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आगे आगे कुलपति, पीछे-पीछे नकल
रोहतक
Updated Sun, 11 May 2014 02:54 AM IST
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एमडीयू की शनिवार से शुरू हुई यूजी-पीजी की सेमेस्टर परीक्षाओं में पहले ही दिन जमकर नकल हुई। नकल करने और कराने वाले इतने बेखौफ थे कि कुलपति के निरीक्षण करके जाने के बाद ही खिड़कियों से किताबों के जरिये जमकर नकल हुई।
हालत यहां तक पहुंचे कि जाट कॉलेज की लाइब्रेरी हॉल में परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों का पेपर ही कैंसल कर दिया गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने समय पर नहीं पहुंचने वाले उड़नदस्ते के खिलाफ भी कार्रवाई करने की बात कही है।
शनिवार (10 मई) से यूनिवर्सिटी की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हुई।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परीक्षा से पहले ही पुख्ता तैयारियों केदावे किए थे, लेकिन शहर में ही इन दावों की पोल खुल गई। यूनिवर्सिटी के नजदीक स्थिति जाट कॉलेज में सुबह पहले पेपर से ही जमकर नकल होती रही। लेकिन न उड़नदस्ता पहुंचा और न ही कॉलेज प्रशासन ने इस पर कोई लगाम लगाई।
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ऐसे में नकल का खेल दिन भर चलता रहा। नकल के मामले दूसरे कई सेंटरों में भी सामने आए हैं। बताया जाता है कि सुबह की शिफ्ट में हिंदी का पेपर था। लेकिन परीक्षार्थी हिंदी का पेपर भी अपने दम पर नहीं कर पाए। ऐसे में नकल के लिए सहयोगियों की मदद ली। जाट कॉलेज में तो नजारा ही अलग था।
परीक्षार्थी अंदर पेपर दे रहे थे और उनके मददगार किताबें लेकर खिड़कियों में खड़े थे। हर प्रश्न का जवाब वे खिड़कियों से ही बताते रहे। जरूरत पड़ी तो पर्चियां भी बना-बना कर अंदर दी। कुलपति ने परीक्षा शुरू होने से पहले सभी कॉलेजों के प्रतिनिधियों को संदेश दिया था कि हर सेंटर ऐसी व्यवस्था की जाए ताकि सेंटर नकल मुक्त हो सके।
लेकिन एक तरह कुलपति चहल निरीक्षण करने जिस कॉलेज में गए वहीं जमकर नकल होती रही। परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधू ने बताया कि जाट कॉलेज में लाइब्रेरी के हॉल में भी परीक्षार्थियों को बैठाया गया था। शाम की शिफ्ट में अंग्रेजी केपेपर में यहां नकल की शिकायत मिली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जाट कॉलेज की लाइब्रेरी हॉल में हुए पेपर को कैंसल कर दिया गया है। हालांकि परीक्षा नियंत्रक ने फिलहाल इस मामले में ज्यादा कुछ बताने से इनकार कर दिया लेकिन पेपर कैंसल करने से पूरी परीक्षा सेंटरों पर नकल रोकने के इंतजामों को पोल जरूर खुल गई है।
खास बात यह है कि ऐसा तब हुआ जब इसी कॉलेज में सुबह कुलपति एचएस चहल ने निरीक्षण किया था, निरीक्षण के समय भी यहां न नकल करने वालों पर असर हुआ न कराने वालों पर। परीक्षा नियंत्रक डॉ. सिंधू ने बताया कि उड़नदस्तों की टीम को नकल रोकने के लिए समय पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे।
लेकिन जाट कॉलेज में टीम समय पर पहुंची ही नहीं। उन्होंने बताया कि इस उड़नदस्ते की टीम पर भी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या कार्रवाई की जाएगी। नकल के मामले सामने आने के बाद और कुछ विद्यार्थियों का पेपर कैंसल करने के बाद परीक्षा नियंत्रक ने सभी उड़नदस्तों की टीम को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि सभी को समय पर पहुंचने केनिर्देश दिए गए हैं। साथ ही नकल के मामले सामने आने पर तुरंत यूनिवर्सिटी प्रशासन को अवगत कराने के भी निर्देश दिए हैं।
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हालत यहां तक पहुंचे कि जाट कॉलेज की लाइब्रेरी हॉल में परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों का पेपर ही कैंसल कर दिया गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने समय पर नहीं पहुंचने वाले उड़नदस्ते के खिलाफ भी कार्रवाई करने की बात कही है।
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शनिवार (10 मई) से यूनिवर्सिटी की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हुई।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परीक्षा से पहले ही पुख्ता तैयारियों केदावे किए थे, लेकिन शहर में ही इन दावों की पोल खुल गई। यूनिवर्सिटी के नजदीक स्थिति जाट कॉलेज में सुबह पहले पेपर से ही जमकर नकल होती रही। लेकिन न उड़नदस्ता पहुंचा और न ही कॉलेज प्रशासन ने इस पर कोई लगाम लगाई।
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ऐसे में नकल का खेल दिन भर चलता रहा। नकल के मामले दूसरे कई सेंटरों में भी सामने आए हैं। बताया जाता है कि सुबह की शिफ्ट में हिंदी का पेपर था। लेकिन परीक्षार्थी हिंदी का पेपर भी अपने दम पर नहीं कर पाए। ऐसे में नकल के लिए सहयोगियों की मदद ली। जाट कॉलेज में तो नजारा ही अलग था।
परीक्षार्थी अंदर पेपर दे रहे थे और उनके मददगार किताबें लेकर खिड़कियों में खड़े थे। हर प्रश्न का जवाब वे खिड़कियों से ही बताते रहे। जरूरत पड़ी तो पर्चियां भी बना-बना कर अंदर दी। कुलपति ने परीक्षा शुरू होने से पहले सभी कॉलेजों के प्रतिनिधियों को संदेश दिया था कि हर सेंटर ऐसी व्यवस्था की जाए ताकि सेंटर नकल मुक्त हो सके।
लेकिन एक तरह कुलपति चहल निरीक्षण करने जिस कॉलेज में गए वहीं जमकर नकल होती रही। परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधू ने बताया कि जाट कॉलेज में लाइब्रेरी के हॉल में भी परीक्षार्थियों को बैठाया गया था। शाम की शिफ्ट में अंग्रेजी केपेपर में यहां नकल की शिकायत मिली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जाट कॉलेज की लाइब्रेरी हॉल में हुए पेपर को कैंसल कर दिया गया है। हालांकि परीक्षा नियंत्रक ने फिलहाल इस मामले में ज्यादा कुछ बताने से इनकार कर दिया लेकिन पेपर कैंसल करने से पूरी परीक्षा सेंटरों पर नकल रोकने के इंतजामों को पोल जरूर खुल गई है।
खास बात यह है कि ऐसा तब हुआ जब इसी कॉलेज में सुबह कुलपति एचएस चहल ने निरीक्षण किया था, निरीक्षण के समय भी यहां न नकल करने वालों पर असर हुआ न कराने वालों पर। परीक्षा नियंत्रक डॉ. सिंधू ने बताया कि उड़नदस्तों की टीम को नकल रोकने के लिए समय पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे।
लेकिन जाट कॉलेज में टीम समय पर पहुंची ही नहीं। उन्होंने बताया कि इस उड़नदस्ते की टीम पर भी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या कार्रवाई की जाएगी। नकल के मामले सामने आने के बाद और कुछ विद्यार्थियों का पेपर कैंसल करने के बाद परीक्षा नियंत्रक ने सभी उड़नदस्तों की टीम को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि सभी को समय पर पहुंचने केनिर्देश दिए गए हैं। साथ ही नकल के मामले सामने आने पर तुरंत यूनिवर्सिटी प्रशासन को अवगत कराने के भी निर्देश दिए हैं।