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एमडी के आदेश मिलने पर अधिकारियों ने दिया अल्टीमेटम
Updated Sat, 09 Dec 2017 01:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
नेशनल हेल्थ मिशन के तहत अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को शनिवार सुबह 11 बजे तक ड्यूटी पर लौटने का नोटिस जारी किया गया है। इसका विरोध कर्मचारियों ने एमडी के आदेश की प्रतियां जलाकर नारेबाजी की। ओढां क्षेत्र के तीन कर्मचारी टर्मिनेशन आर्डर मिलते ही ड्यूटी पर लौट आए। उधर, प्रदेश कार्यकारिणी के साथ बातचीत के बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को तीन दिन के लिए और बढ़ा दिया है।
गौरतलब है कि नियमित किए जाने की मांग को लेकर एनएचएम कर्मचारी पांच दिसंबर से हड़ताल पर हैं। लगातार हड़ताल की अवधि को बढ़ाया जा रहा है। चौथे दिन शुक्रवार को भी कर्मचारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कुंदन गावड़िया का कहना है कि अब तक तो आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा था। मगर सरकार ने मांगें नहीं मानी तो आंदोलन उग्र रूप भी ले सकता है, जिसके लिए प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
गावड़िया ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी अपना हक मांग रहे हैं। कोई भी कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा पहुंचा कर खुश नहीं है, लेकिन अगर उन्हें हक नहीं मिलेगा तो आंदोलन करना उनका अधिकार है। सरकार जल्द कर्मचारियों की मांगों को मानने का लिखित आश्वासन दे। इस मौके पर सुरेंद्र, जगदीश, विक्रम, मनदीप, विकास, आशु, सरोज, पूजा, मनजीत, निर्मला, सुनीता, कविता, रजनी, पूनम, कमल, पवन, रोहताश, प्रियंका, सीमा सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित थे।
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ये हैं मुख्य मांगें
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में रेशनेलाइजेशन के तहत 20 प्रतिशत छंटनी के फरमान को वापस लिया जाए, समान काम-समान वेतन, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, वेतन महीने की 7 तारीख को देने, आउटसोर्सिंग प्रणाली बंद करने, विभाग में नियमित भर्ती की जाए।
ये कर्मचारी हैं शामिल
पूरे प्रदेश में एनएचएम के तहत जो कर्मचारी हड़ताल मेें बैठे हैं, उनमें एंबुलेंस चालक, ईएमटी, एएनएम, काउंसलर, स्टाफ नर्स, चिकित्सक, पूरे आयुष विभाग के कर्मचारी, स्कूल हेल्थ, अकाउंटेंट, असिस्टेंट अकाउंटेंट, डाटा एंट्री ऑप्रेटर, फार्मासिस्ट और टीबी विभाग के जिलेभर के करीब साढ़े पांच सौ कर्मचारी शामिल हैं।
नहीं आए तो होगी अगली कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को नोटिस जारी कर एनएचएम कर्मचारियों को एमडी के आदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि सुबह 11 बजे तक ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई हैै। एनएचएम प्रभारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण ने बताया कि कर्मचारियों को नोटिस दे दिया गया है। तीन कर्मचारी वापस ड्यूटी पर भी लौट आए हैं। अगली कार्रवाई सुबह 11 बजे तक इंतजार के बाद ही देखेंगे।
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सिरसा।
नेशनल हेल्थ मिशन के तहत अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को शनिवार सुबह 11 बजे तक ड्यूटी पर लौटने का नोटिस जारी किया गया है। इसका विरोध कर्मचारियों ने एमडी के आदेश की प्रतियां जलाकर नारेबाजी की। ओढां क्षेत्र के तीन कर्मचारी टर्मिनेशन आर्डर मिलते ही ड्यूटी पर लौट आए। उधर, प्रदेश कार्यकारिणी के साथ बातचीत के बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को तीन दिन के लिए और बढ़ा दिया है।
गौरतलब है कि नियमित किए जाने की मांग को लेकर एनएचएम कर्मचारी पांच दिसंबर से हड़ताल पर हैं। लगातार हड़ताल की अवधि को बढ़ाया जा रहा है। चौथे दिन शुक्रवार को भी कर्मचारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान कुंदन गावड़िया का कहना है कि अब तक तो आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा था। मगर सरकार ने मांगें नहीं मानी तो आंदोलन उग्र रूप भी ले सकता है, जिसके लिए प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
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गावड़िया ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी अपना हक मांग रहे हैं। कोई भी कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा पहुंचा कर खुश नहीं है, लेकिन अगर उन्हें हक नहीं मिलेगा तो आंदोलन करना उनका अधिकार है। सरकार जल्द कर्मचारियों की मांगों को मानने का लिखित आश्वासन दे। इस मौके पर सुरेंद्र, जगदीश, विक्रम, मनदीप, विकास, आशु, सरोज, पूजा, मनजीत, निर्मला, सुनीता, कविता, रजनी, पूनम, कमल, पवन, रोहताश, प्रियंका, सीमा सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित थे।
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ये हैं मुख्य मांगें
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में रेशनेलाइजेशन के तहत 20 प्रतिशत छंटनी के फरमान को वापस लिया जाए, समान काम-समान वेतन, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, वेतन महीने की 7 तारीख को देने, आउटसोर्सिंग प्रणाली बंद करने, विभाग में नियमित भर्ती की जाए।
ये कर्मचारी हैं शामिल
पूरे प्रदेश में एनएचएम के तहत जो कर्मचारी हड़ताल मेें बैठे हैं, उनमें एंबुलेंस चालक, ईएमटी, एएनएम, काउंसलर, स्टाफ नर्स, चिकित्सक, पूरे आयुष विभाग के कर्मचारी, स्कूल हेल्थ, अकाउंटेंट, असिस्टेंट अकाउंटेंट, डाटा एंट्री ऑप्रेटर, फार्मासिस्ट और टीबी विभाग के जिलेभर के करीब साढ़े पांच सौ कर्मचारी शामिल हैं।
नहीं आए तो होगी अगली कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को नोटिस जारी कर एनएचएम कर्मचारियों को एमडी के आदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि सुबह 11 बजे तक ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई हैै। एनएचएम प्रभारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण ने बताया कि कर्मचारियों को नोटिस दे दिया गया है। तीन कर्मचारी वापस ड्यूटी पर भी लौट आए हैं। अगली कार्रवाई सुबह 11 बजे तक इंतजार के बाद ही देखेंगे।