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‘अतिथि देवो भव’ की मिसाल पेश करेगा म्हारा रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 10 Jan 2017 02:24 AM IST
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पहले पंचकूला में होना था राष्ट्रीय युवा महोत्सव, बाद में रोहतक को मिली मेजबानी
- फोटो : amar ujala
दो दिन बाद होने वाला राष्ट्रीय युवा महोत्सव ‘अतिथि देवो भव’ की मिसाल कायम करने का बेहतर मौका है। महोत्सव से भाईचारा, संस्कृति, विरासत और सौहार्द की नजीर पेश करने का प्रयास किया जाएगा। कोशिश होगी कि बीते साल फरवरी माह में भाईचारे में आई दरार को पाटा जा सके। जानकार मानते हैं कि महोत्सव दंगों के दाग को मिटाने का काम करेगा।
यूं तो हरियाणा को भाईचारा, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, लेकिन पिछले वर्ष फरवरी माह में आरक्षण आंदोलन के नाम पर जो कुछ हुआ उससे स्थिति काफी बदल गई। आंदोलन के दौरान हुए दंगे ने आपसी भाईचारे पर गहरी चोट की। दंगे को करीब 11 माह बीत चुके हैं। इस अवधि में लोगों ने दंगे के दंश को भुलाने के लिए काफी कार्य किए। अब राष्ट्रीय युवा महोत्सव के बहाने रोहतक को अलग मिसाल कायम करने का मौका मिला है। सूत्रों की मानें तो पहले महोत्सव पंचकूला में होने वाला था, लेकिन धूमिल छवि को सुधारने के लिए सरकार ने महोत्सव को रोहतक में कराने का फैसला किया। आयोजन को लेकर न केवल सरकार, बल्कि जिला प्रशासन और एमडीयू प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।
रोहतक के आतिथ्य को नहीं भूलेंगे मेहमान
महोत्सव को यादगार बनाने के लिए दिन-रात तैयारियां चल रही हैं। प्रशासनिक और एमडीयू के अधिकारियों की मानें तो देशभर से आने वाले मेहमानों का अलग अंदाज में स्वागत किया जाएगा। दिल्ली से लेकर रोहतक तक स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। हर दिन मेहमानों के लिए विशेष गतिविधि कराई जाएगी। दावा है कि महोत्सव में आने वाले मेहमान आवभगत को नहीं भुला पाएंगे।
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हरियाणा के लोगों का दिल बहुत बड़ा है, जो दंगे के माहौल से गुजरने के बावजूद दिलों में मतभेद नहीं रखते। देशभर से आने वाले मेहमानों का भव्य तरीके से स्वागत किया जाएगा। रोहतक के लिए महोत्सव सुनहरा अवसर है।
- डॉ. वेदप्रकाश श्योराण, प्राचार्य पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज
हरियाणावासी अच्छे मेजबान हैं। पिछले साल फरवरी माह में कुछ माहौल खराब हो गया था, लेकिन अब जो मौका मिला है उसमें साबित कर देंगे कि हरियाणावासी आवभगत में पीछे नहीं रहते। भाईचारे और एकता की मिसाल कायम करेंगे।
- डॉ. लक्ष्मी दलाल बेनीवाल
राष्ट्रीय युवा महोत्सव एक अच्छा कार्यक्रम है, जिससे भाईचारे की भावना बढ़नी चाहिए। हालांकि इसके लिए सभी का सहयोग होना जरूरी है।
- डॉ. रणवीर सिंह दहिया, पूर्व सर्जन पीजीआईएमएस
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यूं तो हरियाणा को भाईचारा, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, लेकिन पिछले वर्ष फरवरी माह में आरक्षण आंदोलन के नाम पर जो कुछ हुआ उससे स्थिति काफी बदल गई। आंदोलन के दौरान हुए दंगे ने आपसी भाईचारे पर गहरी चोट की। दंगे को करीब 11 माह बीत चुके हैं। इस अवधि में लोगों ने दंगे के दंश को भुलाने के लिए काफी कार्य किए। अब राष्ट्रीय युवा महोत्सव के बहाने रोहतक को अलग मिसाल कायम करने का मौका मिला है। सूत्रों की मानें तो पहले महोत्सव पंचकूला में होने वाला था, लेकिन धूमिल छवि को सुधारने के लिए सरकार ने महोत्सव को रोहतक में कराने का फैसला किया। आयोजन को लेकर न केवल सरकार, बल्कि जिला प्रशासन और एमडीयू प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।
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रोहतक के आतिथ्य को नहीं भूलेंगे मेहमान
महोत्सव को यादगार बनाने के लिए दिन-रात तैयारियां चल रही हैं। प्रशासनिक और एमडीयू के अधिकारियों की मानें तो देशभर से आने वाले मेहमानों का अलग अंदाज में स्वागत किया जाएगा। दिल्ली से लेकर रोहतक तक स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। हर दिन मेहमानों के लिए विशेष गतिविधि कराई जाएगी। दावा है कि महोत्सव में आने वाले मेहमान आवभगत को नहीं भुला पाएंगे।
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हरियाणा के लोगों का दिल बहुत बड़ा है, जो दंगे के माहौल से गुजरने के बावजूद दिलों में मतभेद नहीं रखते। देशभर से आने वाले मेहमानों का भव्य तरीके से स्वागत किया जाएगा। रोहतक के लिए महोत्सव सुनहरा अवसर है।
- डॉ. वेदप्रकाश श्योराण, प्राचार्य पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज
हरियाणावासी अच्छे मेजबान हैं। पिछले साल फरवरी माह में कुछ माहौल खराब हो गया था, लेकिन अब जो मौका मिला है उसमें साबित कर देंगे कि हरियाणावासी आवभगत में पीछे नहीं रहते। भाईचारे और एकता की मिसाल कायम करेंगे।
- डॉ. लक्ष्मी दलाल बेनीवाल
राष्ट्रीय युवा महोत्सव एक अच्छा कार्यक्रम है, जिससे भाईचारे की भावना बढ़नी चाहिए। हालांकि इसके लिए सभी का सहयोग होना जरूरी है।
- डॉ. रणवीर सिंह दहिया, पूर्व सर्जन पीजीआईएमएस