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जल संकट : दोनों वक्त आपूर्ति के लिए अभी एक दिन और करना पड़ेगा इंतजार
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रोहतक। भालौठ सब ब्रांच (बीएसबी) में भले ही 150 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है मगर यह ऊंट के मुंह में जीरा जैसा है। इस वजह से शनिवार को भी एक समय पेयजल आपूर्ति होगी। शनिवार को एक समय ही 50 मिनट की पेयजल आपूर्ति दी जाएगी। जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) नहर में पूरी क्षमता से पानी आएगा तब आपूर्ति दोनों समय होगी।
शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था जेएलएन और बीएसबी नहरों में आने वाले पानी पर निर्भर है। दोनों नहरों में पानी के आने का रोस्टर बना है, जिसके अनुसार 16 दिन जेएलएन और आठ दिन बीएसबी में पानी आता है। शेष दिन जनस्वास्थ्य विभाग के जलघरों में एकत्रित पानी से आपूर्ति होती है। जेएलएन में रोस्टर के हिसाब से पानी आने में देरी होने की वजह से जनस्वास्थ्य विभाग ने एक समय की पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी है। जलघरों में पानी का स्तर तेजी से गिरता देख जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों से बीएसबी में जरूरत के हिसाब से पानी छोड़ने की मांग की, जिस पर 150 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। बीएसबी में आया पानी करीब चार घंटे तक जनस्वास्थ्य विभाग ने जलघर में नहीं भरा क्योंकि काफी गंदगी आई। अब जलघर में पानी आ रहा मगर इतनी कम रफ्तार से आ रहा है कि अफसर उलझन में हैं। वजह, जितनी रफ्तार से पानी आ रहा है, उससे सुचारु पेयजल आपूर्ति संभव नहीं है। इसके चलते शुक्रवार को जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जेएलएन में पानी नहीं आने तक सिर्फ एक समय ही आपूर्ति जारी रखने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि एक समय की आपूर्ति 40 मिनट से बढ़ाकर 50 मिनट की जा सकती है, इससे ज्यादा संभव नहीं है।
वर्जन-
बीएसबी में आया पानी काफी कम है। इससे दो वक्त पेयजल आपूर्ति संभव नहीं है। इतना है कि 40 मिनट की जगह 50 मिनट पेयजल आपूर्ति कर दी जाएगी। जेएलएन में पानी पूरी क्षमता से आने पर ही दो समय समुचित आपूर्ति होगी।
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- अनिल रोहिल्ला, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग
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शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था जेएलएन और बीएसबी नहरों में आने वाले पानी पर निर्भर है। दोनों नहरों में पानी के आने का रोस्टर बना है, जिसके अनुसार 16 दिन जेएलएन और आठ दिन बीएसबी में पानी आता है। शेष दिन जनस्वास्थ्य विभाग के जलघरों में एकत्रित पानी से आपूर्ति होती है। जेएलएन में रोस्टर के हिसाब से पानी आने में देरी होने की वजह से जनस्वास्थ्य विभाग ने एक समय की पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी है। जलघरों में पानी का स्तर तेजी से गिरता देख जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों से बीएसबी में जरूरत के हिसाब से पानी छोड़ने की मांग की, जिस पर 150 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। बीएसबी में आया पानी करीब चार घंटे तक जनस्वास्थ्य विभाग ने जलघर में नहीं भरा क्योंकि काफी गंदगी आई। अब जलघर में पानी आ रहा मगर इतनी कम रफ्तार से आ रहा है कि अफसर उलझन में हैं। वजह, जितनी रफ्तार से पानी आ रहा है, उससे सुचारु पेयजल आपूर्ति संभव नहीं है। इसके चलते शुक्रवार को जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जेएलएन में पानी नहीं आने तक सिर्फ एक समय ही आपूर्ति जारी रखने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि एक समय की आपूर्ति 40 मिनट से बढ़ाकर 50 मिनट की जा सकती है, इससे ज्यादा संभव नहीं है।
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वर्जन-
बीएसबी में आया पानी काफी कम है। इससे दो वक्त पेयजल आपूर्ति संभव नहीं है। इतना है कि 40 मिनट की जगह 50 मिनट पेयजल आपूर्ति कर दी जाएगी। जेएलएन में पानी पूरी क्षमता से आने पर ही दो समय समुचित आपूर्ति होगी।
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- अनिल रोहिल्ला, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग