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Sirsa News: 17 बेसहारा गोवंश को पकड़ भेजा गोशाला
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गौवंश को गौशाला ले जाते गौ सेवक।
रानियां। नगर पालिका की ओर से बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशाला रानियां में छुड़वाने के लिए चलाया जा रहा अभियान दूसरे दिन भी जारी जारी रहा। दो दिनों में 17 बेसहारा घूम रहे पशुओं को पकड़कर गोशाला में पहुंचाया गया है। वर्तमान में रानियां गोशाला में एक हजार से अधिक गोवंश को आश्रय मिला हुआ है।
राज्य गोशाला संघ रानियां खंड प्रधान ओम पोपली ने बताया कि नगर पालिका प्रशासन के सहयोग से समय-समय पर अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं को पकड़ कर गौशाला में छोड़ा जाता है। पिछले डेढ़ माह पहले तक शहर में कोई बेसहारा पशु नहीं था। जितने भी बेसहारा पशु थे उन सभी को पकड़ कर गोशाला में आश्रय दिया गया था।
पोपली ने बताया कि थोड़े दिन पहले ही गोशाला कमेटी के संज्ञान में आया कि शहर की सड़कों पर कुछ पशु बेसहारा घूम रहे हैं। कमेटी ने तुरंत नगर पालिका प्रशासन से पशुओं को पकड़कर गोशाला में छोड़ने का आग्रह किया। ठेकेदार के पास लेबर की कमी होने की वजह से यह काम दो-तीन लेट हो गया। अब सभी बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशाला के अंदर कर दिया गया है।
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सतपाल मिढ्ढ़ा ने कहा कि बहुत से ऐसे लोग हैं जो दूध पीने के बाद गाय को सड़क पर छोड़ देते हैं। गाय दर-दर की ठोकरे खाती फिरती रहती हैं। उन्होंने शहर वासियों से अपील की कि वे गाय को खुले में न छोड़कर गोशाला में छोड़ दें।
गोशाला कमेटी ने नहीं किया किसी जमीन पर कब्जा
ओम पोपली ने कहा कि गोशाला सभी धर्मों के लोगों की है और गोशाला कमेटी के पास दो से ढाई एकड़ भूमि ही अपनी है। गोशाला ठेके पर जमीन लेकर चारे की बिजाई करती है। उन्होंने कहा कि गोशाला कमेटी ने किसी की जमीन पर कब्जा नहीं किया हुआ है। कुछ लोग बेवजह गोशाला कमेटी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
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राज्य गोशाला संघ रानियां खंड प्रधान ओम पोपली ने बताया कि नगर पालिका प्रशासन के सहयोग से समय-समय पर अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं को पकड़ कर गौशाला में छोड़ा जाता है। पिछले डेढ़ माह पहले तक शहर में कोई बेसहारा पशु नहीं था। जितने भी बेसहारा पशु थे उन सभी को पकड़ कर गोशाला में आश्रय दिया गया था।
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पोपली ने बताया कि थोड़े दिन पहले ही गोशाला कमेटी के संज्ञान में आया कि शहर की सड़कों पर कुछ पशु बेसहारा घूम रहे हैं। कमेटी ने तुरंत नगर पालिका प्रशासन से पशुओं को पकड़कर गोशाला में छोड़ने का आग्रह किया। ठेकेदार के पास लेबर की कमी होने की वजह से यह काम दो-तीन लेट हो गया। अब सभी बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशाला के अंदर कर दिया गया है।
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सतपाल मिढ्ढ़ा ने कहा कि बहुत से ऐसे लोग हैं जो दूध पीने के बाद गाय को सड़क पर छोड़ देते हैं। गाय दर-दर की ठोकरे खाती फिरती रहती हैं। उन्होंने शहर वासियों से अपील की कि वे गाय को खुले में न छोड़कर गोशाला में छोड़ दें।
गोशाला कमेटी ने नहीं किया किसी जमीन पर कब्जा
ओम पोपली ने कहा कि गोशाला सभी धर्मों के लोगों की है और गोशाला कमेटी के पास दो से ढाई एकड़ भूमि ही अपनी है। गोशाला ठेके पर जमीन लेकर चारे की बिजाई करती है। उन्होंने कहा कि गोशाला कमेटी ने किसी की जमीन पर कब्जा नहीं किया हुआ है। कुछ लोग बेवजह गोशाला कमेटी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।