फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Violation of Section 144 continues in lockdown to prevent corona infection

कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए लगे लॉकडाउन में धारा 144 का उल्लंघन जारी, पुलिस की सख्ती पर मनमर्जी भारी

Sun, 12 Apr 2020 11:21 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2020 11:21 PM IST
विज्ञापन
Violation of Section 144 continues in lockdown to prevent corona infection
माल गोदाम रोड पर खरीदारों की लगी भीड़ - फोटो : RohtakCity
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन है। इसके बावजूद कुछ लोग बेवजह घर से बाहर घूम रहे हैं। पुलिस की ओर से नाके लगाकर, गश्त करके कार्रवाई भी की जा रही है लेकिन इसके बावजूद ये सुधरने को तैयार नहीं हैं। लॉकडाउन में जहां धारा 144 का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है, वहीं 20 दिन में 5900 वाहन चालकों के चालान काटे गए हैं, 580 वाहन इंपाउंड किए गए। यही नहीं धारा 188 के तहत 76 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जिसमें 280 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और करीब 1.80 करोड़ रुपयों का जुर्माना भी लगाया गया है। इसके अलावा महामारी एक्ट के तहत 45 केस दर्ज किए गए हैं। अगर इस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हो गई तो सरकारी नौकरी से लेकर पासपोर्ट बनवाने व दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ देने तक में दिक्कत आ सकती है। एक्सपर्ट का कहना है कि पुलिस चाहे तो लापरवाही बरतने से संक्रमित होने पर आईपीसी की धारा 309 भी लगा सकती है। कई जगह कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई की गई ताकि लोगों को सही रेट पर सामान मिल सके। उधर, जिले के लिए राहत की बात यह है कि यहां कोई नया कोरोना पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है।
विज्ञापन

मास्क न लगाने, भीड़ एकत्रित करने पर भी हो रही कार्रवाई
शनिवार को गोहाना अड्डा पर एक सब्जी की दुकान खुली मिली। बाहर भीड़ एकत्रित थी। पुलिस को देखकर सभी व्यक्ति मौके से भाग गए। दुकान संचालक ने मास्क लगाने, सैनिटाइजर रखने व सोशल डिस्टेंसिंग के लिए चिह्न लगाने के आदेशों का उल्लंघन किया है। दुकान संचालक मनोज के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक अन्य दुकान संचालक राजेश निवासी गोहाना अड्डा, विनोद निवासी प्रताप मोहल्ला, सुनील निवासी शिवाजी कॉलोनी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई।
विज्ञापन

अफवाह फैलाने वाली महिला सहित दो पर केस दर्ज
10 -11 अप्रैल की रात को एक महिला ने पुलिस कंट्रोल रूप पर फोन कर सूचना दी कि एक विशेष समुदाय के करीब 10 - 15 लोग संदिग्घ हालात में गांव गिझी में आए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन जांच पड़ताल पर सूचना झूठी मिली। अफवाह फैलाने का अपराध करने पर महिला के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा एक युवक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। जिसमें उसने लिखा था कि एक फैक्टरी खुली है, जिसमें मजदूरों को खाना तक नहीं दिया जा रहा है। यहां पर जिला प्रशासन की ओर से भी कोई मदद नहीं की जा रही है। जिस सूचना पर पुलिस व जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच में सूचना झूठी निकली। पुलिस ने युवक को ट्रेस कर पकड़ लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस - डॉक्टरों का सहयोग न करने पर भी दर्ज हो चुका है केस
आर्य नगर थाना क्षेत्र गली नंबर-1 के एक घर में जमाती होने की सूचना व डीसी के आदेशों पर पुलिस ने एक मकान का करीब एक घंटे तक घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन मुखिया परिवार सहित घर की छत पर खड़ा रहा। हालांकि काफी समझाने पर उसने दरवाजा खोला तो वहां कोई जमाती तो नहीं मिला। लेकिन पुलिस ने सहयोग न करने पर घर के मुखिया के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था।
पुलिस लगातार सख्ती बरत रही है। रोजाना बेवजह घर से बाहर घूमने वालों के चालान हो रहे हैं, आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा रहा है। लेकिन लोग इस बात को समझने को तैयार नहीं है कि कोरोना वायरस से घर पर रह कर बचा जा सकता है। आगामी दिनों में अगर लॉकडाउन बढ़ाया जाएगा तो पुलिस और सख्त रवैया अपनाएगी।
- गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय।
लॉकडाउन तोड़ना पड़ सकता है भारी, नौकरी मिलेगी न बनेगा पासपोर्ट
संभल जाओ... एक एफआईआर से ही बढ़ जाएगी जिंदगीभर की मुसीबत!
: एक्सपर्ट बोले - कोरोना संक्रमित होने पर पुलिस लगा सकती है धारा 309 भी
: वरिष्ठ वकील ने दी अभिभावकों को सलाह, बेवजह बच्चों को न निकलने दें घर से बाहर
रोहतक। पीएम व सीएम की अपील के बावजूद कुछ लोग लॉकडाउन तोड़कर घर से बाहर निकल रहे हैं। ऐसा करना युुवाओं को भारी पड़ सकता है। क्योंकि अगर एफआईआर दर्ज हो गई तो सरकारी नौकरी से लेकर पासपोर्ट बनवाने व दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ देने तक में दिक्कत आ सकती है। एक्सपर्ट का कहना है कि पुलिस चाहे तो लापरवाही बरतने, संक्रमित होने पर आईपीसी की धारा 309 भी लगा सकती है।

जिला बार के वरिष्ठ वकील दीपक भारद्वाज का कहना है कि पुलिस हर रोज लॉकडाउन तोड़ने के केस दर्ज कर रही है। अभी तो ज्यादातर मामले आईपीसी की धारा 188 के तहत सरकारी अधिकारी की आज्ञा को न मानने के दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए कई केस में महामारी एक्ट भी लगाया गया है। कानून के तहत सरकारी नौकरी के समय पुलिस से रिपोर्ट मांगी जाती है। ऐसे में केस दर्ज होता है तो पुलिस रिपोर्ट में लिखकर देगी कि कोरोना वायरस के फैलाव के दौरान संबंधित व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। ऐसे में नौकरी मिलने में परेशानी आ सकती है। वरिष्ठ वकील ने अभिभावकों को सलाह है कि वे अपने बच्चों को बेवजह घर से बाहर न निकलने दें, ताकि कोरोना को मात दी जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed