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वैश्य संस्था का विवाद : महासचिव ने भाई को भेजा नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 15 Oct 2016 01:56 AM IST
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वैश्य संस्था
- फोटो : file photo
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नई गवर्निंग बॉडी के बाद भी वैश्य शिक्षण संस्था का विवाद नहीं थम रहा है। अब गवर्निंग बॉडी के महासचिव विजय गुप्ता ने आरोपों की सचाई जानने के लिए अपने छोटे भाई कॉलेजियम सदस्य अजय गुप्ता को नोटिस जारी किया है। जबकि बेटे आलोक गुप्ता के संबंध में प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया है। वहीं, वैश्य कॉलेज में पिछले दिनों हुई नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए शुक्रवार को एक सूची सोशल मीडिया पर वायरल की गई है। इसमें 13 लोगों की नियुक्तियों को कटघरे में खड़ा किया गया है, इसमें 11 महिलाएं शामिल हैं।
वैश्य शिक्षण संस्था में पिछले कई दिनों से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। वैश्य कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके गुप्ता ने कॉलेजियम सदस्य अजय गुप्ता पर संस्था का मकान खाली नहीं करने का आरोप लगाया था। जबकि वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत आलोक गुप्ता पर लाखों रुपये की रिकवरी नहीं देने के आरोप लगाए थे।
इन आरोपों के संबंध में अब गवर्निंग बॉडी के महासचिव विजय गुप्ता की तरफ से अजय गुप्ता को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने अजय गुप्ता की पत्नी मीनू गुप्ता के नाम पर आवंटित संस्था के आवास की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। नोटिस के जवाब में अजय गुप्ता की तरफ से तुरंत जवाब दे दिया गया। अजय गुप्ता ने जवाब दिया है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। वह नियमानुसार ही आवास में रह रहे हैं।
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कॉलेजियम सदस्य अजय गुप्ता के अलावा महासचिव की तरफ से वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य को भी नोटिस भेजकर कॉलेज में कार्यरत आलोक गुप्ता की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। हालांकि, अभी तक आलोक गुप्ता की स्टेटस रिपोर्ट महासचिव को नहीं मिली है। लेकिन इन नोटिस के जारी होने के बाद मामला और पेचीदा होता दिखाई दे रहा है।
संस्था का हित पहले, परिवार बाद में : महासचिव
महासचिव विजय गुप्ता का कहना है कि लोगों ने उन्हें संस्था के हित के लिए चुना है। ऐसे में वह हमेशा संस्था के हित में कार्य करेंगे। अजय गुप्ता मेरे छोटे भाई हैं और आलोक गुप्ता मेरा बेटा है, लेकिन दोनों पर जो आरोप लगे हैं उस मामले में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, जिससे मामले की सचाई सामने आ सके।
17 अक्तूबर की मीटिंग में न गिर जाए गाज
गवर्निंग बॉडी ने 17 अक्तूबर को मीटिंग बुलाई है। इसका मुख्य उद्देश्य संस्था के विवाद का निपटारा ही रहेगा। सूत्रों की मानें तो इसके अलावा संस्था से जुड़े कुछ लोगों पर गाज गिरने की चर्चा है। हालांकि, गवर्निंग बॉडी के प्रधान राजेंद्र बंसल संस्था में चल रहे विवाद से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि आपस में कुछ मतभेद थे, जिन्हें दूर कर दिया गया है। अब संस्था में कोई विवाद नहीं है।
वैश्य कॉलेज में 13 लोगों की नियुक्ति पर सवाल, लिस्ट वायरल
रोहतक। वैश्य शिक्षण संस्था में चल रहे विवाद के बीच एक नया मामला सामने आ गया है। इसी सत्र के शुरुआत में वैश्य कॉलेज में करीब 30 गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति हुई थी। उस समय आरोप लगे थे कि नियमों को ताक पर रखकर इनकी नियुक्ति की गई है। लेकिन उस समय मामले को दबा दिया गया था।
वैश्य कॉलेज में लगाए गए गेस्ट फैकल्टी की एक सूची वायरल हुई है, जिसमें 13 गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति पर सवाल उठाए गए हैं। इनमें 11 महिलाएं शामिल हैं। सोशल मीडिया पर वायरल सूची में फैकल्टी का नाम, सब्जेक्ट, नियुक्ति की तिथि, योग्यता और उनकी तनख्वाह को भी दर्शाया गया है। आरोप है कि बिना योग्यता के कुछ लोगों को नौकरी पर रखा गया है। सूत्रों का दावा है कि यदि इन लोगों की योग्यता को जांचा गया तो इनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है।
कॉलेजियम सदस्य ने प्रधान के बयान पर किया पलटवार
कॉलेजियम सदस्य सुरेश गुप्ता ने प्रधान राजेंद्र बंसल के बयान पर पलटवार किया है। उनका कहना है कि प्रधान ने बयान दिया है कि कुछ लोग अपनी हार नहीं पचा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान को हार-जीत से ज्यादा संस्था के हित पर ध्यान देना चाहिए। हार-जीत जिंदगी का पहलू है। इस पर समय व्यर्थ न करें।
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वैश्य शिक्षण संस्था में पिछले कई दिनों से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। वैश्य कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके गुप्ता ने कॉलेजियम सदस्य अजय गुप्ता पर संस्था का मकान खाली नहीं करने का आरोप लगाया था। जबकि वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत आलोक गुप्ता पर लाखों रुपये की रिकवरी नहीं देने के आरोप लगाए थे।
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इन आरोपों के संबंध में अब गवर्निंग बॉडी के महासचिव विजय गुप्ता की तरफ से अजय गुप्ता को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने अजय गुप्ता की पत्नी मीनू गुप्ता के नाम पर आवंटित संस्था के आवास की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। नोटिस के जवाब में अजय गुप्ता की तरफ से तुरंत जवाब दे दिया गया। अजय गुप्ता ने जवाब दिया है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। वह नियमानुसार ही आवास में रह रहे हैं।
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कॉलेजियम सदस्य अजय गुप्ता के अलावा महासचिव की तरफ से वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य को भी नोटिस भेजकर कॉलेज में कार्यरत आलोक गुप्ता की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। हालांकि, अभी तक आलोक गुप्ता की स्टेटस रिपोर्ट महासचिव को नहीं मिली है। लेकिन इन नोटिस के जारी होने के बाद मामला और पेचीदा होता दिखाई दे रहा है।
संस्था का हित पहले, परिवार बाद में : महासचिव
महासचिव विजय गुप्ता का कहना है कि लोगों ने उन्हें संस्था के हित के लिए चुना है। ऐसे में वह हमेशा संस्था के हित में कार्य करेंगे। अजय गुप्ता मेरे छोटे भाई हैं और आलोक गुप्ता मेरा बेटा है, लेकिन दोनों पर जो आरोप लगे हैं उस मामले में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, जिससे मामले की सचाई सामने आ सके।
17 अक्तूबर की मीटिंग में न गिर जाए गाज
गवर्निंग बॉडी ने 17 अक्तूबर को मीटिंग बुलाई है। इसका मुख्य उद्देश्य संस्था के विवाद का निपटारा ही रहेगा। सूत्रों की मानें तो इसके अलावा संस्था से जुड़े कुछ लोगों पर गाज गिरने की चर्चा है। हालांकि, गवर्निंग बॉडी के प्रधान राजेंद्र बंसल संस्था में चल रहे विवाद से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि आपस में कुछ मतभेद थे, जिन्हें दूर कर दिया गया है। अब संस्था में कोई विवाद नहीं है।
वैश्य कॉलेज में 13 लोगों की नियुक्ति पर सवाल, लिस्ट वायरल
रोहतक। वैश्य शिक्षण संस्था में चल रहे विवाद के बीच एक नया मामला सामने आ गया है। इसी सत्र के शुरुआत में वैश्य कॉलेज में करीब 30 गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति हुई थी। उस समय आरोप लगे थे कि नियमों को ताक पर रखकर इनकी नियुक्ति की गई है। लेकिन उस समय मामले को दबा दिया गया था।
वैश्य कॉलेज में लगाए गए गेस्ट फैकल्टी की एक सूची वायरल हुई है, जिसमें 13 गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति पर सवाल उठाए गए हैं। इनमें 11 महिलाएं शामिल हैं। सोशल मीडिया पर वायरल सूची में फैकल्टी का नाम, सब्जेक्ट, नियुक्ति की तिथि, योग्यता और उनकी तनख्वाह को भी दर्शाया गया है। आरोप है कि बिना योग्यता के कुछ लोगों को नौकरी पर रखा गया है। सूत्रों का दावा है कि यदि इन लोगों की योग्यता को जांचा गया तो इनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है।
कॉलेजियम सदस्य ने प्रधान के बयान पर किया पलटवार
कॉलेजियम सदस्य सुरेश गुप्ता ने प्रधान राजेंद्र बंसल के बयान पर पलटवार किया है। उनका कहना है कि प्रधान ने बयान दिया है कि कुछ लोग अपनी हार नहीं पचा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान को हार-जीत से ज्यादा संस्था के हित पर ध्यान देना चाहिए। हार-जीत जिंदगी का पहलू है। इस पर समय व्यर्थ न करें।