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फीडर के कनेक्शन को लेकर एकजुट हुए चार गांवों के किसान
Updated Fri, 31 Aug 2018 02:16 AM IST
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फीडर के कनेक्शन को लेकर एकजुट हुए चार गांवों के किसान, चार घंटे किया हंगामा
ओढां। नुहियांवाली तृतीय एपी फीडर पर से लोड कम कर नए फीडर पर डालने को लेकर 4 गांवों के किसानों ने 4 घंटे तक हंगामा किया। इस दौरान किसानों ने नुहियांवाली व जंडवाला जटान बिजली घर पर रोष का इजहार किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनकी समस्या का हल किया जाए अन्यथा वे धरना लगाकर बैठ जाएंगे। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्या का समाधान करवाया तो किसानों ने अपना रोष प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
दरअसल ओढां 132 केे वी पॉवर हाउस से नुहियांवाली प्रथम व तृतीय एपी फीडर निकलते हैं। दोनों फीडरों पर सालमखेड़ा, चोरमार, घुंकावाली, ओढां व नुहियांवाली की करीब साढ़े 400 मोटरें पड़ती हैं। प्रथम फीडर पर लोड अधिक होने की वजह से विभाग ने कुछ समय पूर्व कुछ मोटरों का लोड तृतीय फीडर पर डाल दिया था। जिसके बाद उक्त फीडर पर लोड ज्यादा होने की वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही थी। किसानों का कहना है कि उक्त फीडर पर लोड इस कदर है कि मोटरें चल ही नहीं पा रही। विभाग ने इस समस्या से निपटने के लिए कुछ माह पूर्व जंडवाला 33 केवी से दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत एक अलग से फीडर निकाला था। ताकि नुहियांवाली तृतीय फीडर का कुछ लोड उस पर डाला जा सके। चारों गांवों के किसान फीडर का कनेक्शन करने के लिए पिछले काफी दिनों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। लेकिन अधिकारी तकनीकी कारणों का हवाला देकर किसानों को टरकाते आ रहे थे।
खेतों में डेरा डालने को विवश हैं किसान: किसानों ने बताया कि तृतीय फीडर पर करीब ढाई सौ मोटरें लगी हैं। स्थिति ये है कि लोड अधिक होने की वजह से विद्युत आपूर्ति सही तरीके से नहीं चल पा रही। उन्होंने बताया कि इस भीषण गर्मी में फसलों को सिंचाई की अति आवश्यकता है। नहरों में पानी न होने के चलते किसान ट्यूबवेलों पर आश्रित हैं। लेकिन विद्युत आपूर्ति सुचारु रूप से न चलने के कारण उनकी फसलें प्रभावित होती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आपूर्ति के इंतजार मेें उन्हें दिन व रात खेतों में डेरा डालने को विवश होना पड़ रहा है।
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कनेक्शन करो अन्यथा यहीं धरने पर बैठ जाएंगे: किसान बलविंद्र यादव, डिप्टी सिंह, राजकुमार, जगदीश, प्रेम कुमार, राजेश कुमार, कुलदीप व जसवीर सिंह ने बताया कि अधिकारी उन्हें पिछले करीब 2 माह से तकनीकी कारणों का हवाला दे रहे हैं। किसानों ने जेई व एसडीओ से फोन पर बात करते हुए कहा कि अगर उनकी समस्या का हल नहीं किया गया तो वे बिजली घर में धरने पर बैठ जाएंगे। किसानों ने जंडवाला बिजली घर में तैनात कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि लाइन का कार्य अभी शेष है। इस बात को लेकर किसान भडक़ गए और उन्होंने अन्य किसानों को भी बुला लिया। किसानों ने पैसे एकत्रित कर जेसीबी मशीन भी कार्य करने के लिए मौके पर बुला ली। मामला बढ़ता देख जेई ओमप्रकाश कड़वासरा व सूरजपाल ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया।
-नुहियांवाली तृतीय फीडर पर लोड अधिक होने की वजह से लाइन चल नहीं पा रही थी। इसी के मद्देनजर नई लाइन डाली गई थी। नए फीडर पर ट्राई के तौर पर एक बार करीब 70 मोटरों का लोड डाला गया है। उक्त फीडर अगर सही चला तो धीरे-धीरे उस पर लोड बढ़ा दिया जाएगा। किसानों की समस्या का हल करवा दिया गया है।
-ओमप्रकाश कड़वासरा, जेई पंजुआना।
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ओढां। नुहियांवाली तृतीय एपी फीडर पर से लोड कम कर नए फीडर पर डालने को लेकर 4 गांवों के किसानों ने 4 घंटे तक हंगामा किया। इस दौरान किसानों ने नुहियांवाली व जंडवाला जटान बिजली घर पर रोष का इजहार किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनकी समस्या का हल किया जाए अन्यथा वे धरना लगाकर बैठ जाएंगे। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्या का समाधान करवाया तो किसानों ने अपना रोष प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
दरअसल ओढां 132 केे वी पॉवर हाउस से नुहियांवाली प्रथम व तृतीय एपी फीडर निकलते हैं। दोनों फीडरों पर सालमखेड़ा, चोरमार, घुंकावाली, ओढां व नुहियांवाली की करीब साढ़े 400 मोटरें पड़ती हैं। प्रथम फीडर पर लोड अधिक होने की वजह से विभाग ने कुछ समय पूर्व कुछ मोटरों का लोड तृतीय फीडर पर डाल दिया था। जिसके बाद उक्त फीडर पर लोड ज्यादा होने की वजह से विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही थी। किसानों का कहना है कि उक्त फीडर पर लोड इस कदर है कि मोटरें चल ही नहीं पा रही। विभाग ने इस समस्या से निपटने के लिए कुछ माह पूर्व जंडवाला 33 केवी से दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत एक अलग से फीडर निकाला था। ताकि नुहियांवाली तृतीय फीडर का कुछ लोड उस पर डाला जा सके। चारों गांवों के किसान फीडर का कनेक्शन करने के लिए पिछले काफी दिनों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। लेकिन अधिकारी तकनीकी कारणों का हवाला देकर किसानों को टरकाते आ रहे थे।
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खेतों में डेरा डालने को विवश हैं किसान: किसानों ने बताया कि तृतीय फीडर पर करीब ढाई सौ मोटरें लगी हैं। स्थिति ये है कि लोड अधिक होने की वजह से विद्युत आपूर्ति सही तरीके से नहीं चल पा रही। उन्होंने बताया कि इस भीषण गर्मी में फसलों को सिंचाई की अति आवश्यकता है। नहरों में पानी न होने के चलते किसान ट्यूबवेलों पर आश्रित हैं। लेकिन विद्युत आपूर्ति सुचारु रूप से न चलने के कारण उनकी फसलें प्रभावित होती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आपूर्ति के इंतजार मेें उन्हें दिन व रात खेतों में डेरा डालने को विवश होना पड़ रहा है।
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कनेक्शन करो अन्यथा यहीं धरने पर बैठ जाएंगे: किसान बलविंद्र यादव, डिप्टी सिंह, राजकुमार, जगदीश, प्रेम कुमार, राजेश कुमार, कुलदीप व जसवीर सिंह ने बताया कि अधिकारी उन्हें पिछले करीब 2 माह से तकनीकी कारणों का हवाला दे रहे हैं। किसानों ने जेई व एसडीओ से फोन पर बात करते हुए कहा कि अगर उनकी समस्या का हल नहीं किया गया तो वे बिजली घर में धरने पर बैठ जाएंगे। किसानों ने जंडवाला बिजली घर में तैनात कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि लाइन का कार्य अभी शेष है। इस बात को लेकर किसान भडक़ गए और उन्होंने अन्य किसानों को भी बुला लिया। किसानों ने पैसे एकत्रित कर जेसीबी मशीन भी कार्य करने के लिए मौके पर बुला ली। मामला बढ़ता देख जेई ओमप्रकाश कड़वासरा व सूरजपाल ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया।
-नुहियांवाली तृतीय फीडर पर लोड अधिक होने की वजह से लाइन चल नहीं पा रही थी। इसी के मद्देनजर नई लाइन डाली गई थी। नए फीडर पर ट्राई के तौर पर एक बार करीब 70 मोटरों का लोड डाला गया है। उक्त फीडर अगर सही चला तो धीरे-धीरे उस पर लोड बढ़ा दिया जाएगा। किसानों की समस्या का हल करवा दिया गया है।
-ओमप्रकाश कड़वासरा, जेई पंजुआना।