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Rohtak News: साइबर अपराधी ने धोखाधड़ी के रुपये जमा कराए तो खाते हुए फ्रीज
Sun, 22 Jun 2025 02:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 22 Jun 2025 02:12 AM IST
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रोहतक। जमीन बेचकर एक दोस्त को दी गई रकम को अपनी पत्नी के खाते में डलवाना किसान को भारी पड़ गया। दोस्त ने किसी अन्य व्यक्ति से चार लाख रुपये खाते में डलवा दिए, लेकिन इसके बाद पीड़ित किसान की पत्नी और उनके जीजा का खाता बंद कर दिया।
जब बैंक से पूछा तो बताया कि उनके खाते में साइबर ठगी का रुपया जमा कराया गया है। इस मामले की छानबीन करते हुए पीड़ित ने दोस्त के साथ मिलकर खाते में रुपये डालने वाले को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
भिवानी रोड गीतांजलि एंक्लेव निवासी कमल कुमार ने अपनी जमीन बेची थी। उनको पत्नी का गोल्ड लोन भी जमा कराना था और इसी बीच दोस्त गुडडू और सचिन ने उनसे कुछ रुपये उधार ले लिए। उन्होंने सोचा कि जब दोस्त रुपये वापस लौटाएगा तो उसी समय गोल्ड लोन को जमा करा देगा। दोस्तों ने उसे रुपये लौटा दिए। इसके बाद उनकी अपने दोस्त मान से बात हुई तो उसने रुपये पत्नी के खाते में रुपये जमा कराने के लिए कहा।
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दोस्त मानव रुपये जमा कराने गया तो वहां पर एक युवक मिल गया। उसने कहा कि बैंक में भीड़ है और उसे कैश रुपये चाहिए, जबकि मानव को कमल की पत्नी के खाते में रुपये चाहिए थे। इस उसने बैंक से सीधे कमल की पत्नी के खाते में रुपये भेज दिए। इसके बाद कमल के जीजा ने भी कुछ रुपये उनकी पत्नी के खाते में भेज दिए। दो दिन बाद ही जब खाते का बैलेंस चेक किया तो जीरो दिखाने लगा। बैंक जाकर पीड़ित कमल ने पता किया तो अधिकारी ने बताया कि उनके खातों में साइबर अपराधियों ने ठगी का रुपया भेजा है, इसलिए उनके खाते फ्रीज कर दिए है।
यह बात पीड़ित ने दोस्त को बताई तो वह पुलिसकर्मी के साथ बैंक के पास पहुंचे। वहां पर ऑनलाइन रुपये खाते में जमा कराने वाला युवक भी मिल गया। उसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, पीड़ित ने साइबर थाने में मामला दर्ज कराया है।
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साइबर जालसाज लोगों के खाते किराए पर लेकर ठगी के रुपये उनमें ट्रांसफर करा रहे हैं। ऐसे में सीधे-साधे लोगों को भी ठग अपना शिकार बना रहे है। उनके खाते में रकम डालकर उसे नकद निकालकर ले जाते है। ऐसे में खाता धारक फंस जाते है, इसलिए अपना बैंक खाता किसी को प्रयोग न करने दिया जाए।
कुलदीप कुमार, साइबर थाना प्रभारी ।
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जब बैंक से पूछा तो बताया कि उनके खाते में साइबर ठगी का रुपया जमा कराया गया है। इस मामले की छानबीन करते हुए पीड़ित ने दोस्त के साथ मिलकर खाते में रुपये डालने वाले को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
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भिवानी रोड गीतांजलि एंक्लेव निवासी कमल कुमार ने अपनी जमीन बेची थी। उनको पत्नी का गोल्ड लोन भी जमा कराना था और इसी बीच दोस्त गुडडू और सचिन ने उनसे कुछ रुपये उधार ले लिए। उन्होंने सोचा कि जब दोस्त रुपये वापस लौटाएगा तो उसी समय गोल्ड लोन को जमा करा देगा। दोस्तों ने उसे रुपये लौटा दिए। इसके बाद उनकी अपने दोस्त मान से बात हुई तो उसने रुपये पत्नी के खाते में रुपये जमा कराने के लिए कहा।
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दोस्त मानव रुपये जमा कराने गया तो वहां पर एक युवक मिल गया। उसने कहा कि बैंक में भीड़ है और उसे कैश रुपये चाहिए, जबकि मानव को कमल की पत्नी के खाते में रुपये चाहिए थे। इस उसने बैंक से सीधे कमल की पत्नी के खाते में रुपये भेज दिए। इसके बाद कमल के जीजा ने भी कुछ रुपये उनकी पत्नी के खाते में भेज दिए। दो दिन बाद ही जब खाते का बैलेंस चेक किया तो जीरो दिखाने लगा। बैंक जाकर पीड़ित कमल ने पता किया तो अधिकारी ने बताया कि उनके खातों में साइबर अपराधियों ने ठगी का रुपया भेजा है, इसलिए उनके खाते फ्रीज कर दिए है।
यह बात पीड़ित ने दोस्त को बताई तो वह पुलिसकर्मी के साथ बैंक के पास पहुंचे। वहां पर ऑनलाइन रुपये खाते में जमा कराने वाला युवक भी मिल गया। उसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, पीड़ित ने साइबर थाने में मामला दर्ज कराया है।
साइबर जालसाज लोगों के खाते किराए पर लेकर ठगी के रुपये उनमें ट्रांसफर करा रहे हैं। ऐसे में सीधे-साधे लोगों को भी ठग अपना शिकार बना रहे है। उनके खाते में रकम डालकर उसे नकद निकालकर ले जाते है। ऐसे में खाता धारक फंस जाते है, इसलिए अपना बैंक खाता किसी को प्रयोग न करने दिया जाए।
कुलदीप कुमार, साइबर थाना प्रभारी ।