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परिषद पर भेदभाव का आरोप लगा पार्षद पहुंचा अदालत में,सुनवाई 14 को
Updated Sat, 10 Feb 2018 12:53 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
नगर परिषद की 16 फरवरी को प्रस्तावित हाउस की बैठक को लेकर सत्तापक्ष के पार्षदों ने विपक्षी पार्षदों को मनाने का कार्य शुरू कर दिया है। उधर वार्ड 23 के पार्षद ने प्रधान पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए अदालत में याचिका दायर की है जिसपर 14 फरवरी को सुनवाई होगी। दूसरी ओर प्रधान के नेतृत्व में पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला और मांग की कि हुडा से 75 प्रतिशत राशि दिलवाई जाए और शेष गलियों के सर्वे कार्य को जल्द पूरा करवाया जाए।
नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार को प्रधान शीला सहगल ने पार्षदों की बैठक ली जिसमें 16 फरवरी को होने वाली बैठक को लेकर चर्चा की। बैठक के बाद विपक्षी पार्षदों को मनाने का सिलसिला जारी रहा ताकि वे बैठक का बहिस्कार न करें। इसके बाद प्रधान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल हुडा सेक्टरों की समस्याओं और नगर की गलियों के निर्माण की मांग को लेकर एसडीएम राहुल हुड्डा से मिले। सेक्टरों में आ रही समस्याओं के बारे में एसडीएम को जानकारी दी। प्रधान ने बताया कि नवंबर महीने में हुडा द्वारा काटे गए सेक्टर व ब्लॉकों को नगर परिषद के हवाले कर दिया गया है। लेकिन अभी तक प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा प्राप्त होने वाला राजस्व परिषद को नहीं दिया है जिससे परिषद अधिकारी वहां कोई विकास कार्य शुरू नहीं करवा सके हैं। उन्होंने मांग की है कि कम से कम 75 प्रतिशत राजस्व दिलाया जाए क्योंकि राशि के अभाव में सेक्टरों में सफाई नहीं हो पा रही है। स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठप है। पार्षदों ने एसडीएम से नगर की गलियों का सर्वे कार्य भी पूरा किया जाए क्योंकि जिन गलियों का सर्वे होने के बाद उन्हें मंजूरी दे दी गई है, उनके टेंडर जारी हो चुके हैं। अब शेष बची गलियों का भी सर्वे हो जाए तो उनके भी टेंडर जारी किए जा सके।
उधर वार्ड 23 के पार्षद राजेश गुर्जर ने बताया कि परिषद ओर से 15 जनवरी को चार वार्डों की कुल गलियों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए थे लेकिन उनके वार्ड की उपेक्षा की गई थी। जिसे लेकर उन्होंने बार-बार प्रधान और अधिकारियों से बातचीत की लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। प्रधान की ओर से कहा गया कि उनका वार्ड थेहड़ क्षेत्र में है जहां पर कोई कार्य नहीं करवाया जा सकता। इस पर उन्होंने कहा कि परिषद अब तक थेहड़ पर विकास कार्य करवाती आई है। उन्होंने बताया कि बाद में उन्होंने परिषद पर उनके वार्ड के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए अदालत में याचिका दायर की हैै जिसे पर एक फरवरी को सुनवाई हुई थी। अदालत ने परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे 14 फरवरी को रिकॉर्ड के साथ अदालत में पेश हो। राजेश गुर्जर ने बताया कि शनिवार या रविवार को विपक्षी पार्षदों की बैठक होगी जिसमें बैठक के बहिष्कार को लेकर चर्चा की जाएगी।
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नप पर भेदभाव का आरोप लगा पार्षद पहुंचा अदालत में, सुनवाई 14 को
गलियों के शीघ्र सर्वे की मांग को लेकर एसडीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल
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सिरसा।
नगर परिषद की 16 फरवरी को प्रस्तावित हाउस की बैठक को लेकर सत्तापक्ष के पार्षदों ने विपक्षी पार्षदों को मनाने का कार्य शुरू कर दिया है। उधर वार्ड 23 के पार्षद ने प्रधान पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए अदालत में याचिका दायर की है जिसपर 14 फरवरी को सुनवाई होगी। दूसरी ओर प्रधान के नेतृत्व में पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला और मांग की कि हुडा से 75 प्रतिशत राशि दिलवाई जाए और शेष गलियों के सर्वे कार्य को जल्द पूरा करवाया जाए।
नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार को प्रधान शीला सहगल ने पार्षदों की बैठक ली जिसमें 16 फरवरी को होने वाली बैठक को लेकर चर्चा की। बैठक के बाद विपक्षी पार्षदों को मनाने का सिलसिला जारी रहा ताकि वे बैठक का बहिस्कार न करें। इसके बाद प्रधान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल हुडा सेक्टरों की समस्याओं और नगर की गलियों के निर्माण की मांग को लेकर एसडीएम राहुल हुड्डा से मिले। सेक्टरों में आ रही समस्याओं के बारे में एसडीएम को जानकारी दी। प्रधान ने बताया कि नवंबर महीने में हुडा द्वारा काटे गए सेक्टर व ब्लॉकों को नगर परिषद के हवाले कर दिया गया है। लेकिन अभी तक प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा प्राप्त होने वाला राजस्व परिषद को नहीं दिया है जिससे परिषद अधिकारी वहां कोई विकास कार्य शुरू नहीं करवा सके हैं। उन्होंने मांग की है कि कम से कम 75 प्रतिशत राजस्व दिलाया जाए क्योंकि राशि के अभाव में सेक्टरों में सफाई नहीं हो पा रही है। स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठप है। पार्षदों ने एसडीएम से नगर की गलियों का सर्वे कार्य भी पूरा किया जाए क्योंकि जिन गलियों का सर्वे होने के बाद उन्हें मंजूरी दे दी गई है, उनके टेंडर जारी हो चुके हैं। अब शेष बची गलियों का भी सर्वे हो जाए तो उनके भी टेंडर जारी किए जा सके।
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उधर वार्ड 23 के पार्षद राजेश गुर्जर ने बताया कि परिषद ओर से 15 जनवरी को चार वार्डों की कुल गलियों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए थे लेकिन उनके वार्ड की उपेक्षा की गई थी। जिसे लेकर उन्होंने बार-बार प्रधान और अधिकारियों से बातचीत की लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। प्रधान की ओर से कहा गया कि उनका वार्ड थेहड़ क्षेत्र में है जहां पर कोई कार्य नहीं करवाया जा सकता। इस पर उन्होंने कहा कि परिषद अब तक थेहड़ पर विकास कार्य करवाती आई है। उन्होंने बताया कि बाद में उन्होंने परिषद पर उनके वार्ड के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए अदालत में याचिका दायर की हैै जिसे पर एक फरवरी को सुनवाई हुई थी। अदालत ने परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे 14 फरवरी को रिकॉर्ड के साथ अदालत में पेश हो। राजेश गुर्जर ने बताया कि शनिवार या रविवार को विपक्षी पार्षदों की बैठक होगी जिसमें बैठक के बहिष्कार को लेकर चर्चा की जाएगी।
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नप पर भेदभाव का आरोप लगा पार्षद पहुंचा अदालत में, सुनवाई 14 को
गलियों के शीघ्र सर्वे की मांग को लेकर एसडीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल