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पार्षदो ने प्रधान के खिलाफ खोला मोर्चा

Mon, 27 Nov 2017 10:58 PM IST
Updated Mon, 27 Nov 2017 10:58 PM IST
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पार्षदो ने प्रधान के खिलाफ खोला मोर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
नगर के विभिन्न वार्डों में सफाई कर्मचारियों की कमी होने, अधिकारियों के घरों पर काम कर रहे कर्मचारियों को वापस फील्ड में भेजकर सफाई करवाने, स्ट्रीट लाइटें ठीक करवाने और गलियों के निर्माण कार्य करवाए जाने की मांग को लेकर सोमवार को 31 में से 15 पार्षदों ने बैठक कर प्रधान के खिलाफ रोष जताते हुए चेतावनी दी कि अगर 15 दिसंबर तक कोई ठोस कदम न उठाया तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। अगर प्रधान ने इस प्रकार का रवैया बनाए रखा तो उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया जाएगा।
गत माह उपायुक्त के साथ हुई बैठक में शीघ्र विकास कार्य शुरू करवाने पर फैसला हुआ था लेकिन अभी तक उन मुद्दों पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। सोमवार को पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय में बैठक कर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि एक साल हो गया नगर में कहीं कोई काम नहीं हो रहा और ऐसे में लोगों के सवालों का जवाब तक देते नहीं बन रहा है। बैठक में पार्षदों ने चेतावनी भी दी कि यदि 15 दिसंबर तक इन मुद्दों पर जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं शुरू की गई तो वे फिर से आंदोलन की रूपरेखा बनाने और आंदोलन शुरू करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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बैठक में वार्ड सात के पार्षद मनोज मकानी, 21 के पार्षद रोहताश वर्मा, एक के पार्षद राजेंद्र कुमार, चार के पार्षद रणधीर सिंह, 17 की पार्षद रीना सेठी, वार्ड 23 के पार्षद राजेश गुर्जर, 22 की पार्षद बलजीत कौर, 19 की पार्षद नीतू सोनी, वार्ड 10 के पार्षद प्रतिनिधि दौलत राम, 18 के पार्षद प्रतिनिधि भूषण बरोड़, वार्ड 14 के पार्षद प्रतिनिधि लक्की डावर आदि ने नगर परिषद में बैठक की। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 15 दिसंबर तक शहर में विकास कार्य शुरू नहीं हुए तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर देंगे और नगर परिषद प्रांगण में ही धरने पर बैठ जाएंगे।
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गली निर्माण के लिए दो बार हो चुके हैं टेंडर रद्द
पार्षद मनोज मकानी ने कहा कि गलियों के निर्माण के लिए दो बार टेंडर होने के बावजूद कैंसिल कर दिए गए। वार्ड के लोगों को किस मुंह से जवाब दें। शहर की स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का ठेका जयंती इलेक्ट्रिकल्स को मिला हुआ है। ठेकेदार के साथ अनेक पार्षदों की तनातनी चल रही है। शहर में 3886 सीएफएल लगी हुई हैं, जबकि 2016 सोडियम लाइटें लगी हुई हैं। इसके अलावा 36-72 वाट की 285 ट्यूब लाइटें लगी हुई हैं। वहीं 696 ट्यूब लाइटें 11-22 वाट की लगी हुई हैं। पार्षदों का कहना है कि नियमानुसार ठेकेदार के पास 16 कर्मचारी होने चाहिएं, लेकिन इसने महज छह कर्मचारी ही रखे हुए हैं। अनेक वार्डों में स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। गलियों में अंधेरा पसरा रहा है, जिससे दुर्घटनाएं-चोरी आदि वारदातों का भय बना रहता है। वहीं स्ट्रीट लाइट ठेकेदार बाल सिंह का कहना है कि उन पर झूठे आरोप लगाकर बेवजह बदनाम किया जा रहा है। हमारे काम में कोई खामी नहीं।
पांच माह से नहीं हुआ कोई काम
परिषद के पास फिलहाल 279 सफाई कर्मचारी हैं। सफाई व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए 32 और सफाई कर्मचारी रखे जाने की मंजूरी मिल चुकी है, परंतु ये कर्मचारी अभी तक नहीं रखे गए हैं। नगर परिषद उपप्रधान रणधीर सिंह का कहना है कि कई सफाई कर्मचारियों को नेताओं-अफसरों की कोठियों पर लगा दिया गया है। वार्ड 14 से पार्षद सुदेश डावर की भी सुनवाई नहीं हो रही। उनके पुत्र लक्की कहते हैं कि गत दो जून को उनके वार्ड की ग्रेवाल बस्ती में गली निर्माण का मुहूर्त खुद नगर परिषद प्रधान ने किया था। पांच माह बीत गए हैं, लेकिन निर्माण के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी है। वार्ड नंबर 22 की कांग्रेस पार्षद बलजीत कौर के वार्ड में कई स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। इस समय नगरपरिषद के कोष में 35 करोड़ अटके पड़े हैं। हाऊस की बैठक में विभिन्न वार्डों की 161 गलियों के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। हैरानी जनक है कि अभी तक एक भी गली का काम शुरू नहीं हुआ है।

अधूरे पड़े हैं शहर के कई विकास कार्य
पार्षदों ने बताया कि नगर परिषद ने कुछ समय पूर्व 2.85 लाख रुपये प्रति माह का ठेका दिया था, जिसमें सोडियम लाइटें, ट्यूबलाइट लगाने की शर्त लिखी हुई थी, लेकिन ठेकेदार ने इन्हें लगाना तो दूर अभी तक नया सामान ही नहीं खरीदा। इतना ही नहीं कुछ ट्यूृब लाइटें लगाई हैं, लेकिन वे भी घटिया स्तर की हैं, जो एक माह भी नहीं जलती। गलियों में अंधेरा पसरे रहने की वजह से चोरी की घटनाएं होती रहती हैं। वार्ड नंबर 22 के पार्षद प्रतिनिधि हरदास रिंकू ने बताया कि एक साल के कार्यकाल में अभी तक केवल तीन हाउस मीटिंग हुई हैं, लेकिन उनमें भी कोई काम करने का निर्णय फाइनल नहीं किया गया। वार्ड नंबर एक की सभी गलियां तीन साल पूर्व सीवर पाइप लाइन डालने के लिए उखाड़ी गई थी, जिसे बनवाने के लिए पार्षद राजेंद्र हर बैठक में मुद्दा उठाते हैं। उन्होंने सीएम विंडो में भी शिकायत दी है, लेकिन फिर भी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। वार्ड 14 की मुख्य गली को पक्का करने के लिए करीब एक साल पूर्व उखाड़ा गया था, जिसे आज तक नहीं बनवाया गया।

पार्षदों ने प्रधान के खिलाफ खोला मोर्चा
वार्डों में विकास कार्य न होने से पार्षद हुए एकजुट
बैठक कर दी 15 से आंदोलन की चेतावनी
बोले, अविश्वास प्रस्ताव लाने से भी नहीं हटेंगे पीछे
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