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World Dog Day: डस्टिन के कंधों पर 4 जिलों में बम ढूंढने की जिम्मेदारी, VVIP की सुरक्षा के लिए लगानी पड़ती दौड़

Sat, 26 Aug 2023 09:21 AM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 26 Aug 2023 09:21 AM IST
सार

खुफिया विभाग में रोहतक रेंज के अंदर चार जिले आते हैं, जिसमें रोहतक, सोनीपत, झज्जर व जींद शामिल है। रेंज के अंदर कोई भी वीवीआईपी, वीआईपी या दूसरा महत्वपूर्ण रैली या दूसरा सार्वजनिक कार्यक्रम हो या बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या दूसरे सार्वजनिक स्थान पर बम विस्फोटक पदार्थ रखने की सूचना हो, डॉग स्कवॉड की टीम को मौके पर पहुंचना पड़ता है।

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World Dog Day: Responsibility of finding bombs in 4 districts on Dustin shoulder
डस्टिन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मात्र ढाई साल के डस्टिन पर चार जिलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। न केवल विस्फोटक की सूचना पाकर दौड़ता है, बल्कि प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री तक के वीवीआईपी कार्यक्रम तक में सुरक्षा संभालनी पड़ती है। गृहमंत्रालय के अंतर्गत खुफिया विभाग की टीम काम करती है, जिसमें डॉग स्कवॉड की टीम भी शामिल की गई है। टीम में रेंज स्तर पर छह तक सदस्य होते हैं।

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आर्मी के मेरठ मुख्यालय से रोहतक भेजा गया है खोजी कुत्ता
उसमें एक इंचार्ज, चार मेटल डिटेक्टर एक्सपर्ट और साथ में खोजी कुत्ता और उसको संभालने वाला कर्मचारी होता है। खोजी कुत्ते को विस्फोटक पदार्थ सुंघने की ट्रेनिंग दी जाती है। खुफिया विभाग में रोहतक रेंज के अंदर चार जिले आते हैं, जिसमें रोहतक, सोनीपत, झज्जर व जींद शामिल है। रेंज के अंदर कोई भी वीवीआईपी, वीआईपी या दूसरा महत्वपूर्ण रैली या दूसरा सार्वजनिक कार्यक्रम हो या बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या दूसरे सार्वजनिक स्थान पर बम विस्फोटक पदार्थ रखने की सूचना हो, डॉग स्कवॉड की टीम को मौके पर पहुंचना पड़ता है।
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मोती रिटायर, डस्टिन ने संभाली ड्यूटी
डॉग स्कवायड टीम में पहले लेब्रा नस्ल का डॉग था, जिसे 11 साल की उम्र में दो साल पहले रिटायर कर दिया गया। इसके बाद आर्मी के मेरठ स्थित मुख्यालय से इसी नस्ल के डस्टिन को लाया गया। अब उसकी उम्र मात्र ढाई साल है। खाली समय में डस्टिन को दो-तीन दिन में एक ट्रेनिंग देनी पड़ती है।
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मुख्यालय से आता है मेन्यू बनकर
पुलिस लाइन में डॉग स्कवॉड कार्यालय है, जहां डस्टिन को रखा गया है। मुख्यालय से उसके खाने का मेन्यू आता है। सर्दी और गर्मी में अलग-अलग खाना दिया जाता है। इसमें अंडा, चिकन, रोटी और मीट शामिल है। साथ ही रोजाना डेढ़ लीटर दूध दिया जाता है।


अधिकारी के अनुसार
रेंज के अंदर खुफिया विभाग की डॉग स्कवॉड टीम रेंज मुख्यालय रोहतक में है। यहां से खोजी कुत्ते के साथ रोहतक, सोनीपत, जींद व झज्जर जाना पड़ता है। फिलहाल टीम में ढाई साल का लेब्रा नस्ल का डस्टिन कुत्ता है। उसे सेना के मेरठ स्थित मुख्यालय से रोहतक भेजा गया था। -दिनेश दलाल, इंचार्ज डॉग स्कवॉड टीम।

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