को-वैक्सीन रिसर्च के तीसरे फेज में पहली बार वीवीआईपी बतौर वालंटियर शामिल हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के बाद शनिवार को पीजीआईएमएस रोहतक में विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र कुमार कुमार, एलपीएस बोसार्ड के निदेशक राजेश जैन, मेयर मनमोहन गोयल के भाई राकेश गोयल ने वैक्सीन लगवाई है। यही नहीं इस बार संस्थान के कई डॉक्टरों व उनके परिवार के लोगों को भी रिसर्च में शामिल किया गया है।
रिसर्च के को-इन्वेस्टिगेट डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि कोरोना वैश्विक महामारी है। हर व्यक्ति इस संक्रमण से लड़ रहा है। ऐसा पूरे विश्व में कहीं नहीं हुआ कि कोई मंत्री या कोई वीवीआईपी कोरोना से बचाव के लिए तैयार हो रही वैक्सीन की रिसर्च का हिस्सा बना हो। डॉक्टर पहले भी मानवता के लिए रिसर्च का हिस्सा बनने को तैयार थे, लेकिन अनुमति न होने के चलते पहले दो ट्रायल में शामिल नहीं हो पाए। अब तीसरे ट्रायल में जब अनुमति मिली है तो हमारे साथी भी को-वैक्सीन लगवा कर रिसर्च का हिस्सा बन गए हैं। शनिवार को कुलपति डॉ. ओपी कालरा की उपस्थिति में डॉ. सुरेंद्र कुमार जैन, राजेश जैन ने वैक्सीन लगवाई है। दोनों ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अभी खतरा टला नहीं है। सामाजिक दूरी बनाए रखने के साथ मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग करें। डॉ. वर्मा ने बताया कि अभी तक 30 वालंटियरों को को-वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। अब सोमवार को अन्य वालंटियरों को डोज दी जाएगी। गौरतलब है कि शनिवार को एक 70 साल के बुजुर्ग भी रिसर्च में शामिल हुए हैं। इसके लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष है।