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विजय नगर हत्याकांड : हाईकोर्ट ने दी एसटीएफ से जांच की अनुमति, बचाव पक्ष ने मांगी टावर की लोकेशन

Wed, 28 Sep 2022 02:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 28 Sep 2022 02:24 AM IST
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Vijay Nagar massacre: High court allowed STF to investigate, defense sought tower location
शहर के बहुचर्चित विजय नगर हत्याकांड में हाईकोर्ट ने भी एसटीएफ जांच की अनुमति दे दी है। जबकि बचाव पक्ष सीबीआई से जांच करवाने की मांग कर रहा था। अब केस में एसटीएफ की जांच रिपोर्ट दाखिल होने के बाद ही आरोप तय हो सकेंगे। वहीं, उधर, बचाव पक्ष ने मंगलवार को एएएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत में याचिका दायर कर वारदात के समय आरोपी व केस से जुड़े दूसरे लोगों की मोबाइल टावर की लोकेशन रिपोर्ट मांगी है। मामले में अब 14 अक्तूबर को सुनवाई होगी।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अगस्त 2021 में सोनीपत जिले के गांव मदीना निवासी बबलू पहलवान दो दशक से रोहतक में रह रहे थे और प्रॉपर्टी डीलर का काम करते थे। उन्होंने विजय नगर में न केवल कोठी बना रखी थी, बल्कि आसपास प्लॉट भी खरीद रखे थे। 27 अगस्त 2021 को बबलू पहलवान, उनकी पत्नी बबली, बेटी नेहा उर्फ तमन्ना व बबली की मां रोशनी को घर के अंदर ही सिर में गोली मार दी गई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए बबलू के इकलौते बेटे 20 वर्षीय अभिषेक उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया था। अभिषेक तभी से न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद है।
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अभिषेक ने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी। मामले में पहले रोहतक पुलिस की एसआईटी ने जांच की थी। इसके बाद स्टेट क्राइम ब्रांच ने 12 सितंबर को सहायक आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। बचाव पक्ष की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर करके सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट का निर्णय आने से पहले डीजीपी ने स्टेट क्राइम ब्रांच के बाद स्पेशल टॉस्क फोर्स को जांच सौंपी थी, जिसके इंचार्ज आईजीपी बी सतीश बालन हैं। अब हाईकोर्ट ने भी एसटीएफ से जांच पर सहमति दे दी है।
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डीजीपी ने स्टेट क्राइम ब्रांच के बाद एसटीएफ से जांच का निर्णय लिया था, जिसे हाईकोर्ट ने भी सहमति दे दी है। पुलिस व स्टेट क्राइम ब्रांच अपनी चार्जशीट दाखिल कर चुकी हैं। अब एसटीएफ की चार्जशीट के बाद ही आरोप तय हो सकेंगे। मंगलवार को एएसजे डॉक्टर गगनगीत की कोर्ट में याचिका दायर करके केस से जुड़े लोगों की मोबाइल की टावर लोकेशन मांगी गई है। अदालत ने 14 अक्तूबर की तारीख तय की है। -एडवोकेट शिवराज मलिक, वकील, बचाव पक्ष।
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