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पाकिस्तान में घुसकर इंडियन एयरफोर्स की जवाबी कार्रवाई के बाद सिरसा में अलर्ट

Wed, 27 Feb 2019 01:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 27 Feb 2019 01:39 AM IST
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पाकिस्तान में घुसकर इंडियन एयरफोर्स की जवाबी कार्रवाई के बाद सिरसा में अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा। पुलवामा आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायु सेना की ओर से पाकिस्तान में घुसकर की गई जवाबी कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने 12 विभागों को पत्र जारी करते हुए आपातकालीन स्थिति से निपटने का निर्देश दिया है। सिरसा शहर देश की सुरक्षा की दृष्टि से सबसे अहम है क्योंकि भारतीय वायु सेना का सबसे अहम एयरबेस यहां स्थित है। सन 1965 व 1971 में पाकिस्तान से हुई जंग में पाकिस्तानी वायुसेना के विमानों ने सिरसा में बमबारी की थी। ऐसे में जिला प्रशासन ने तमाम अहम विभागों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार रहने को कहा है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार अलसुबह भारतीय वायु सेना के 12 विमानों ने पाकिस्तान सीमा में घुसकर कई आतंकी ठिकानों पर बमबारी करके उन्हें ध्वस्त कर दिया। सुबह उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने अपने कार्यालय पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके अलावा जिन अधिकारियों का हाल ही में तबादला हो गया था उन्हें रिलीव न करते हुए सप्ताह भर के लिए उन्हें सिरसा में तैनात रहने का निर्देश दिया गया। गृह विभाग की ओर से सभी एयरबेस क्षेत्रों में तमाम आपातकालीन कदम उठाए जाने के निर्देश मिलने के बाद उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने तमाम विभागों को पत्र जारी कर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देेश जारी कर दिए।
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1971 में प्रशासन ने जमीन खुदवाकर बनाए थे बंकर
सन 1965 व 1971 की लड़ाई में पाकिस्तानी वायु सेना ने सिरसा एयरबेस को निशाना बनाकर बमबारी की थी। उस समय सिरसा के हरिपुरा व कुत्ताबढ़ क्षेत्र में बम गिरे थे। उस समय भी प्रशासन की तरफ से कुछ दिनों पहले ही कई अहम तैयारियां की गई थी। मजदूरों से रिहायसी क्षेत्रों मेें जमीन खोदकर बंकर बनाए गए। उस समय जमीन खुदाई का काम कर चुके महेंद्र कुमार निवासी शक्ति नगर ने बताया कि 1971 के युद्ध में उसने चतरगढ़पट्टी क्षेत्र में जमीन खोदकर बंकर बनाने का काम किया था। इसका काफी फायदा हुआ। प्रशासन ने दिहाड़ी पर मजदूरों से जमीन खुदवाई थी।
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कारगिल युद्ध में कई दिनों तक रहा था ब्लैक आउट
1999 के कारगिल युद्ध के समय में भी जिला प्रशासन ने कई दिनों तक रात को सिरसा में ब्लैक आउट करवाया था। प्रशासन की तरफ से शहर में मुनादी करवाकर लोगों से अपील की गई थी कि कोई नागरिक रात को खुले में धूम्रपान न करे और सभी अपने घरों की लाइट बंद रखें। खुले में चूल्हा न जलाने की एडवाइजरी भी प्रशासन की ओर से नागरिकों के लिए जारी की गई थी।
ये कहा गया है निर्देश में
पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायु सेना ने जवाबी कार्रवाई की है। मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर रखते हुए निर्देश दिए जाते हैं कि सभी अधिकारी अपने विभाग से संबंधित उपकरण चालू अवस्था में रखें व अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्यवाही करने हेतु सुनिश्चित करें।
ये विभाग रहें हर वक्त तैयार
जिन अहम 12 विभागों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है उसमें पुलिस विभाग, बिजली निगम, जन स्वास्थ्य विभाग, उपमंडलाधीश कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर, रोडवेज विभाग, दूर संचार विभाग, नगर परिषद, अग्निशमन विभाग, रेलवे विभाग व नेशनल हाईवे विभाग शामिल हैं।


उपायुक्त के निर्देेश पर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तरफ से तैयारी शुरू कर दी है। दवाइयों का स्टाक पर्याप्त मात्रा में है। सारे स्टाफ को आपातकालीन स्थिति के दौरान तुरंत अपनी ड्यूटी पर जुटाने का निर्देश है दिया गया है। एंबुलेंस चालक 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। एनएचएम कर्मियों ने भी आश्वासन दिया है कि आपातकालीन स्थिति में उनकी सेवाएं स्वास्थ्य विभाग को मिलेंगी।
- डॉ. विरेश भूषण, डिप्टी सिविल सर्जन, सिरसा।
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