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विभाग ने पत्र जारी कर नौंवी में 120 से अधिक विद्याथयों की संख्या वाले स्कूलों की मांगी सूची

Tue, 03 Jul 2018 01:40 AM IST
Updated Tue, 03 Jul 2018 01:40 AM IST
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विभाग ने पत्र जारी कर नौंवी में 120 से अधिक विद्याथयों की संख्या वाले स्कूलों की मांगी सूची
अब सरकारी स्कूलों में नौवीं-दसवीं में अंग्रेजी माध्यम से होगी गणित व साइंस की पढ़ाई
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब नौंवी व दसवीं कक्षा में ही विद्यार्थी साइंस व गणित की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से कर सकेंगे। ताकि यदि कोई विद्यार्थी ग्यारहवीं में मेडिकल या नॉन मेडिकल विषय चुने तो उसे अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने में कठिनाई न हो। शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के जिन विद्यालयों में नौंवी कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या 120 से अधिक है या कम से कम जहां 4 सेक्शन बने हुए हैं। उनकी रिपोर्ट मांगी है। ताकि उनमें एक या एक से अधिक सेक्शन में साइंस व गणित के लिए नौंवी से ही अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा आरंभ कर दी जाए। योजना को लेकर विभाग ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी व खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेज कर निर्देशों के मुताबिक जल्द से जल्द सूचना विभाग को मुहैया करवाने के आदेश दिए हैं।
विभाग को देनी है ये सूचनाएं:
विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि संबंधित डीईओ व बीईओ जल्द से जल्द अपने अधीनस्थ स्कूलों में कक्षा नौंवी में कितने विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं। उनकी संख्या उपलब्ध कराएं। इनके अलावा विद्यालय का नाम, विद्यालय का कोड, विद्यालय का यूडीआईएसई कोड व खंड का नाम भी बताएं।
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ये है अंग्रेजी माध्यम शुरू करने का मुख्य कारण:
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौंवी तथा दसवीं में विद्यार्थी साइंस और गणित विषय को हिंदी मीडियम में पढ़ते हैं। जब विद्यार्थी दसवीं के बाद ग्यारहवीं में प्रवेश लेते हैं तो एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पढ़ना होता है, जोकि अंग्रेजी माध्यम में है। जब कोई विद्यार्थी दसवीं के बाद मेडिकल या नॉन मेडिकल की पढ़ाई जारी रखना चाहता है तो उसे अचानक अंग्रेजी में पुस्तकें पढ़ने को मिलती है। जिससे उन्हें विषय समझने में परेशानियां आती है। दसवीं के बाद गणित और साइंस विषय न लेने के पीछे भी यह एक मुख्य कारण है। क्योंकि विद्यार्थी इन विषयों को लेने से घबराते हैं। इतना ही नहीं जब हिंदी मीडियम के विद्यार्थी ग्याहरवीं में पहुंचते हैं तो उन्हें एक वर्ष तो केवल विषय की शब्दावली समझने में लग जाता है। इसके अलावा स्नातक और स्नातकोत्तर में भी इन विषयों की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम में ही है। इस लिए अब सरकार नौंवी कक्षा से ही इन विषयों को अंग्रेजी में पढ़ाने की तैयारी कर रही है। विभाग द्वारा जारी पत्र में बताया गया है जिन स्कूलों में नौंवी व दसवीं कक्षा में साइंस व गणित की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से होगी। वहां विद्यार्थियों को टीजीटी अध्यापक नहीं पढ़ाएंगे। बल्कि उन्हें पीजीटी के फिजिक्स, कैमेस्ट्री, बायोलॉजी व गणित पढ़ाने वाले अध्यापक क्लास लेंगे।
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कोट्स
-नौवीं कक्षा में जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 120 से अधिक है। उनमें विभाग द्वारा एक अलग से सेक्शन बनाकर गणित व साइंस विषय की पढ़ाई अंग्रेजी मीडियम में करवाने की योजना बनाई जा रही है। इसको लेकर विभाग ने नौंवी कक्षा में 120 से अधिक विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों की सूची मांगी है।
-डा. यज्ञदत्त वर्मा, डीईओ सिरसा।
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