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पीजीआई में इलाज के लिए भटकती रही महिला
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पीजीआई के एमएस आफिस के बाहर बैठी दिव्यांग शीला देवी। अमर उजाला
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र पीजीआई में एक महिला को इलाज नहीं मिल रहा है। पिछले तीन दिन से उसे पेट के ऑपरेशन का इंतजार है। सांपला इलाके की इस महिला को दो बार ऑपरेशन थियेटर से बैरंग लौटना पड़ा है। वीरवार को अपने इलाज के लिए यह महिला घंटों चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के बाहर बैठी रही। इधर, संस्थान प्रबंधन ने उसे इलाज देने के साथ संस्थान में भर्ती करने का दावा किया है।
सांपला निवासी विक्की कटारिया ने बताया कि उसकी मां की तबीयत खराब है। काफी समय से इलाज चल रहा है। पहले एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया था। अब हालात फिर बिगड़ने लगी है। पिछले तीन दिन से पीजीआई में इलाज के लिए भटक रही है। यहां उसका ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है। पेट में तकलीफ के कारण बुरा हाल है। दर्द के अलावा पेट फूलता जा रहा है। डॉक्टर ने शौच का रास्ता बनाने की बात कही थी, मगर ऑपरेशन करने के बजाय, वहां से बैरंग भेज दिया। वीरवार को भी ऑपरेशन नहीं हुआ। इस कारण चिकित्सा अधीक्षक से मिलने उनके कार्यालय पहुंची। यहां काफी देर बैठे रहने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
इधर, पीजीआई चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ईश्वर सिंह ने कहा कि महिला आई थी। उसे इलाज दिया जा रहा है। वह पहले भी आपात विभाग में आ चुकी है। निजी अस्पताल में ऑपरेशन भी करा चुकी है। कैंसर ज्यादा फैल गया है। इस कारण वह परेशान है। उसे संस्थान में भर्ती करा दिया गया है।
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सांपला निवासी विक्की कटारिया ने बताया कि उसकी मां की तबीयत खराब है। काफी समय से इलाज चल रहा है। पहले एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया था। अब हालात फिर बिगड़ने लगी है। पिछले तीन दिन से पीजीआई में इलाज के लिए भटक रही है। यहां उसका ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है। पेट में तकलीफ के कारण बुरा हाल है। दर्द के अलावा पेट फूलता जा रहा है। डॉक्टर ने शौच का रास्ता बनाने की बात कही थी, मगर ऑपरेशन करने के बजाय, वहां से बैरंग भेज दिया। वीरवार को भी ऑपरेशन नहीं हुआ। इस कारण चिकित्सा अधीक्षक से मिलने उनके कार्यालय पहुंची। यहां काफी देर बैठे रहने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
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इधर, पीजीआई चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ईश्वर सिंह ने कहा कि महिला आई थी। उसे इलाज दिया जा रहा है। वह पहले भी आपात विभाग में आ चुकी है। निजी अस्पताल में ऑपरेशन भी करा चुकी है। कैंसर ज्यादा फैल गया है। इस कारण वह परेशान है। उसे संस्थान में भर्ती करा दिया गया है।
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