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स्वाइन फ्लू संदिग्ध महिला की मौत
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अमर उजाला ब्यूरो
रोड़ी। जिले के एक गांव में स्वाइन फ्लू से संदिग्ध महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई है। पांच दिन पहले ही महिला की पुत्रवधू की भी मौत हो गई थी। एक साथ दो मौत होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं परिजनों का कहना है कि उन्हें अब इस बात का डर है कि स्वाइन फ्लू परिवार के किसी और सदस्य को चपेट में न ले ले।
बताया जा रहा है कि महिला को पिछले कुछ दिनों से खांसी, जुकाम व बुखार की शिकायत थी। इस मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए हैं। परिजनों के मुताबिक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने मृृतका को स्वाइन-फ्लू पॉजिटिव होना बताया था। परिजनों का कहना है कि विभाग के तमाम दावों के बावजूद भी उपचार तो दूर मरीज को दाखिल तक नहीं किया गया। पिछले 18 दिन के अंतराल में क्षेत्र मेें हुई इस तीसरी मौत के बाद लोगों में भय देखा जा रहा है। बता देें कि बीती 11 फरवरी को गांव मल्लेवालां में, 24 फरवरी को गांव सुखचैन में दो लोगों की मौत हो चुकी है। मल्लेवालां में हुई मौत पर परिजनों ने नागरिक अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
जुकाम, बुखार के इलाज के बाद जब उसकी स्थिति मेें सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे सिरसा के एक निजी अस्पताल मेें ले गए। जहां चिकित्सक ने उसकी एक्स-रे रिपोर्ट के आधार पर उसे अन्य किसी बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। जिसके बाद परिजन उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ले गए। परिजनों के मुताबिक उन्हें अग्रोहा में न ही तो कोई बेड मिला और न ही उपचार। जिसके बाद महिला को हिसार के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां से भी उन्हें आगे रेफर कर दिया गया। परिजन महिला को हिसार ले जाने के बाद पुन: अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले आए लेकिन वहां भी महिला को उपचार नहीं मिला। परिजन महिला को सिरसा, हिसार व अग्रोहा के निजी व सरकारी अस्पतालों में लेकर घूमते रहे। नागरिक अस्पताल में कोई सुविधा न मिलने के बाद परिजन उसे बीते दिन एक निजी अस्पताल में ले गए जहां महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग बेहतर सेवाओं के महज ढिंढोरे ही पीट रहा है।
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5 दिन पूर्व हुई थी पुत्रवधू की मौत
महिला की पुत्रवधू को बीती 18 फरवरी को ऑपरेशन के जरिए बच्चा हुआ था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिजन उसे घर ले आए थे, जहां 23 फरवरी को अचानक दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। परिजन अभी इस गम से उभर भी नहीं पाए थे कि घर से दूसरी अर्थी उठ गई।
अब तक 10 लोगों की हो चुकी मौत
जनवरी से लेकर 22 फरवरी तक नागरिक अस्पताल में 122 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। जिसमें सेे 40 रोगियों को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई। जबकि 31 संदिग्ध निजी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। वहीं जिले में स्वाइन फ्लू से 10 लोगों की जान जा चुकी हैै। प्रदेशभर में करीब 850 लोगे वायरस की चपेट में आ चुके है। सिरसा स्वास्थ्य विभाग के पास 31 संदिग्ध रोगियों की रिपोर्ट लैब में बाकी हैै। मरीज की रिपोर्ट 7 से 10 दिन में आ रही है।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि महिला की मौत स्वाइन फ्लू से हुई है। इस मामले की जांच करवाई जाएगी। आखिर मौत की वजह क्या रही। पूरी जानकारी मिलने के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।
- डॉ. मनदीप भसीन, एमओ, पीएचसी रोड़ी।
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रोड़ी। जिले के एक गांव में स्वाइन फ्लू से संदिग्ध महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई है। पांच दिन पहले ही महिला की पुत्रवधू की भी मौत हो गई थी। एक साथ दो मौत होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं परिजनों का कहना है कि उन्हें अब इस बात का डर है कि स्वाइन फ्लू परिवार के किसी और सदस्य को चपेट में न ले ले।
बताया जा रहा है कि महिला को पिछले कुछ दिनों से खांसी, जुकाम व बुखार की शिकायत थी। इस मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए हैं। परिजनों के मुताबिक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने मृृतका को स्वाइन-फ्लू पॉजिटिव होना बताया था। परिजनों का कहना है कि विभाग के तमाम दावों के बावजूद भी उपचार तो दूर मरीज को दाखिल तक नहीं किया गया। पिछले 18 दिन के अंतराल में क्षेत्र मेें हुई इस तीसरी मौत के बाद लोगों में भय देखा जा रहा है। बता देें कि बीती 11 फरवरी को गांव मल्लेवालां में, 24 फरवरी को गांव सुखचैन में दो लोगों की मौत हो चुकी है। मल्लेवालां में हुई मौत पर परिजनों ने नागरिक अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
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जुकाम, बुखार के इलाज के बाद जब उसकी स्थिति मेें सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे सिरसा के एक निजी अस्पताल मेें ले गए। जहां चिकित्सक ने उसकी एक्स-रे रिपोर्ट के आधार पर उसे अन्य किसी बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। जिसके बाद परिजन उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ले गए। परिजनों के मुताबिक उन्हें अग्रोहा में न ही तो कोई बेड मिला और न ही उपचार। जिसके बाद महिला को हिसार के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां से भी उन्हें आगे रेफर कर दिया गया। परिजन महिला को हिसार ले जाने के बाद पुन: अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले आए लेकिन वहां भी महिला को उपचार नहीं मिला। परिजन महिला को सिरसा, हिसार व अग्रोहा के निजी व सरकारी अस्पतालों में लेकर घूमते रहे। नागरिक अस्पताल में कोई सुविधा न मिलने के बाद परिजन उसे बीते दिन एक निजी अस्पताल में ले गए जहां महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग बेहतर सेवाओं के महज ढिंढोरे ही पीट रहा है।
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5 दिन पूर्व हुई थी पुत्रवधू की मौत
महिला की पुत्रवधू को बीती 18 फरवरी को ऑपरेशन के जरिए बच्चा हुआ था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिजन उसे घर ले आए थे, जहां 23 फरवरी को अचानक दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। परिजन अभी इस गम से उभर भी नहीं पाए थे कि घर से दूसरी अर्थी उठ गई।
अब तक 10 लोगों की हो चुकी मौत
जनवरी से लेकर 22 फरवरी तक नागरिक अस्पताल में 122 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। जिसमें सेे 40 रोगियों को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई। जबकि 31 संदिग्ध निजी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। वहीं जिले में स्वाइन फ्लू से 10 लोगों की जान जा चुकी हैै। प्रदेशभर में करीब 850 लोगे वायरस की चपेट में आ चुके है। सिरसा स्वास्थ्य विभाग के पास 31 संदिग्ध रोगियों की रिपोर्ट लैब में बाकी हैै। मरीज की रिपोर्ट 7 से 10 दिन में आ रही है।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि महिला की मौत स्वाइन फ्लू से हुई है। इस मामले की जांच करवाई जाएगी। आखिर मौत की वजह क्या रही। पूरी जानकारी मिलने के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।
- डॉ. मनदीप भसीन, एमओ, पीएचसी रोड़ी।