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मुनीम से सांसद तक का सफर तय करने वाले चरणजीत पर इनेलो ने फिर जताया भरोसा

Thu, 18 Apr 2019 12:31 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 18 Apr 2019 12:31 AM IST
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मुनीम से सांसद तक का सफर तय करने वाले चरणजीत पर इनेलो ने फिर जताया भरोसा
सिरसा। इनेलो ने सिरसा संसदीय सीट से मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी को ही दोबारा से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। सरदार चरणजीत सिंह रोड़ी को टिकट देकर इनेलो ने सिख पंजाबी कार्ड खेला है। ताकि सिरसा संसदीय सीट पर सिख मतदाताओं पर पहले की तरह ही पकड़ बनी रहे। इस संसदीय क्षेत्र से 2014 में चरणजीत सिंह रोड़ी, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर को करीब एक लाख से ज्यादा मतों से हरा चुके हैं।
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सिरसा संसदीय सीट पर सिख और पंजाबी वोटरों का अच्छा वोट बैंक है। करीब साढ़े चार लाख सिख मतदाता है। इनेलो ने सिख उम्मीदवार को ही दोबारा से सांसद का टिकट देकर शिअद के उस कार्ड का भी तोड़ निकालने का प्रयास किया, जिसके तहत शिअद ने अबकी बार हरियाणा में भाजपा को समर्थन दिया। शिअद का प्रभाव सिख बाहुल्य जिलों में हैं। सिरसा संसदीय सीट पर 2004 के संसदीय चुनाव में कांग्रेस के सांसद सरदार आत्मा सिंह गिल विजयी रहे।
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चरणजीत ने मुनीम से लेकर सांसद तक का तय किया सफर
रोडी में कभी अनाज मंडी में मुनीम का काम करने वाले सरदार चरणजीत सिंह रोड़ी की एकाएक किस्मत उस समय पलटी, जब रोड़ी गांव का सरपंच का पद वर्ष 2000 में आरक्षित हो गया था। गांव में पंचायत में पूछा गया कि कौन कौन चुनाव लड़ना चाहता है। तब मुनीम का काम कर रहे चरणजीत सिंह ने भी अपना हाथ खड़ा कर दिया कि मैं भी सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता हूं। चरणजीत ने बताया कि मेरे हां भरते ही सबने मुझे उठा लिया। इसके बाद चरणजीत सिंह रोड़ी निर्विरोध गांव के सरपंच बन गए। 2005 में जिला परिषद का चुनाव हुआ। चरणजीत रोड़ी ने बताया कि उसके पास अभय सिंह चौटाला का फोन आया कि तुम्हारे पिता का नाम क्या है। मैंने पूछा क्यों, तो उन्होंने उत्तर दिया कि जिला परिषद का चुनाव लड़ना है। टिकट मिली, चुनाव लड़ा और जीत गए।
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रोड़ी विधानसभा खत्म हुई तो कालांवाली रिजर्व बन गई
2009 में नए परिसीमन में रोड़ी विधानसभा क्षेत्र खत्म करके कालांवाली विधानसभा बनाई गई। यह आरक्षित सीट थी। जिला परिषद के तौर पर अभी चरणजीत का कार्यकाल बाकी थी कि इस दौरान उन्हें कालांवाली से इनेलो और शिअद ने अपना संयुक्त उम्मीदवार बना दिया। रोड़ी ये चुनाव भी जीत गए। उन्होंने इनेलो के ही पूर्व सांसद और तत्कालीन समय में कांग्रेस उम्मीदवार सुशील इंदौरा को हराया। विधायक का पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ और चरणजीत सिंह को इनेलो ने 2014 में सिरसा से लोकसभा की टिकट दे दी। 2015 में मोदी लहर के बावजूद भी सिरसा में इनेलो ने यह सीट निकाल ली। अब इनेलो ने फिर से सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। चरणजीत सिंह ने भाजपा प्रत्याशी सुनीता दुग्गल और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर से मुकाबले के संबंध में कहा कि दोनों उम्मीदवार बाहर के हैं। चुनाव के लिए एक माह के लिए सिरसा आए है। मैं तो पिछले 15 साल से जनता के बीच में हूं।
फोटो सात
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