाले हैं। वहीं, इस मामले में कृषि विभाग की टीमें भी जांच में जुटी हैं। कृभको केंद्रों से किन-किन सोसायटी को यूरिया दी गई है। इसका रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
सोमवार को कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुखदेव कंबोज ने सभी एसडीओ व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। कृभकों से सोसायटियों को गए हर कट्टे के हिसाब का मिलान किया जाएगा, वह भले ही किसान के पास क्यों न गया हो। वहीं, इस मामले में फर्जी फर्म बनाकर हेराफेरी हुई है।
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सतनाम ट्रेडर्स का कोई कार्यालय कांडा कॉलोनी में नहीं है। वहां पर रिहायशी मकान है। ऐसा होना उप आबकारी एवं कराधान विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। वहीं, जीएसटी नंबर की जांच भी विभाग के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे करेगी। जीएसटी में बीते दिन सामने आया था कि नंबर सीमेंट का काम करने वाली एजेंसी है, जिससे साबित हुआ था कि बड़े स्तर पर जीएसटी की हेरफेर की जा रही थी। ये हालात शहर में तब हैं जब पदम बंसल फर्जी फर्म मामला लंबे समय से चल रहा है।
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पांच से सात अन्य आरोपियों को लेकर दबिश जारी
पुलिस जांच के दौरान आरोपी ने बताया कि उनका काम केवल सरकारी कट्टे से यूरिया खाद को निकालकर दूसरे कट्टे में डलवाना और बिल काटकर इसे आगे कोटा भिजवाना था। थाना प्रभारी आईपीएस शिवम ने बताया कि इस मामले में 5 से 7 लोग शामिल हैं। उक्त दोनों आरोपियों की आयु 25 से 27 वर्ष है। दोनों से पूछताछ में अहम जानकारियों मिली हैं। जल्द ही मामले में शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, पूछताछ के बाद आरोपी हर्ष व मासूम सिंगला को पुलिस बेल पर रिहा कर दिया गया।
दुकान नंबर 117 के आदेश पर कट्टे भरने गए थे मजदूर
पुलिस व कृषि विभाग की जांच में सामने आया है कि मंडी की दुकान नंबर 117 राव खाद बीज भंडार से मजदूरों को कट्टे भरने के लिए भेजा गया था। मामला सामने आने के बाद से ही दुकान मालिक दुकान बंद कर गायब है। इस मामले में विभाग की टीमें नजर बनाए हुए हैं। जल्द ही दुकान का सारा रिकॉर्ड जब्त किया जाएगा। वहीं, इस मामले में सामने आया है कि राव खाद बीज भंडार में पांच-सात साल पहले ही बंद हो चुका है। इस फर्म के नाम से कोई काम नहीं हो रहा था। आखिरकार कौन इस दुकान में बैठकर काम कर रहा था विभाग के अधिकारी इसकी जांच में जुट गए हैं। अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।
डबवाली की सप्लाई होने की चर्चाएं बाजार में
इस मामले में बाजार में चर्चाएं हैं कि हाल ही में लगी कृभको की रैक की डबवाली में सोसायटियों को सप्लाई हुई थी। उसी सप्लाई में से यह खेल किसी सोसायटी ने किया। इसी आधार पर अब विभाग के टारगेट पर सभी सोसायटी आ गई हैं। वह चाहे सरकारी हो या ग्रामीण स्तर पर बनाई गई है। सभी सोसायटी की पूरी तरह से जांच की जाएगी। हालांकि, काफी रिकॉर्ड विभाग के द्वारा अपने पास लिया गया है। इसके अलावा, तेजी से इस मामले में जांच चल रही है। उम्मीद है कि सोसायटी में किसानों के साथ मिलकर चलने वाला खेल भी सामने आएगा।
जल्द मोटा पैसा कमाने का खेल
मंडी के कुछ व्यापारियों ने बताया कि यह खेल मोटा पैसा कमाने का होगा। जीएसटी से लेकर एग्रीकल्चर ग्रेड यूरिया को टेक्निकल ग्रेड में बदलना आसान काम नहीं। यह एक या दो व्यक्ति का काम नहीं हो सकता है। इसके पीछे सरकारी तंत्र से लेकर मार्केट के लोग तक शामिल मिलेंगे। एक पूरा नेटवर्क मिलकर ऐसा काम करता है। सब्सिडी पर 277 रुपये की मिलने वाली यूरिया को 1500 से 1600 रुपये में बदलना बड़ी बात है। इस मामले में तह तक जांच होती है तो सरकारी सिस्टम से लेकर बाजार तक के राज सामने आएंगे।
डीसी और एसएचओ को लिखा पत्र
इस मामले में उप निदेशक डाॅ. सुखदेव सिंह कंबोज ने इस मामले में निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। इस मामले में जीएसटी विभाग से ही जीएसटी नंबर व फर्मों के आधार पर सच्चाई सामने आ सकती है।

कोटस
हमारी ओर से पुलिस और उपायुक्त को पत्र लिखा गया है। हमारा प्रयास है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच हो। जांच से सामने आए कि कौन लोग यह हेराफेरी कर रहे थे। इसके अलावा, विभागीय तौर पर जांच जारी है। कृभको के पूरे रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
-डॉ. सुखदेव सिंह कंबोज, डीडीए, सिरसा
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