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वैश्य संस्था में प्रधानी का चुनाव आज, दो गुट होंगे आमने-सामने
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 15 Jul 2016 02:45 AM IST
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98 कॉलेजियम सदस्य डालेंगे वोट, गवर्निंग बॉडी के 21 सदस्यों के लिए होगा चुनाव, 5 पदाधिकारी भी चुने जाएंगे
- फोटो : amar ujala
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लंबी जद्दोजहद और विवादों में फंसी वैश्य संस्था में आखिरकार प्रधान चुनने का दिन आ गया। शुक्रवार को 21 सदस्यीय गवर्निंग बॉडी का चुनाव होगा, जिसमें 5 पदाधिकारी भी चुने जाएंगे। 98 कॉलेजियम सदस्य गवर्निंग बॉडी के लिए वोट डालेंगे। चुनाव को लेकर फिलहाल दो गुट आमने-सामने हैं। सुबह शुरु होने वाले नामांकन के बाद दिन भर चुनाव प्रक्रिया चलेगी और देर शाम तक परिणाम भी घोषित कर दिया जाएगा।
चुनाव अधिकारी अरविंद मल्हान ने बताया कि वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य कक्ष में नामांकन सुबह 8 से 10 बजे तक होंगे। 10 से 11 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच और 11:30 से 12 बजे तक नाम वापस हो सकेंगे। एक बजे प्रत्याशियों की सूची जारी कर दो बजे तक चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। 3 से 6 बजे तक 6 बूथ पर मतदान होगा। हरेक बूथ पर दो-दो पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। स्कूल के मैन गेट से लेकर अन्य स्थानों लगभग 80 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
ये दावेदार मैदान में
चुनाव को लेकर अभी तक दो गुट दावेदारी पेश कर रहे हैं। एक गुट से राजेंद्र बंसल प्रधान, विजय जैन उप प्रधान, सचिव राजीव गर्ग बेरी वाले, कोषाध्यक्ष लोकेश जैन और सहसचिव पद पर संजय भालौठिया मैदान में होंगे। दूसरे गुट से पवन खरकिया प्रधान, सुभाष गुप्ता उप प्रधान, विजय गुप्ता बाबा महामंत्री, कोषाध्यक्ष विकास गोयल और सहसचिव पद पर मनीष जैन को उतारा गया है।
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एक साल बाद मिलेगा मुखिया
लंबे समय से विवादों में घिरी वैश्य संस्था को शुक्रवार को मुखिया मिल जाएगा। पिछले हालातों को देखते हुए कॉलेजियम सदस्य भी काफी सोच-विचार के बाद ही मुखिया चुनने के मूड में हैं। खास बात यह होगी कि मुखिया का ताज केवल एक साल के लिए ही सजेगा। क्योंकि पिछले वर्ष कार्यकाल के बीच में भंग हुई गवर्निंग बॉडी के बाद अब कॉलेजियम सदस्यों का कार्यकाल जुलाई 2017 तक ही बचा है। यानि कि एक साल की सत्ता कब्जाने के लिए संस्था में पूरे दांव-पेंच लड़ाए जाएंगे। 98 कॉलेजियम सदस्य जहां गवर्निंग बॉडी को चुनेंगे तो वहीं उनकी सपोर्ट में संस्था के आजीवन सदस्य भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कुछ यूं भंग हुई थी गवर्निंग बॉडी
2014 में संस्था का कॉलेजियम चुनाव करवाया गया। इसके बाद 21 पदाधिकारियों का चुनाव और 15 जुलाई 2014 को गवर्निंग बॉडी बना दी गई। पिछले वर्ष 24 मई को गवर्निंग बॉडी ने कॉलेजियम सदस्यों की मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग से एक घंटा पहले गवर्निंग बॉडी के पदाधिकारियों की तरफ से मैसेज भेजा गया कि मीटिंग को स्थगित कर दिया गया। इसके बाद कॉलेजियम सदस्यों ने मीटिंग कर गवर्निंग बॉडी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कर दिया था। हालांकि प्रधान मनमोहन गोयल ने मीटिंग से घंटेभर पहले ही इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सरकार ने अगस्त में संस्था में प्रशासक नियुक्त कर दिया था।
... तो 8 अप्रैल को हो जाता संस्था का चुनाव
गवर्निंग बॉडी के भंग होने के बाद लगातार चुनाव की मांग उठ रही थी। इसी वर्ष अप्रैल में भी चुनाव शेड्यूल जारी किया गया, लेकिन कॉलेजियम सदस्य विनय आर्य ने हाईकोर्ट में मामला डाल दिया। इसके बाद संस्था का चुनाव शेड्यूल स्थगित कर दिया गया। इसके अलावा भी संस्था में कई बार चुनाव को लेकर सरगर्मियां शुरु हुई थी।
यह है संस्था का इतिहास
वैश्य संस्था की नींव राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने वर्ष 1921 में रखी। संस्था के 13 स्कूल-कॉलेज व अन्य संस्था में हैं, जिसमें लगभग 16 हजार वोटर हैं। अभी तक संस्था में 105 कॉलेजियम सदस्य थे, लेकिन 7 सदस्यों की सदस्यता खत्म होने के बाद अब 98 सदस्य बचे हैं। सभी संस्थानों में मिलाकर लगभग एक हजार से अधिक शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं।
इन विवादों के साथ बीता 2015-16
- अगस्त 2015 में गवर्निंग बॉडी को भंग कर दिया गया।
- संस्था के स्कूल-कॉलेजों में कार्यरत 100 से अधिक कर्मियों को नौकरी से निकाला गया।
- कॉलेज में लगे स्टाफ को कई माह से तनख्वाह नहीं मिली।
- वीआईएमटी स्टाफ को नौकरी से बाहर निकालकर संस्थान ही बंद कर दिया गया।
- कई लोगों को नौकरी से बाहर कर करोड़ों से अधिक की रिकवरी के नोटिस जारी किए गए हैं। आरोप है कि इनकी भर्ती नियमित नहंी थी।
- महात्मा गांधी और लाला लाजपत राय फंड के नाम पर लाखों के घोटालें का भंडाफोड़।
- दो पूर्व प्रधान समेत सात कॉलेजियम की सदस्यता खत्म कर दी गई।
नोट : कुछ कॉलेजियम सदस्यों की सदस्यता का मामला अभी सोसायटी रजिस्ट्रार के पास विचाराधीन है।
हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना, जाऊंगा कोर्ट : विनय आर्य
प्रशासक की तरफ से भले ही शुक्रवार को संस्था का चुनाव होना हो, लेकिन इस पूरे मामले को लेकर संस्था के कॉलेजियम सदस्य विनय आर्य एक बार फिर सामने आ गए हैं। उनका कहना है कि सुरेश गुप्ता की याचिका पर हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं, लेकिन फिर भी प्रशासक इतनी जल्दी में चुनाव करा रहे हैं। यह सरासर गलत है। यह हाईकोर्ट के आदेशों के अवहेलना है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में जाऊंगा।
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चुनाव अधिकारी अरविंद मल्हान ने बताया कि वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य कक्ष में नामांकन सुबह 8 से 10 बजे तक होंगे। 10 से 11 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच और 11:30 से 12 बजे तक नाम वापस हो सकेंगे। एक बजे प्रत्याशियों की सूची जारी कर दो बजे तक चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। 3 से 6 बजे तक 6 बूथ पर मतदान होगा। हरेक बूथ पर दो-दो पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। स्कूल के मैन गेट से लेकर अन्य स्थानों लगभग 80 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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ये दावेदार मैदान में
चुनाव को लेकर अभी तक दो गुट दावेदारी पेश कर रहे हैं। एक गुट से राजेंद्र बंसल प्रधान, विजय जैन उप प्रधान, सचिव राजीव गर्ग बेरी वाले, कोषाध्यक्ष लोकेश जैन और सहसचिव पद पर संजय भालौठिया मैदान में होंगे। दूसरे गुट से पवन खरकिया प्रधान, सुभाष गुप्ता उप प्रधान, विजय गुप्ता बाबा महामंत्री, कोषाध्यक्ष विकास गोयल और सहसचिव पद पर मनीष जैन को उतारा गया है।
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एक साल बाद मिलेगा मुखिया
लंबे समय से विवादों में घिरी वैश्य संस्था को शुक्रवार को मुखिया मिल जाएगा। पिछले हालातों को देखते हुए कॉलेजियम सदस्य भी काफी सोच-विचार के बाद ही मुखिया चुनने के मूड में हैं। खास बात यह होगी कि मुखिया का ताज केवल एक साल के लिए ही सजेगा। क्योंकि पिछले वर्ष कार्यकाल के बीच में भंग हुई गवर्निंग बॉडी के बाद अब कॉलेजियम सदस्यों का कार्यकाल जुलाई 2017 तक ही बचा है। यानि कि एक साल की सत्ता कब्जाने के लिए संस्था में पूरे दांव-पेंच लड़ाए जाएंगे। 98 कॉलेजियम सदस्य जहां गवर्निंग बॉडी को चुनेंगे तो वहीं उनकी सपोर्ट में संस्था के आजीवन सदस्य भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कुछ यूं भंग हुई थी गवर्निंग बॉडी
2014 में संस्था का कॉलेजियम चुनाव करवाया गया। इसके बाद 21 पदाधिकारियों का चुनाव और 15 जुलाई 2014 को गवर्निंग बॉडी बना दी गई। पिछले वर्ष 24 मई को गवर्निंग बॉडी ने कॉलेजियम सदस्यों की मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग से एक घंटा पहले गवर्निंग बॉडी के पदाधिकारियों की तरफ से मैसेज भेजा गया कि मीटिंग को स्थगित कर दिया गया। इसके बाद कॉलेजियम सदस्यों ने मीटिंग कर गवर्निंग बॉडी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कर दिया था। हालांकि प्रधान मनमोहन गोयल ने मीटिंग से घंटेभर पहले ही इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सरकार ने अगस्त में संस्था में प्रशासक नियुक्त कर दिया था।
... तो 8 अप्रैल को हो जाता संस्था का चुनाव
गवर्निंग बॉडी के भंग होने के बाद लगातार चुनाव की मांग उठ रही थी। इसी वर्ष अप्रैल में भी चुनाव शेड्यूल जारी किया गया, लेकिन कॉलेजियम सदस्य विनय आर्य ने हाईकोर्ट में मामला डाल दिया। इसके बाद संस्था का चुनाव शेड्यूल स्थगित कर दिया गया। इसके अलावा भी संस्था में कई बार चुनाव को लेकर सरगर्मियां शुरु हुई थी।
यह है संस्था का इतिहास
वैश्य संस्था की नींव राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने वर्ष 1921 में रखी। संस्था के 13 स्कूल-कॉलेज व अन्य संस्था में हैं, जिसमें लगभग 16 हजार वोटर हैं। अभी तक संस्था में 105 कॉलेजियम सदस्य थे, लेकिन 7 सदस्यों की सदस्यता खत्म होने के बाद अब 98 सदस्य बचे हैं। सभी संस्थानों में मिलाकर लगभग एक हजार से अधिक शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं।
इन विवादों के साथ बीता 2015-16
- अगस्त 2015 में गवर्निंग बॉडी को भंग कर दिया गया।
- संस्था के स्कूल-कॉलेजों में कार्यरत 100 से अधिक कर्मियों को नौकरी से निकाला गया।
- कॉलेज में लगे स्टाफ को कई माह से तनख्वाह नहीं मिली।
- वीआईएमटी स्टाफ को नौकरी से बाहर निकालकर संस्थान ही बंद कर दिया गया।
- कई लोगों को नौकरी से बाहर कर करोड़ों से अधिक की रिकवरी के नोटिस जारी किए गए हैं। आरोप है कि इनकी भर्ती नियमित नहंी थी।
- महात्मा गांधी और लाला लाजपत राय फंड के नाम पर लाखों के घोटालें का भंडाफोड़।
- दो पूर्व प्रधान समेत सात कॉलेजियम की सदस्यता खत्म कर दी गई।
नोट : कुछ कॉलेजियम सदस्यों की सदस्यता का मामला अभी सोसायटी रजिस्ट्रार के पास विचाराधीन है।
हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना, जाऊंगा कोर्ट : विनय आर्य
प्रशासक की तरफ से भले ही शुक्रवार को संस्था का चुनाव होना हो, लेकिन इस पूरे मामले को लेकर संस्था के कॉलेजियम सदस्य विनय आर्य एक बार फिर सामने आ गए हैं। उनका कहना है कि सुरेश गुप्ता की याचिका पर हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं, लेकिन फिर भी प्रशासक इतनी जल्दी में चुनाव करा रहे हैं। यह सरासर गलत है। यह हाईकोर्ट के आदेशों के अवहेलना है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में जाऊंगा।