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Rohtak News: कम बारिश ने बढ़ाई गन्ना किसानों की चिंता, चीनी की रिकवरी हो सकती है कम
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फोटो - खेत में गन्ने की फसल का निरीक्षण करते हुए गन्ना विशेषज्ञ। स्रोत - प्रवक्ता
गोहाना। क्षेत्र में इस बार सामान्य से कम बारिश होने से गन्ने की फसल पर असर पड़ने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश की कमी से गन्ने की बढ़वार और मिठास प्रभावित हो सकती है। इसका असर आगामी पेराई सत्र में चीनी की रिकवरी पर भी पड़ सकता है। स्थिति को देखते हुए गन्ना विशेषज्ञ खेतों में फसल का निरीक्षण कर किसानों को उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जरूरी प्रशिक्षण दे रहे हैं।
क्षेत्र में इस समय 1270 किसानों ने 11,100 एकड़ में गन्ने की फसल लगाई है। आहुलाना गांव स्थित सहकारी चीनी मिल में क्षेत्र के 111 गांवों के किसान गन्ना डालते हैं। मिल प्रबंधन की ओर से खेतों में जाकर फसल की स्थिति देखी जा रही है। किसानों को गन्ने में लगने वाले रोगों और हानिकारक कीटों की पहचान व रोकथाम की जानकारी भी दी जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पानी की कमी से गन्ने की बढ़वार रुक सकती है। इससे अंतर-गांठों की लंबाई कम रह जाती है और पौधे की पत्तियां मुड़ने लगती हैं। समय पर सिंचाई और फसल की उचित देखभाल से नुकसान को कम किया जा सकता है।
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गन्ने का रकबा बढ़ाकर 18 हजार करने का लक्ष्य
क्षेत्र में गन्ने का रकबा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में 8,727 एकड़ में गन्ने की खेती हुई थी। पिछले वर्ष यह बढ़कर 9,468 एकड़ हो गया। इस बार 11,100 एकड़ में फसल लगी है। बढ़ते रकबे को देखते हुए अधिकारियों ने आगामी सीजन में गन्ने की खेती का क्षेत्र बढ़ाकर 18 हजार एकड़ करने का लक्ष्य रखा है।
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इस बार बारिश सामान्य से कम हुई है। इससे गन्ने की फसल प्रभावित होने की आशंका है। विशेषज्ञों के साथ खेतों में जाकर फसल का निरीक्षण किया जा रहा है। किसानों को कम बारिश और कीटों से फसल को बचाने के उपाय बताए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
धर्मबीर, केन मैनेजर, सहकारी चीनी मिल, आहुलाना
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क्षेत्र में इस समय 1270 किसानों ने 11,100 एकड़ में गन्ने की फसल लगाई है। आहुलाना गांव स्थित सहकारी चीनी मिल में क्षेत्र के 111 गांवों के किसान गन्ना डालते हैं। मिल प्रबंधन की ओर से खेतों में जाकर फसल की स्थिति देखी जा रही है। किसानों को गन्ने में लगने वाले रोगों और हानिकारक कीटों की पहचान व रोकथाम की जानकारी भी दी जा रही है।
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पानी की कमी से गन्ने की बढ़वार रुक सकती है। इससे अंतर-गांठों की लंबाई कम रह जाती है और पौधे की पत्तियां मुड़ने लगती हैं। समय पर सिंचाई और फसल की उचित देखभाल से नुकसान को कम किया जा सकता है।
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गन्ने का रकबा बढ़ाकर 18 हजार करने का लक्ष्य
क्षेत्र में गन्ने का रकबा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में 8,727 एकड़ में गन्ने की खेती हुई थी। पिछले वर्ष यह बढ़कर 9,468 एकड़ हो गया। इस बार 11,100 एकड़ में फसल लगी है। बढ़ते रकबे को देखते हुए अधिकारियों ने आगामी सीजन में गन्ने की खेती का क्षेत्र बढ़ाकर 18 हजार एकड़ करने का लक्ष्य रखा है।
इस बार बारिश सामान्य से कम हुई है। इससे गन्ने की फसल प्रभावित होने की आशंका है। विशेषज्ञों के साथ खेतों में जाकर फसल का निरीक्षण किया जा रहा है। किसानों को कम बारिश और कीटों से फसल को बचाने के उपाय बताए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
धर्मबीर, केन मैनेजर, सहकारी चीनी मिल, आहुलाना