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Sirsa News: दसवीं व बारहवीं का गिरा परिणाम, 188 सरकारी स्कूलों को शोकॉज नोटिस जारी
Sun, 21 May 2023 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 21 May 2023 11:32 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में दसवीं व 12वीं का खराब परीक्षा परिणाम देने वाले सरकारी स्कूलों पर शिक्षा विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। विभाग ने जिले के 188 स्कूलों को शोकॉज नोटिस जारी किया है। इसमें स्कूलों के मुखियाओं से खराब परीक्षा आने पर जवाब मांगा गया है।
शिक्षा विभाग ने जिले के सभी खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर दिया। अब ये पत्र बीईओ अपने खंड के विद्यालयों को जारी करेंगे। इसमें विद्यालय संचालक को नोटिस की संपूर्ण रिपोर्ट बनाकर विभाग में पेश करनी होगी। इसके तहत 50 फीसदी से कम वाले विद्यालयों को रिपोर्ट तैयार करनी है। इसमें विद्यालय प्राचार्य को स्पष्ट करना होगा कि उसके स्कूल का परिणाम कम क्यों आया है। अगर किसी विद्यालय का रिजल्ट एक या दो विषय में भी कम हुआ तो भी प्राचार्य को कारण बताना होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा कि परीक्षा परिणाम गिरने के क्या कारण रहे। इसकी रिपोर्ट बनाकर विभाग द्वारा शिक्षा निदेशालय भेजी जाएगी। इसके बाद परिणाम सुधारने को लेकर मंथन किया जाएगा। इसको लेकर विभाग ने स्कूल संचालकों के साथ जल्द बैठक करने का भी निर्णय लिया है।
दसवीं का 19.5 फीसदी व बारहवीं का 6 फीसदी गिरा है परिणाम
15 मई को बारहवीं का परिणाम घोषित हुआ है। इस दौरान जिले में 12वीं का परिणाम 84.49 फीसदी रहा। पिछले साल की भांति इस बार भी जिला में लड़कियों ने बाजी मारी। वहीं पिछले साल की तुलना में हरियाणा बोर्ड का परिणाम 6 फीसदी नीचे गिरा है। वहीं दसवीं का बोर्ड परिणाम 16 मई को जारी किया गया। इस दौरान दसवीं का परिणाम 65.63 फीसदी रहा। पिछले साल की तुलना में दसवीं का परिणाम 19.5 फीसदी गिरा।
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निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों का परिणाम रहा खराब
इस बार निजी स्कूलों के मुकाबले राजकीय विद्यालयों का परिणाम कमजोर साबित हुआ। जिले में राजकीय स्कूलों का परिणाम 59.67 फीसदी दर्ज हुआ जबकि दूसरी ओर प्राइवेट स्कूलों का परिणाम 80.52 फीसदी। इस बार राजकीय विद्यालयों के 10071 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 6009 पास हुए, जबकि 1384 की कंपार्टमेंट आई है। 2678 विद्यार्थी फेल हो गए। इसी प्रकार निजी स्कूलों के 4034 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे। इनमें से 3248 पास हो गए, जबकि 427 की कंपार्टमेंट आई है। 359 विद्यार्थी फेल हुए हैं।
इस प्रकार बनाना है स्कूलों को रिपोर्ट कार्ड
स्कूलों को रिपोर्ट देने के लिए शिक्षा विभाग ने फॉरमेट भी जारी किया है। इसके अनुसार सबसे पहले स्कूल को जिला, खंड का नाम, स्कूल का नाम, सभी विषयों का परिणाम, ओवरऑल रिजल्ट, पिछले वर्ष का परिणाम भी डालना होगा। इसके बाद इस कार्ड में स्कूलों को तीन मुख्य कारण भी बताने होंगे, जिससे विद्यार्थियों का परिणाम खराब आया है।
स्कूलों को ये जानकारी देनी भी अनिवार्य
इस दौरान स्कूलों को यह भी बताना होगा कि शिक्षकों की अनुपस्थिति कितनी है। किस शिक्षक ने कितनी सीसीएल के माध्यम से और कितनों ने लंबी छुट्टी ली है। विद्यार्थियों की छुट्टियों का ब्योरा भी विभाग को देना होगा। अगर किसी स्कूल में कोई शिक्षक डेपुटेशन पर है तो उसके बारे में भी बताना होगा। स्कूल में पढ़ाई का कैसा वातावरण है इसकी सारी जानकारी देनी होगी।
जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 50 फीसदी से कम आया है, उनको पत्र जारी किए गए हैं। बैठक कर परीक्षा परिणाम कम आने पर मूल्यांकन किया जाएगा। -आत्मप्रकाश मेहरा, जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा।
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सिरसा। जिले में दसवीं व 12वीं का खराब परीक्षा परिणाम देने वाले सरकारी स्कूलों पर शिक्षा विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। विभाग ने जिले के 188 स्कूलों को शोकॉज नोटिस जारी किया है। इसमें स्कूलों के मुखियाओं से खराब परीक्षा आने पर जवाब मांगा गया है।
शिक्षा विभाग ने जिले के सभी खंडों के खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर दिया। अब ये पत्र बीईओ अपने खंड के विद्यालयों को जारी करेंगे। इसमें विद्यालय संचालक को नोटिस की संपूर्ण रिपोर्ट बनाकर विभाग में पेश करनी होगी। इसके तहत 50 फीसदी से कम वाले विद्यालयों को रिपोर्ट तैयार करनी है। इसमें विद्यालय प्राचार्य को स्पष्ट करना होगा कि उसके स्कूल का परिणाम कम क्यों आया है। अगर किसी विद्यालय का रिजल्ट एक या दो विषय में भी कम हुआ तो भी प्राचार्य को कारण बताना होगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा कि परीक्षा परिणाम गिरने के क्या कारण रहे। इसकी रिपोर्ट बनाकर विभाग द्वारा शिक्षा निदेशालय भेजी जाएगी। इसके बाद परिणाम सुधारने को लेकर मंथन किया जाएगा। इसको लेकर विभाग ने स्कूल संचालकों के साथ जल्द बैठक करने का भी निर्णय लिया है।
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दसवीं का 19.5 फीसदी व बारहवीं का 6 फीसदी गिरा है परिणाम
15 मई को बारहवीं का परिणाम घोषित हुआ है। इस दौरान जिले में 12वीं का परिणाम 84.49 फीसदी रहा। पिछले साल की भांति इस बार भी जिला में लड़कियों ने बाजी मारी। वहीं पिछले साल की तुलना में हरियाणा बोर्ड का परिणाम 6 फीसदी नीचे गिरा है। वहीं दसवीं का बोर्ड परिणाम 16 मई को जारी किया गया। इस दौरान दसवीं का परिणाम 65.63 फीसदी रहा। पिछले साल की तुलना में दसवीं का परिणाम 19.5 फीसदी गिरा।
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निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों का परिणाम रहा खराब
इस बार निजी स्कूलों के मुकाबले राजकीय विद्यालयों का परिणाम कमजोर साबित हुआ। जिले में राजकीय स्कूलों का परिणाम 59.67 फीसदी दर्ज हुआ जबकि दूसरी ओर प्राइवेट स्कूलों का परिणाम 80.52 फीसदी। इस बार राजकीय विद्यालयों के 10071 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 6009 पास हुए, जबकि 1384 की कंपार्टमेंट आई है। 2678 विद्यार्थी फेल हो गए। इसी प्रकार निजी स्कूलों के 4034 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे। इनमें से 3248 पास हो गए, जबकि 427 की कंपार्टमेंट आई है। 359 विद्यार्थी फेल हुए हैं।
इस प्रकार बनाना है स्कूलों को रिपोर्ट कार्ड
स्कूलों को रिपोर्ट देने के लिए शिक्षा विभाग ने फॉरमेट भी जारी किया है। इसके अनुसार सबसे पहले स्कूल को जिला, खंड का नाम, स्कूल का नाम, सभी विषयों का परिणाम, ओवरऑल रिजल्ट, पिछले वर्ष का परिणाम भी डालना होगा। इसके बाद इस कार्ड में स्कूलों को तीन मुख्य कारण भी बताने होंगे, जिससे विद्यार्थियों का परिणाम खराब आया है।
स्कूलों को ये जानकारी देनी भी अनिवार्य
इस दौरान स्कूलों को यह भी बताना होगा कि शिक्षकों की अनुपस्थिति कितनी है। किस शिक्षक ने कितनी सीसीएल के माध्यम से और कितनों ने लंबी छुट्टी ली है। विद्यार्थियों की छुट्टियों का ब्योरा भी विभाग को देना होगा। अगर किसी स्कूल में कोई शिक्षक डेपुटेशन पर है तो उसके बारे में भी बताना होगा। स्कूल में पढ़ाई का कैसा वातावरण है इसकी सारी जानकारी देनी होगी।
जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 50 फीसदी से कम आया है, उनको पत्र जारी किए गए हैं। बैठक कर परीक्षा परिणाम कम आने पर मूल्यांकन किया जाएगा। -आत्मप्रकाश मेहरा, जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा।