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Sirsa News: सवा लाख एमटी कचरा नहीं हुआ खत्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 May 2025 11:48 PM IST
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1.25 lakh MT of waste not finished
बकरियांवाली कचरा निस्तारण प्लांट में जेसीबी से कचरे के ढेर कोहटाए हुए। 
सिरसा। शहर के कूड़े-कचरे के प्रबंधन के लिए गांव बकरियांवाली के समीप बने कचरा प्रबंधन प्लांट के मौजूदा समय हालात बदतर हैं। आलम यह है कि दो साल से न तो एजेंसी ने सवा लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण शुरू किया है और न ही निगम अधिकारियों ने कोई व्यवस्था बनाई है।
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यह हालात तब है जब फरवरी माह में जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बैनीवाल ने आठ माह में पुराने पड़े कचरे के निस्तारण के आदेश दिए थे। उनके आदेशों के बाद एजेंसी और अधिकारियों ने पुराने कचरे के साथ-साथ नए कचरे के पहाड़ बना दिए।
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जिले का कचरा निस्तारण पूरी तरह से जहां नहीं हो पा रहा था। ऐसे में एजेंसी को रानियां और ऐलनाबाद का 180 मीट्रिक टन कचरा लाने की अनुमति दे डाली। इस कारण प्लांट के और बदतर हालात हो गए। गर्मियों में तेज हवाओं के कारण खेतों से लेकर गांव तक कचरा उड़कर जाता है। इतना ही नहीं, गर्मी में आगजनी होने का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। इसलिए ग्रामीणों ने भी प्रशासन से व्यवस्था बनाने की मांग की है।
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22 साल के लिए किया गया है अनुबंध

मुख्यालय स्तर पर जिले भर का कचरा निस्तारण करने की जिम्मेदारी पूजा वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी को 22 साल के लिए दी गई है। सिरसा में रानियां और ऐलनाबाद और डबवाली में कालांवाली का कचरा निस्तारित किया जाएगा। सिरसा, रानियां और ऐलनाबाद से प्रतिदिन 300 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा आता है। इसको निस्तारित करने के लिए विशेष रूप से 300 मीट्रिक टन की क्षमता की मशीनरी 24 घंटे चलती है तो प्रतिदिन कचरे का निपटान होता है।

क्यों हुए बुरे हालात

- नियमित रूप से सेग्रीगेट यानी निस्तारित होने वाले कचरे की उठान नहीं की।

- नियमित रूप से आने वाले 300 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण नहीं होता है।

- दो मशीनरी नियमित रूप से कार्य नहीं करती है। नए और प्रतिदिन के बचे हुए कचरे का निस्तारण नहीं होता है।

- अधिकारियों की गंभीरता नहीं होने के कारण कचरे के ढेर लगे रहते हैं।

- सालों पुराने सवा लाख मीट्रिक टन कचरे के निपटान के लिए कोई मशीनरी नहीं लगाई गई है।

दो साल में करना था पुराने कचरे का निपटान

अधिकारियों के अनुसार, पूजा वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी के अनुबंध में साफतौर पर लिखा हुआ है कि वह दो साल के अंदर कचरा निस्तारण प्लांट में पड़े सवा लाख मीट्रिक टन कचरे का निपटान करेगी। दो साल के आसपास का वक्त गुजर गया है अभी तक इस दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ है। फरवरी माह में जिला नगर आयुक्त के आदेशों के बाद भी तीन माह का वक्त गुजर चुका है। काम में कोई तेजी नहीं आई है।

प्रदूषण बोर्ड भी लगा रहा नियमित रूप से जुर्माना

नगर परिषद को पिछले पांच साल से लगातार जुर्माना लग रहा है। पूर्व में डिंग मैनपावर कचरे का पहाड़ बनाकर चली गई। इसके कारण हर माह एक लाख रुपये का जुर्माना लगता है। आलम यह है कि जिस एजेंसी की कार्यप्रणाली से हर माह प्रदूषण बोर्ड एक लाख का जुर्माना लगाता है। उसे शहर की सड़कों की सफाई टेंडर दिया गया है।


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कचरा निस्तारण के लिए क्षमता के अनुरूप मशीनरी काम नहीं कर रही है। इस कारण दिक्कत आ रही है। अब कुछ निस्तारित कचरा उठवाया गया है और प्लांट में व्यवस्था बनाई गई है। एजेंसी ने अभी तक पुराने कचरे के निस्तारण के लिए कार्य शुरू नहीं किया है।

- जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद

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कचरा निस्तारण प्लांट में व्यवस्था बनाने का कार्य जेई करते हैं। एक दो शिकायत आई है तो जल्द ही मौका निरीक्षण कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे।

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अनिल मोहिल, एमई, नगर परिषद
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