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ई-ट्रेडिंग प्रणाली को समझने में व्यस्त कर्मचारी, नहीं शुरू हो पा रही गेहूं की खरीद
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ऐलनाबाद। बैसाखी पर शुरू हुई गेहूं की कटाई के बाद तीन दिन में ही स्थानीय मंडी में 5000 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। एकदम से आवक शुरू होने से पूरी मंडी गेहूं की ढेरियों से अट चुकी है। उधर तीन दिन से फसल लेकर मंडी में बैठे किसान खरीद शुरू न होने से परेशान हो रहे हैं।
किसान नेताओं ने शीघ्र खरीद न शुरू होने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी खरीद न शुरू होने के पीछे सरकार द्वारा लागू नई प्रणाली को बता रहे हैं। जिसमें मार्केट फीस से लेकर बिल बनाने आदि की जिम्मेदारी खाद्य आपूर्ति इंस्पेक्टरों को सौंपी गई है।
किसान ताराचंद, बलकार सिंह, निशान, प्रगट, प्रेम, बलराम, नरेश, जगदीश ने बताया कि वह लोग तीन दिन से मंडी में गेहूं लेकर बैठे हैं। सरकार द्वारा खरीद न शुरू करने के कारण बेहद परेशानी आ रही है। मंडी में मौजूदा हालात ऐसे बन गए है कि गेहूं की ढेरी लगाना तो दूर पैर रखने की जगह नहीं बची। ऊपर से मौसम खराब होने की खबरें भी आ रही हैं। अगले दो दिनों में मौसम बिगड़ा तो किसान की फसल बिना खरीद के कारण मंडी में भी बर्बाद हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत व्यवस्था बनाते हुए खरीद शुरू करवानी चाहिए।
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सरकार जानबूझकर किसानों को परेशान कर रही है। अपनी छह माह की कमाई लेकर मंडी में बैठे किसान खरीद न शुरू होने के कारण परेशान हो रहे हैं। हर वर्ष गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू होती है 15 दिन ऊपर हो जाने के बाद भी खरीद शुरू न होना सरकार की कमजोर व्यवस्था दर्शाती है। शीघ्र ही खरीद शुरू न हुई तो किसान संगठन प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे ।
- प्रकाश ममेरां, किसान नेता
अब तक जो बात हम सरकार को समझा रहे थे, अब उसे समझ में आ रही है। गेहूं खरीद की व्यवस्था बिना ठोस प्रबंधों के मुश्किल है। अभी तीन दिन में ही सरकार की पोल खुल गई है। इतने बडे़ स्तर पर बिल बनाने व मार्केट फीस संबंधी कार्य करना कठिन रहेगा ।
- जय सिंह गोरा, अध्यक्ष, आढ़ती एसोसिएशन
नई नियमों के मुताबिक अब मार्केट फीस से लेकर बिल बनाने, इकट्ठे करने व अन्य कार्यों की जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी गई है। नई व्यवस्था को समझने व नए सिरे से प्रबंध करने के कारण देरी हो रही है। उम्मीद है मंगलवार से खरीद शुरू कर दी जाएगी।
- अशोक कुमार, खाद्य आपूर्ति इंस्पेक्टर, ऐलनाबाद
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किसान नेताओं ने शीघ्र खरीद न शुरू होने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी खरीद न शुरू होने के पीछे सरकार द्वारा लागू नई प्रणाली को बता रहे हैं। जिसमें मार्केट फीस से लेकर बिल बनाने आदि की जिम्मेदारी खाद्य आपूर्ति इंस्पेक्टरों को सौंपी गई है।
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किसान ताराचंद, बलकार सिंह, निशान, प्रगट, प्रेम, बलराम, नरेश, जगदीश ने बताया कि वह लोग तीन दिन से मंडी में गेहूं लेकर बैठे हैं। सरकार द्वारा खरीद न शुरू करने के कारण बेहद परेशानी आ रही है। मंडी में मौजूदा हालात ऐसे बन गए है कि गेहूं की ढेरी लगाना तो दूर पैर रखने की जगह नहीं बची। ऊपर से मौसम खराब होने की खबरें भी आ रही हैं। अगले दो दिनों में मौसम बिगड़ा तो किसान की फसल बिना खरीद के कारण मंडी में भी बर्बाद हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत व्यवस्था बनाते हुए खरीद शुरू करवानी चाहिए।
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सरकार जानबूझकर किसानों को परेशान कर रही है। अपनी छह माह की कमाई लेकर मंडी में बैठे किसान खरीद न शुरू होने के कारण परेशान हो रहे हैं। हर वर्ष गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू होती है 15 दिन ऊपर हो जाने के बाद भी खरीद शुरू न होना सरकार की कमजोर व्यवस्था दर्शाती है। शीघ्र ही खरीद शुरू न हुई तो किसान संगठन प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे ।
- प्रकाश ममेरां, किसान नेता
अब तक जो बात हम सरकार को समझा रहे थे, अब उसे समझ में आ रही है। गेहूं खरीद की व्यवस्था बिना ठोस प्रबंधों के मुश्किल है। अभी तीन दिन में ही सरकार की पोल खुल गई है। इतने बडे़ स्तर पर बिल बनाने व मार्केट फीस संबंधी कार्य करना कठिन रहेगा ।
- जय सिंह गोरा, अध्यक्ष, आढ़ती एसोसिएशन
नई नियमों के मुताबिक अब मार्केट फीस से लेकर बिल बनाने, इकट्ठे करने व अन्य कार्यों की जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी गई है। नई व्यवस्था को समझने व नए सिरे से प्रबंध करने के कारण देरी हो रही है। उम्मीद है मंगलवार से खरीद शुरू कर दी जाएगी।
- अशोक कुमार, खाद्य आपूर्ति इंस्पेक्टर, ऐलनाबाद