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किसानों ने तंबू गाड़ने का एलान किया तो आए उपायुक्त

Tue, 01 Feb 2022 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 01 Feb 2022 12:57 AM IST
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When farmers announced to pitch their tents, then the Deputy Commissioner came
लघु सचिवालय के गेट पर चढ़ कर प्रदर्शन कर रहे किसान को पकड़ कर नीचे उतारती पुलिस। संवाद
रोहतक। किसानों ने वादे पूरे न होने और बारिश से बर्बाद हुई फसल की स्पेशल गिरदावरी की मांग को लेकर सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने विश्वासघात दिवस मनाते हुए प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। इसके बाद नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां बंद गेट खुलवाने के लिए किसानों की पुलिस से जोर आजमाइश हुई। एसडीएम मौके पर ज्ञापन लेने पहुंचे लेकिन किसान उपायुक्त को बुलाने पर अड़ गए। एलान किया कि यदि 10 मिनट में उपायुक्त नहीं आए तो बलपूर्वक गेट में घुसने के लिए मजबूर होंगे और यहीं तंबू गाड़कर धरना देंगे। इसके कुछ देर बाद उपायुक्त आ गए। उन्होंने किसानों से ज्ञापन लेकर मांगों के जल्द समाधान का भरोसा दिया।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार सुबह 11 बजे से किसान मानसरोवर पार्क में एकत्रित होना शुरू हो गए। इसके बाद किसानों की सभा हुई। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे किसान जुलूस के रूप में सड़क पर नारेबाजी करते हुए निकले। किसान सभा के प्रधान प्रीत सिंह और बीकेयू टिकैत के जिला प्रधान रणधीर काला की मौजूदगी में किसानों ने सुभाष चौक पर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। इसके बाद किसान नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय ज्ञापन देने के लिए पहुंचे। बंद गेट पर पुलिस फोर्स तैनात देख किसानों ने फांदकर अंदर घुसने का प्रयास किया मगर सफल नहीं हो सके। इसके बाद गेट खोलने को लेकर किसानों और पुलिस के बीच में काफी देर तक जोर आजमाइश हुई। इसके बाद किसानों ने गेट पर ही धरना शुरू कर दिया। इस बीच एसडीएम रोहतक राकेश कुमार किसानों से ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे मगर किसान उपायुक्त को बुलाने की मांग पर अड़ गए। जब काफी देर हो गई तो किसानों ने एलान कर दिया कि यदि 10 मिनट के अंदर उपायुक्त नहीं आए तो वह बलपूर्वक लघु सचिवालय परिसर में घुसने को मजबूर होंगे। इसके बाद गेट पर ही तंबू गाड़कर धरना शुरू कर दिया जाएगा। इसकी सूचना मिलते ही कुछ देर में उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार मौके पर ज्ञापन लेने पहुंचे।
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यह हैं किसानों की मांगें
किसान बारिश से खराब हुई फसल व खाली पड़ी कृषि भूमि की स्पेशल गिरदावरी कराने, 2021 की खरीफ की फसल का मुआवजा वितरित कराने, जलभराव की समस्या का स्थायी प्रबंध, ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने, बीमा कंपनियों से मुआवजे जारी कराने आदि हैं।
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प्रदर्शन में शामिल रहे संगठन व किसान नेता
संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठन किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन, किसान सरकार, जेएसओ, किसान प्रतिष्ठा मंच आदि शामिल रहे। इस दौरान संयुक्त मोर्चा के कृष्णप्रसाद, संदीप, जयभगवान, चांद कुुंडू आदि मौजूद रहे।
इन गांवों के किसानों ने प्रदर्शन में भाग लिया
चिड़ी, बहुअकबरपुर, बलियाना, सुंडाना, पाकस्मा, मोखरा, किलोई, रुड़की, कारोर, खेड़ी साध, सैमाण, भैयापुर, नौनंद, भालौट, मोरखेड़ी, मायना, इस्माईला, कुलताना, खरक जाटान, घरौंठी, भैणी सुरजन, मदीना, खरक बैंसी, कंसाला, चुलाना, बनियानी, मकड़ौली, रिठाल, बालंद, अजायब, कुलताना, घामड़, खरावड़ आदि गांवों के किसानों ने भाग लिया।

उपायुक्त ने किसानों से ये किए वादे
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि 21, 22 व 23 जनवरी को हुई बारिश का पानी खेतों में जमा है। मैंने भी घूमकर देखा है, जिसका आकलन करके सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी। 100 फीसदी मांग पूरी होगी और समस्या का समाधान होगा। स्पेशल गिरदावरी के लिए शासन से चिट्ठी नहीं आई है। हमेशा जब सभी जिलों से रिपोर्ट जाती है, तब सरकार रिपोर्ट का आकलन करने के बाद स्पेशल गिरदावरी करवाती है। 2021 में खराब हुई फसल के मुआवजे के मसले पर कहा कि एफसीआर से बात करेंगे। खराब हुई फसलों का मुआवजा आएगा। जिनके आकलन में कमी बताई जा रही है, उसके लिए दोबारा से कमेटी बनाएंगे, जिसमें आपका भी नुमाइंदा शामिल करेंगे। निंदाना में चकबंदी के बारे में मिली शिकायतों पर सरकार को चिट्ठी भेजी थी। इस पर सरकार ने दूसरे जिले के डीआरओ से जांच कराने के लिए कमेटी गठित करने कमिश्नर को आदेश दिए हैं। कमिश्नर एक-दो दिन में कमेटी गठित करेंगे। साफ-सुथरा काम नहीं था, जिसकी वजह से कमेटी जांच करेगी। रही बात किसान आंदोलन में दर्ज किए केस वापस लेने की तो उसको लेकर सरकार ने सारे केस के रिकॉर्ड मंगवा लिए हैं। सरकार केसों को वापस ले रही है। ये चिट्ठी आ गई है और अदालतों से केस वापस लिए जा रहे हैं। बेसहारा पशुओं की बड़ी समस्या है। इसको लेकर सरकार योजना बना रही है।
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